फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   740 government schools in the district became hi-tech, now schools will be monitored by tablet

जिले के 740 सरकारी स्कूल हुए हाईटेक, अब टैबलेट से होगी स्कूलों की मॉनिटरिंग

Mon, 06 Sep 2021 10:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 10:56 PM IST
विज्ञापन
740 government schools in the district became hi-tech, now schools will be monitored by tablet
समग्र शिक्षा अभियान की ओर से सरकारी स्कूलों में दिए गए टैबलेट। संवाद - फोटो : Jind
जिले के 740 राजकीय स्कूलों को समग्र शिक्षा अभियान की ओर से टैबलेट दिए गए हैं। अब इनके माध्यम से स्कूलों की मॉनिटरिंग होगी। स्कूल के कार्य से लेकर विद्यार्थियों की पढ़ाई की सामग्री टैबलेट के अंदर मौजूद रहेगी। अभी हर स्कूल के लिए एक टैबलेट आया है, जिसे प्राचार्य उपयोग कर स्कूलों के कार्य व विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नजर रखेंगे।
विज्ञापन

टैब में पहली से 12वीं कक्षा का पूरा पाठ्यक्रम मौजूद होगा। इसमें ‘अवसर’ एप का उपयोग भी किया जाएगा। टैब में मोबाइल डिवाइस अपलोड की गई है। डिवाइस मैनेजमेंट के तहत टैब को वाईफाई से जोड़ा जाएगा। इसमें अवसर एप के साथ-साथ एमआईएस डाटा, यू डाइस डाटा के अलावा अन्य कार्यों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। वहीं दूसरी ओर विद्यार्थी भी कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में अवसर एप के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रहेगी। विद्यार्थियों के ऑनलाइन टेस्ट भी लिए जाएंगे। टैब में पाठ्यक्रम के अनुरूप वीडियो व कंटेन्ट होंगे।
विज्ञापन

जिले के 740 सरकारी स्कूलों को समग्र शिक्षा अभियान की ओर से टैबलेट मिले हैं। इसमें से जींद ब्लॉक को 174, नरवाना को 138, सफीदों व जुलाना को 98, पिल्लूखेड़ा को 58, उचाना को 119, अलेवा ब्लॉक को 55 टैबलेट मिले हैं। ऐसे में सरकारी स्कूल अब धीरे-धीरे हाईटेक हो रहे हैं। टैब के माध्यम से स्कूलों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यालय की ओर से जिले के प्रत्येक स्कूल के लिए एक टैबलेट मिला है। इसमें अवसर एप के साथ-साथ एमआईएस डाटा व यू डाइस डाटा के अलावा अन्य कार्यों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। प्रत्येक प्राचार्य को यह टैबलेट दिया गया है। इसके माध्यम से प्राचार्य स्कूल के कार्य की मॉनटरिंग करेंगे। यह सरकारी स्कूलों के लिए काफ ी लाभदायक सिद्ध होगा। -डॉ. सुभाषचंद्र वर्मा, डीपीसी समग्र शिक्षा अभियान जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed