{"_id":"5a341a484f1c1b8e698c2140","slug":"71513364040-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैंथली में बिना दहेज के इंकम टैक्स इंसपेक्टर की शादी बनी चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैंथली में बिना दहेज के इंकम टैक्स इंसपेक्टर की शादी बनी चर्चा
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहायक इंस्पेक्टर ने एक रुपया लेकर की शादी
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। जहां लोग छोटी सी सरकारी नौकरी मिलने पर बड़े दहेज की मांग करते हैं, वहीं उपमंडल के गांव सैंथली में इन्कम टैक्स विभाग में सहायक इंसपेक्टर ने एक रुपया लेकर अपनी जीवन संगिनी के साथ सात फेर लिये।
गांव सैंथली के सेवानिवृत्त हेड मास्टर मिहा सिंह नैन ने अपनी सभी संतानों को अच्छी शिक्षा दिलाई। उनकी बेटी सुनीता और प्रवीण कुमारी पीजीटी हिंदी, पूनम पीजीटी इकोनॉमिक्स और सबसे छोटी बेटी नीरज पीजीटी इंग्लिश टीचर है। उनका बेटा दीपक नैन रोहतक में बतौर इनकम टैक्स में सहायक इंसपेक्टर कार्यरत है। मिहा सिंह ने अपने बेटे की शादी फरीदाबाद निवासी रितू चौधरी के साथ बिना दहेज लिये की। उन्होंने शादी में केवल एक रुपया लेकर नई मिशाल पेश की। बहु गांव में आई तो परिवार के लोगों ने घूंघट से निजात दिलाई। सभी लोगों ने नई बहु को घूंघट छोड़ने को प्रेरित किया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। जहां लोग छोटी सी सरकारी नौकरी मिलने पर बड़े दहेज की मांग करते हैं, वहीं उपमंडल के गांव सैंथली में इन्कम टैक्स विभाग में सहायक इंसपेक्टर ने एक रुपया लेकर अपनी जीवन संगिनी के साथ सात फेर लिये।
गांव सैंथली के सेवानिवृत्त हेड मास्टर मिहा सिंह नैन ने अपनी सभी संतानों को अच्छी शिक्षा दिलाई। उनकी बेटी सुनीता और प्रवीण कुमारी पीजीटी हिंदी, पूनम पीजीटी इकोनॉमिक्स और सबसे छोटी बेटी नीरज पीजीटी इंग्लिश टीचर है। उनका बेटा दीपक नैन रोहतक में बतौर इनकम टैक्स में सहायक इंसपेक्टर कार्यरत है। मिहा सिंह ने अपने बेटे की शादी फरीदाबाद निवासी रितू चौधरी के साथ बिना दहेज लिये की। उन्होंने शादी में केवल एक रुपया लेकर नई मिशाल पेश की। बहु गांव में आई तो परिवार के लोगों ने घूंघट से निजात दिलाई। सभी लोगों ने नई बहु को घूंघट छोड़ने को प्रेरित किया।
विज्ञापन