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Jind News: 700 क्विंटल पीआर धान मंडी में, सरकारी खरीद का इंतजार...ढेरियां लेकर बैठे किसान
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01जेएनडी17: शहर की अनाजमंडी के शौचालयों की जांच करते हुए एसडीएम सत्यवान मलिक। संवाद
जींद। नई अनाज मंडी में पीआर धान की आवक 700 क्विंटल तक पहुंच गई है लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। मंडी में फसल की ढेरियां लगातार बढ़ रही हैं। हैफेड की ओर से अधिक नमी को खरीद में बाधा बताया जा रहा है जबकि राइस मिलों का अलॉटमेंट भी अभी पूरा नहीं हुआ है।
वीरवार को मंडी की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम सत्यवान मान ने पीआर धान की खरीद शुरू न होने का मामला अधिकारियों के सामने उठाया। शेड नंबर-2 में पहुंचकर उन्होंने धान की ढेरियों को देखा और खरीद में देरी का कारण पूछा।
मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि हैफेड को अभी तक राइस मिल अलॉट नहीं हुई है। इसके अलावा नमी अधिक होने के कारण भी खरीद नहीं हो पा रही है। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीआर धान की खरीद के लिए हैफेड के अलावा डीएफएससी से खरीद करवाने की संभावना भी देखी जाए ताकि किसानों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव संजीव जांगड़ा, सहायक सचिव सुनील प्रजापत, मंडी सुपरवाइजर प्रवीण कुमार, संदीप मोर, आढ़ती संदीप मलिक और वजीर दूहन मौजूद रहे।
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एक ही ढेरी की नमी जांच में आया अंतर
एसडीएम के निर्देश पर हैफेड कार्यालय से नमी जांचने की मशीन मंगवाई गई। मंडी सुपरवाइजर प्रवीण कुमार ने एक ढेरी की जांच की। बुधवार को इसी ढेरी में नमी 17.7 प्रतिशत बताई गई थी जबकि वीरवार को जांच में नमी 18.8 प्रतिशत दर्ज हुई। रीडिंग में अंतर सामने आने पर मौके पर मौजूद कुछ आढ़तियों ने नमी मापक मशीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
बाजरे के भाव पर भी जताई नाराजगी
एसडीएम ने मंडी में बाजरा और कपास की ढेरियों का भी निरीक्षण किया। आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता संदीप मोर ने उन्हें बताया कि बाजरा एमएसपी से काफी कम भाव पर बिक रहा है। इस पर एसडीएम ने मार्केट कमेटी सचिव से जवाब-तलब किया। सचिव ने बताया कि भावांतर योजना के तहत किसानों को भाव के अंतर की राशि बैंक खातों में दी जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि बोली के समय ही किसानों को एमएसपी के अनुरूप उचित भाव मिलना चाहिए।
शौचालय के सामने सीवरेज का पानी, सफाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आढ़तियों ने सार्वजनिक शौचालय के सामने खुले में सीवरेज का गंदा पानी बहने और दुर्गंध की समस्या भी बताई। एसडीएम ने इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शेड से बरसाती पानी निकालने के लिए चल रहे कार्य को भी देखा और गड्ढे भरकर तथा मिट्टी हटाकर जगह दुरुस्त करने को कहा। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने एक-दो दिन में कार्य पूरा कराने का भरोसा दिया।
फोटो कैप्शन
01जेएनडी17: शहर की अनाजमंडी के शौचालयों की जांच करते हुए एसडीएम सत्यवान मलिक। संवाद
01जेएनडी18: शहर की अनाजमंडी में बाजरे की खरीद को लेकर किसान व आढ़तियों से बातचीत करते हुए एसडीएम सत्यवान मान । संवाद
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वीरवार को मंडी की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम सत्यवान मान ने पीआर धान की खरीद शुरू न होने का मामला अधिकारियों के सामने उठाया। शेड नंबर-2 में पहुंचकर उन्होंने धान की ढेरियों को देखा और खरीद में देरी का कारण पूछा।
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मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि हैफेड को अभी तक राइस मिल अलॉट नहीं हुई है। इसके अलावा नमी अधिक होने के कारण भी खरीद नहीं हो पा रही है। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीआर धान की खरीद के लिए हैफेड के अलावा डीएफएससी से खरीद करवाने की संभावना भी देखी जाए ताकि किसानों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव संजीव जांगड़ा, सहायक सचिव सुनील प्रजापत, मंडी सुपरवाइजर प्रवीण कुमार, संदीप मोर, आढ़ती संदीप मलिक और वजीर दूहन मौजूद रहे।
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एक ही ढेरी की नमी जांच में आया अंतर
एसडीएम के निर्देश पर हैफेड कार्यालय से नमी जांचने की मशीन मंगवाई गई। मंडी सुपरवाइजर प्रवीण कुमार ने एक ढेरी की जांच की। बुधवार को इसी ढेरी में नमी 17.7 प्रतिशत बताई गई थी जबकि वीरवार को जांच में नमी 18.8 प्रतिशत दर्ज हुई। रीडिंग में अंतर सामने आने पर मौके पर मौजूद कुछ आढ़तियों ने नमी मापक मशीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
बाजरे के भाव पर भी जताई नाराजगी
एसडीएम ने मंडी में बाजरा और कपास की ढेरियों का भी निरीक्षण किया। आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता संदीप मोर ने उन्हें बताया कि बाजरा एमएसपी से काफी कम भाव पर बिक रहा है। इस पर एसडीएम ने मार्केट कमेटी सचिव से जवाब-तलब किया। सचिव ने बताया कि भावांतर योजना के तहत किसानों को भाव के अंतर की राशि बैंक खातों में दी जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि बोली के समय ही किसानों को एमएसपी के अनुरूप उचित भाव मिलना चाहिए।
शौचालय के सामने सीवरेज का पानी, सफाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आढ़तियों ने सार्वजनिक शौचालय के सामने खुले में सीवरेज का गंदा पानी बहने और दुर्गंध की समस्या भी बताई। एसडीएम ने इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शेड से बरसाती पानी निकालने के लिए चल रहे कार्य को भी देखा और गड्ढे भरकर तथा मिट्टी हटाकर जगह दुरुस्त करने को कहा। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने एक-दो दिन में कार्य पूरा कराने का भरोसा दिया।
फोटो कैप्शन
01जेएनडी17: शहर की अनाजमंडी के शौचालयों की जांच करते हुए एसडीएम सत्यवान मलिक। संवाद
01जेएनडी18: शहर की अनाजमंडी में बाजरे की खरीद को लेकर किसान व आढ़तियों से बातचीत करते हुए एसडीएम सत्यवान मान । संवाद

01जेएनडी17: शहर की अनाजमंडी के शौचालयों की जांच करते हुए एसडीएम सत्यवान मलिक। संवाद