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मौनी सोमवती अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं पांडू पिंडारा तीर्थ में लगाई आस्था की डुबकी

Mon, 04 Feb 2019 11:32 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:32 PM IST
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मौनी सोमवती अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं पांडू पिंडारा तीर्थ में लगाई आस्था की डुबकी
सोमवती अमावस्या पर पांडु पिंडारा तीर्थ में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सोमवती अमावस्या के मौके पर सोमवार को पांडु-पिंडारा गांव स्थित सोम तीर्थ में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया और अल सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने स्नान व पिंडदान शुरू कर दिया। पिंड तारक तीर्थ पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। वहीं इस बार पुलिस प्रशासन भी काफी मुस्तैद नजर आया, इसके चलते गोहाना बाईपास से पांडु-पिंडारा तक वाहनों की भीड़ तो लगी रही, लेकिन जाम की स्थिति नहीं बनी।
सोमवती अमावस्या के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को शाम से ही पिंडारा गांव पहुंचनी शुरू हो गई। रविवार रात भर धर्मशालाओं में सत्संग व भजन चलते रहे। अल सुबह चार बजे से ही लोगों ने कड़ाके की ठंड के बीच स्नान व पिंडदान शुरू कर दिया। सोमवार की सुबह कड़ाके की ठंड में तीर्थ में स्नान किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ डटी हुई थी। श्रद्धालुओं ने पिंड तारक तीर्थ की परिक्रमा की। सुबह से ही हल्की धुंध भी छाई रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। तीर्थ में इस बार पानी साफ और पर्याप्त रहा। इससे श्रद्धालुओं में काफी खुशी देखी गई। गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के मौके पर दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु पांडु पिंडारा अपने पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए पिंडदान करने पहुंचते हैं। इस मौके पर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए और बाहर से आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर बनाई रखी।
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महाभारत कालीन जुड़ा है यह तीर्थ
मान्यता है कि पिंड तारक तीर्थ महाभारत से जुड़ा है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक मौनी अमावस्या का इंतजार किया, लेकिन कोई सोमवती अमावस्या का संयोग नहीं बना। इस पर पांडवों ने अमावस्या को श्राप दिया था कि वह कलयुग में बार-बार आएगी। महाभारत कालीन मान्यताओं के आधार पर ही यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। विभिन्न राज्यों से लोग पिंडदान करने के लिए यहां आते हैं।
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इस बार पिंडारा तीर्थ मेले में पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस दिखाई दे रहा है। सुरक्षा के लिए तीर्थ पर ही अस्थायी चौकी खोली गई और काफी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। तीर्थ स्थल पर ज्यादा भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस द्वारा वाहनों की पार्किंग तीर्थ स्थल काफ दूर करवाई गई। कोई श्रद्धालु स्नान करते समय तीर्थ में डूबे इसके बचाव के लिए कई गोताखोर घाटों पर दिन भर मुस्तैद रहे।

तीर्थ पर नहीं रखे पिंडदान के ड्रम
मौनी अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पिंडदान करते हैं। इसको लेकर पिछले कुछ समय से प्रशासन ने व्यवस्था की थी कि घाटों पर ड्रम रखे जाएं, जिससे पिंडदान की सामग्री तीर्थ में नहीं आए और पानी साफ रहे। बाद में यह सामग्री गोशाला भेज दिया था, लेकिन इस बार यह इंतजाम नहीं किया गया। इससे श्रद्धालुओं ने आटे के बने पिंड तीर्थ में छोड़े गए।
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