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हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में सीवर लाइन के ऊपर हुआ अतिक्रमण
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सीवरेज लाइन के ऊपर किया गया अतिक्रमण अब प्रशासन के लिए आफत बन गया है। समय रहते प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब जनस्वास्थ्य विभाग ने अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर परिषद को पत्र लिखा है। जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अतिक्रमण के चलते सीवरेज लाइन की सफाई नहीं हो पा रही है और लाइन ब्लॉक हो चुकी है। इसके चलते आए दिन लोगों की शिकायतेें आ रही हैं और सीवरेज ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी बैक मार रहा है। इसके अलावा पेयजल में भी गंदा पानी मिलकर आ रहा है। ऐसे में सीवरेज लाइन के ऊपर से किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन का डंडा चलना तय है।
बंद मार्केट के आसपास करीब 100 घरों में सीवरेज लाइन के ऊपर पक्का अतिक्रमण किया गया है। ऐसे में लंबे समय से यहां सीवरेज लाइन की सफाई नहीं हो पा रही है। इससे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और शिव कॉलोनी में लोगों को परेशानी पेश आ रही है। इसको लेकर बार-बार लोग शिकायतें भी करते रहते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग को अब यहां सीवरेज की सफाई करनी है, लेकिन लोगों ने सीवरेज के मेन होल को ही दबा दिया है। ऐसे में न तो यह पता चल पा रहा है कि मेनहोल कहां है और न ही घरों के अंदर घुस कर इसे साफ करना संभव है। पिछले करीब पांच साल से जनस्वास्थ्य विभाग इस लाइन की सफाई ही नहीं कर पाया है। इस समस्या को हटाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके शर्मा ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखा है।
पेयजल और सीवरेज समस्या की आ रही शिकायतें
सीवरेज लाइन पर कब्जा होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के पास गंदा पेयजल पहुंचने और सीवरेज ओवरफ्लो होने की शिकायतें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण होने के कारण वे सीवरेज लाइन को साफ नहीं कर सकते। इसके चलते ही पेयजल में गंदा पानी भी सप्लाई हो रहा है। पिछले एक माह में पांच बार लोग इकट्ठा होकर गंदा पेयजल आने की शिकायत डीसी अमित खत्री को कर चुके हैं। इसके बाद शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग की टीम सीवरेज लाइन की जांच के लिए गई, लेकिन यहां काम नहीं किया जा सका। इसके चलते करीब एक हजार मकान प्रभावित हैं।
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दस फुट तक कर लिए अवैध निर्माण
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हाउसिंग बोर्ड द्वारा तैयार मकान लोगों को बेचे गए थे। इनके नक्शे भी बोर्ड ने ही तैयार किए, लेकिन अब लोगों ने अधिकतर हिस्से में पांच से दस फुट तक मकान के आगे की जमीन पर कब्जा कर इस पर पक्के निर्माण कर लिए हैं।
दो गलियों में डाली गई दोबारा लाइन
यह समस्या काफी पुरानी है। ऐसे में दो साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने बंद मार्केट से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की ओर जाने वाली दो गलियों में करीब 32 लाख रुपये खर्च कर दोबारा सीवरेज लाइन डाली थी। पहले की लाइन पर अवैध कब्जा होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग ने गली के बीचोंबीच लाइन डाली है। वहीं इसी समस्या के चलते रामाकृष्णा मंदिर वाली गली में भी बीच में लाइन डाली गई है। अब जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इससे उनको काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है और कई जगह दोबारा लाइन डालना संभव भी नहीं है। वहीं शिव कॉलोनी के साथ लगती गलियों में सीवर लाइन डालने के बाद उन्हें दोबारा नहीं बनाया गया है। इससे यहां से निकलने वालों को परेशानी हो रही है।
सीवरेज लाइन की समस्या काफी गंभीर है। कुछ लोगों ने तो मेनहोल के ऊपर ही फर्श लगा दिया है। जहां छोड़ा गया है, वहां इसे तंग कर दिया है, जिससे सफाई करना संभव नहीं है। इससे आए दिन लोगों की शिकायतें आ रही हैं। अब नगर परिषद को पत्र लिखा गया है कि अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि यहां सीवरेज व पेयजल व्यवस्था सही रहे।
-एसके शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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जींद। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सीवरेज लाइन के ऊपर किया गया अतिक्रमण अब प्रशासन के लिए आफत बन गया है। समय रहते प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब जनस्वास्थ्य विभाग ने अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर परिषद को पत्र लिखा है। जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अतिक्रमण के चलते सीवरेज लाइन की सफाई नहीं हो पा रही है और लाइन ब्लॉक हो चुकी है। इसके चलते आए दिन लोगों की शिकायतेें आ रही हैं और सीवरेज ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी बैक मार रहा है। इसके अलावा पेयजल में भी गंदा पानी मिलकर आ रहा है। ऐसे में सीवरेज लाइन के ऊपर से किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन का डंडा चलना तय है।
बंद मार्केट के आसपास करीब 100 घरों में सीवरेज लाइन के ऊपर पक्का अतिक्रमण किया गया है। ऐसे में लंबे समय से यहां सीवरेज लाइन की सफाई नहीं हो पा रही है। इससे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और शिव कॉलोनी में लोगों को परेशानी पेश आ रही है। इसको लेकर बार-बार लोग शिकायतें भी करते रहते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग को अब यहां सीवरेज की सफाई करनी है, लेकिन लोगों ने सीवरेज के मेन होल को ही दबा दिया है। ऐसे में न तो यह पता चल पा रहा है कि मेनहोल कहां है और न ही घरों के अंदर घुस कर इसे साफ करना संभव है। पिछले करीब पांच साल से जनस्वास्थ्य विभाग इस लाइन की सफाई ही नहीं कर पाया है। इस समस्या को हटाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके शर्मा ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखा है।
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पेयजल और सीवरेज समस्या की आ रही शिकायतें
सीवरेज लाइन पर कब्जा होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के पास गंदा पेयजल पहुंचने और सीवरेज ओवरफ्लो होने की शिकायतें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण होने के कारण वे सीवरेज लाइन को साफ नहीं कर सकते। इसके चलते ही पेयजल में गंदा पानी भी सप्लाई हो रहा है। पिछले एक माह में पांच बार लोग इकट्ठा होकर गंदा पेयजल आने की शिकायत डीसी अमित खत्री को कर चुके हैं। इसके बाद शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग की टीम सीवरेज लाइन की जांच के लिए गई, लेकिन यहां काम नहीं किया जा सका। इसके चलते करीब एक हजार मकान प्रभावित हैं।
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दस फुट तक कर लिए अवैध निर्माण
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हाउसिंग बोर्ड द्वारा तैयार मकान लोगों को बेचे गए थे। इनके नक्शे भी बोर्ड ने ही तैयार किए, लेकिन अब लोगों ने अधिकतर हिस्से में पांच से दस फुट तक मकान के आगे की जमीन पर कब्जा कर इस पर पक्के निर्माण कर लिए हैं।
दो गलियों में डाली गई दोबारा लाइन
यह समस्या काफी पुरानी है। ऐसे में दो साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने बंद मार्केट से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की ओर जाने वाली दो गलियों में करीब 32 लाख रुपये खर्च कर दोबारा सीवरेज लाइन डाली थी। पहले की लाइन पर अवैध कब्जा होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग ने गली के बीचोंबीच लाइन डाली है। वहीं इसी समस्या के चलते रामाकृष्णा मंदिर वाली गली में भी बीच में लाइन डाली गई है। अब जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इससे उनको काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है और कई जगह दोबारा लाइन डालना संभव भी नहीं है। वहीं शिव कॉलोनी के साथ लगती गलियों में सीवर लाइन डालने के बाद उन्हें दोबारा नहीं बनाया गया है। इससे यहां से निकलने वालों को परेशानी हो रही है।
सीवरेज लाइन की समस्या काफी गंभीर है। कुछ लोगों ने तो मेनहोल के ऊपर ही फर्श लगा दिया है। जहां छोड़ा गया है, वहां इसे तंग कर दिया है, जिससे सफाई करना संभव नहीं है। इससे आए दिन लोगों की शिकायतें आ रही हैं। अब नगर परिषद को पत्र लिखा गया है कि अवैध कब्जों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि यहां सीवरेज व पेयजल व्यवस्था सही रहे।
-एसके शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।