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अपनी कलम से कई सीएम बनाए, खुद नहीं बन पाया सीएम : चौ. बीरेंद्र सिंह

Sun, 17 Dec 2017 01:09 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:09 AM IST
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अपनी कलम से कई सीएम बनाए, खुद नहीं बन पाया सीएम : चौ. बीरेंद्र सिंह
केंद्र में कुर्सी जनता की बदौलत नहीं, छोटूराम का नाती होने के नाते मिली: बीरेंद्र सिंह
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों।
केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह का मुख्यमंत्री नहीं बनने का दर्द जुबां पर आ ही जाता है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी कलम से कई मुख्यमंत्री बनाएं हैं, लेकिन खुद सीएम नहीं बन पाए। अब मुझे केंद्र में मंत्री की कुर्सी जनता के सहयोग से नहीं, बल्कि छोटूराम का नाती होने के नाते मिली है। बीरेंद्र सिंह शनिवार को सफीदों के साहनपुर गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जनसभा का आयोजन भाजपा नेता नरेंद्र घणघस ने किया था।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे सिर्फ इतना जानते थे कि मैं कांग्रेस पार्टी का बड़ा नेता हूं और भाजपा में शामिल हुआ हूं। जब उन्होंने मेरा परिचय प्राप्त किया और मैंने बताया कि मैं सर छोटू राम का नाती हूं तो उन्होंने मुझे विशेष सम्मान दिया और आज उनकी टीम का विशेष हिस्सा हूं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की खासकर जींद की जनता कभी ठीक से फैसले नहीं करती। जींद में जाति-पाति की राजनीति हावी है। अपनी जाति की वोट का हिसाब लगाकर ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरते हैं। उन्होंने कहा कि जमीन घटती जा रही है और किसानों का जीना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने किसानों व ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे केवल खेत की जमीन के भरोसे पर ना बैठें और रोजगार के नए अवसर तलाश करें। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा, सुरेश कौशिक, ब्लॉक समिति चेयरमैन राकेश शर्मा, विनोद कंसल, जितेंद्र रोहढ़, जोगिंद्र बुढाखेड़ा, पूर्व मंत्री रामकिशन बैरागी, मार्केट कमेटी चेयरमैन विक्रम राणा, ओपी पहल, एसडीएम विरेंद्र सांगवान, डीएसपी सुनील आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
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आर्थिक रूप से कई जातियों को मिले आरक्षण
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 23 प्रतिशत जाट परिवार एससी जातियों से नीचे जीवन यापन करते हैं। इसलिए आर्थिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं जाट समाज से हूं तो मेरे को उनके हक में बोलना चाहिए। इसलिए आर्थिक रूप से कई जातियों को आरक्षण मिलना चाहिए।
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देश में तैयार किए जाएंगे 60 हजार डॉक्टर
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि देश में शिक्षा, स्वास्थ्य व खेल व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने देश में 60 हजार डाक्टर तैयार करने की योजना बनाई है। जब जींद में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा तो लोगों को दिल्ली तथा दूसरे मेडिकल कॉलेजों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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