{"_id":"5afb371d4f1c1bdc408b5a1e","slug":"81526413085-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तुलसी के 108 पौधे वितरित कर इसकी महता से करवाया अवगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तुलसी के 108 पौधे वितरित कर इसकी महता से करवाया अवगत
Updated Wed, 16 May 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुलसी के 108 पौधे वितरित कर इसकी महता से करवाया अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पटियाला चौक स्थित महावीर मंदिर में मंगलवार को श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति के तत्वावधान में तुलसी पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को तुलसी के 108 पौधे वितरित किए गए और तुलसी की महत्ता से अवगत करवाया।
समिति प्रधान बलदेव राज गिरधर ने श्रद्धालुओं को कहा कि तुलसी को हमारे घरों में देवी का रूप माना जाता है और यह हर प्रकार से पवित्र है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी लगाई जाती है उस घर में भगवान वास करते हैं। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी इसे महत्वपूर्ण माना गया है। समिति उप प्रधान राजेश, महासचिव विपन आहूजा और सलाहकार मुंशीराम आहूजा ने कहा कि तुलसी के पौधे के कई फायदे हैं। इससे हमें कई रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है। तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्ज और अतिसार सभी रोगों में चमत्कारी रूप से अपना असर दिखाती है। तुलसी पत्र मिला हुआ पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसीलिए चरणामृत में तुलसी का पत्ता डाला जाता है। गोसेवा संकीर्तन प्रमुख विक्रम ने कहा कि कई वैज्ञानिक शोध तुलसी में उपस्थित गुणों की पुष्टि करते हैं। इसलिए तुलसी का पौधा हर घर में लगाया जाए, समिति इसी को लेकर कार्यरत है। इस अवसर पर खरैंतीलाल, विरेंद्र गिरधर, जितेंद्र, रवि, प्रिंस, हैप्पी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पटियाला चौक स्थित महावीर मंदिर में मंगलवार को श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति के तत्वावधान में तुलसी पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को तुलसी के 108 पौधे वितरित किए गए और तुलसी की महत्ता से अवगत करवाया।
समिति प्रधान बलदेव राज गिरधर ने श्रद्धालुओं को कहा कि तुलसी को हमारे घरों में देवी का रूप माना जाता है और यह हर प्रकार से पवित्र है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी लगाई जाती है उस घर में भगवान वास करते हैं। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी इसे महत्वपूर्ण माना गया है। समिति उप प्रधान राजेश, महासचिव विपन आहूजा और सलाहकार मुंशीराम आहूजा ने कहा कि तुलसी के पौधे के कई फायदे हैं। इससे हमें कई रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है। तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्ज और अतिसार सभी रोगों में चमत्कारी रूप से अपना असर दिखाती है। तुलसी पत्र मिला हुआ पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसीलिए चरणामृत में तुलसी का पत्ता डाला जाता है। गोसेवा संकीर्तन प्रमुख विक्रम ने कहा कि कई वैज्ञानिक शोध तुलसी में उपस्थित गुणों की पुष्टि करते हैं। इसलिए तुलसी का पौधा हर घर में लगाया जाए, समिति इसी को लेकर कार्यरत है। इस अवसर पर खरैंतीलाल, विरेंद्र गिरधर, जितेंद्र, रवि, प्रिंस, हैप्पी मौजूद रहे।
विज्ञापन