{"_id":"59e24a564f1c1bcf538b760b","slug":"61508002390-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए भवन का किया उद्घाटन, अस्पताल के अंदर रिबन कटने का इंतजार करता रहा स्टाफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए भवन का किया उद्घाटन, अस्पताल के अंदर रिबन कटने का इंतजार करता रहा स्टाफ
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री के सामने बोलीं विधायक प्रेमलता, जींद से रोहतक हिसार जाते दम तोड़ देते हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जींद दौरे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब एक घंटे तक जींद में रूके और इस दौरान छह परियोजनाओं को उद्घाटन किया तो आठ परियोजनाओं को शिलान्यास किया। सभी परियोजनाएं करीब एक सौ करोड़ रुपये की हैं। इस दौरान उचाना कलां से विधायक और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता ने जींद की जर्जर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुखता से उठाया। प्रेमलता के संबोधन के बाद जब मुख्यमंत्री मंच पर आए तो लोगों को उम्मीद थी कि वह जींद की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट़्टर ने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला। विधायक प्रेमलता ने कहा कि अकेले डूमरखां (केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का गांव) में सात मौतें हो चुकी हैं। यह सब स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने के कारण हुआ है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने नए भवन में मुख्यमंत्री से रिबन कटवाने का इंतजाम किया था, लेकिन यह रिबन बंधा ही रह गया।
विधायक प्रेमलता ने कहा कि जींद में सरकार चिकित्सक तो भेजती है, लेकिन वह यहां से बदली करवा लेते हैं। हालात यह है कि जींद जिला में तीन नागरिक अस्पताल होने के बावजूद करीब 100 चिकित्सकों की कमी है। विधायक ने कहा कि जींद से बीमार लोगों को लेकर पटियाला, हिसार या रोहतक लेकर जाते हैं। अधिकतर लोग तो रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं और कुछ लोग तीन-चार दिन भी नहीं जी पाते। प्रेमलता ने कहा कि ऐसे में यदि जींद में मेडिकल कॉलेज बन जाए तो यहां लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। ऐसे में उन्होंने जींद की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने की अपील की।
जींद सिर्फ कहने को जिला
विधायक प्रेमलता ने कहा कि जींद सिर्फ कहने को जिला है। यहां कोई विकास नहीं हुआ। अब जींद एनसीआर में आ चुका है। ऐसे में केंद्र व हरियाणा सरकार दोनों मिलकर यहां विकास कर सकती हैं। प्रेमलता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी बातचीत की जानी चाहिए।
विज्ञापन
100 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को करीब एक सौ करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात जिले के लोगों को दी। नागरिक अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सात परियोजनाओं का उद्घाटन किया । और आठ विकास परियोजनाओं की आधारशीला रखी। इस दौरान 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए नव निर्मित सौ बेड के अतिरिक्त नागरिक अस्पताल भवन का लोकार्पण किया। अढ़ाई करोड़ रुपये की लागत से कुरड़ गांव में बने 33 केवीए सब स्टेशन, खेड़ा खेमावती में बने 33 केवीए सब स्टेशन, रिटौली गांव में बने 33 केवीए सब स्टेशन, जींद के सेक्टर आठ में बने 33 केवीए सब स्टेशन, साढ़े चार करोड़ की लागत से बने जींद के जिम्मखाना क्लब, एक करोड़ 21 लाख रुपये की लगात से सफीदों में वकीलों के लिए बनाए गए 58 चेंबरों का उद्घाटन किया। इस दौरान 60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली आठ परियोजनाओ ं का शिलान्यास किया। जिनमें बतख चौक से दीप पैलेस तक चार मार्गीय सड़क शामिल है। इस पर पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जींद से किला जफरगढ़ वाया लिजवाना-फतेहगढ़- रामकली- शामलों कलां- खेमाखेड़ी- बिरोली से जींद (राजा की गोहर) नई सड़क के निर्माण का पत्थर का रखा गया। इस सड़क के निर्माण पर 23 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। पांच करोड़ रुपये से अलेवा में रेस्ट हाउस का नींव पत्थर रखा। सीआरएसयू में सात करोड़ रुपये से बनने वाले अतिथि गृह का शिलान्यास किया गया।
पंचायत समितियों को दी जायेगी अतिरिक्त जिम्मेवारियां
जींद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिला परिषदों को दस करोड़ तथा पंचायत समितियों को अढ़ाई करोड़ रुपये की राशि का बजट प्रति वर्ष उपलब्ध करवाया जाएगा। पंचायत समितियां अब तक विकास कार्यों पर निगरानी रखने का काम करती रही है, अब इन्हें अतिरिक्त जिम्मेवारियां भी दी जायेंगी ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का सामान रूप से विकास हो सके।
जींद के नागरिक अस्पताल में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों का बराबर विकास करवा रही है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के विधायक हार गऐ थे। प्रदेश का ऐसा कोई विधानसभा क्षेत्र नहीं है, जिस क्षेत्र में 150- 200 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए नहीं दी गई हो। राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि केंद्र सरकार से विकास के लिए एक रुपया भेजा जाता है तो उसमें से नीचे मात्र 15 पैसे ही पहुंच पाते हैं, लेकिन अब सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर जो एक रुपया ऊपर से भेजा जाता है, वही एक रुपया अब नीचे तक आकर विकास कार्य में लग रहा है। चुनाव से पहले प्रदेश की जनता से वायदा किया था कि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किया जायेगा, अब उस वादे को पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश बनने के बाद कुछ क्षेत्रों का विकास हुआ, लेकिन जींद जिला जैसे क्षेत्रों की अनदेखी भी खूब हुई, जिसके परिणाम स्वरूप यह जिला न केवल विकास के मामले में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी काफी पिछड़ा रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर- कुंडली कोरिडोर का निर्माण भी तेजी से करवाया जा रहा है। आगामी 31 दिसंबर तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा करवा लिया जायेगा। 180 किलोमीटर लंबाई के इस कोरिडोर का बनना हरियाणा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। लोगों को एक तरफ जहां नए-नए रोजगाब एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
पूर्व की सरकारों में चलती थी कमीशनखोरी
इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व की सरकारों में कमीशनखोरी चलती थी। जहां कमीशन नहीं मिलता था, वहीं काम बंद हो जाता था। इसी के चलते जींद के फोर लेन प्रोजेक्ट का भी काम नहीं हो सका। सीएम ने कहा कि एनएच एक पर भी उनकी सरकार आने के बाद काम शुरू करवाया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जींद दौरे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब एक घंटे तक जींद में रूके और इस दौरान छह परियोजनाओं को उद्घाटन किया तो आठ परियोजनाओं को शिलान्यास किया। सभी परियोजनाएं करीब एक सौ करोड़ रुपये की हैं। इस दौरान उचाना कलां से विधायक और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता ने जींद की जर्जर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुखता से उठाया। प्रेमलता के संबोधन के बाद जब मुख्यमंत्री मंच पर आए तो लोगों को उम्मीद थी कि वह जींद की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट़्टर ने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला। विधायक प्रेमलता ने कहा कि अकेले डूमरखां (केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का गांव) में सात मौतें हो चुकी हैं। यह सब स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने के कारण हुआ है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने नए भवन में मुख्यमंत्री से रिबन कटवाने का इंतजाम किया था, लेकिन यह रिबन बंधा ही रह गया।
विधायक प्रेमलता ने कहा कि जींद में सरकार चिकित्सक तो भेजती है, लेकिन वह यहां से बदली करवा लेते हैं। हालात यह है कि जींद जिला में तीन नागरिक अस्पताल होने के बावजूद करीब 100 चिकित्सकों की कमी है। विधायक ने कहा कि जींद से बीमार लोगों को लेकर पटियाला, हिसार या रोहतक लेकर जाते हैं। अधिकतर लोग तो रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं और कुछ लोग तीन-चार दिन भी नहीं जी पाते। प्रेमलता ने कहा कि ऐसे में यदि जींद में मेडिकल कॉलेज बन जाए तो यहां लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। ऐसे में उन्होंने जींद की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने की अपील की।
विज्ञापन
जींद सिर्फ कहने को जिला
विधायक प्रेमलता ने कहा कि जींद सिर्फ कहने को जिला है। यहां कोई विकास नहीं हुआ। अब जींद एनसीआर में आ चुका है। ऐसे में केंद्र व हरियाणा सरकार दोनों मिलकर यहां विकास कर सकती हैं। प्रेमलता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी बातचीत की जानी चाहिए।
विज्ञापन
100 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को करीब एक सौ करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात जिले के लोगों को दी। नागरिक अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सात परियोजनाओं का उद्घाटन किया । और आठ विकास परियोजनाओं की आधारशीला रखी। इस दौरान 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए नव निर्मित सौ बेड के अतिरिक्त नागरिक अस्पताल भवन का लोकार्पण किया। अढ़ाई करोड़ रुपये की लागत से कुरड़ गांव में बने 33 केवीए सब स्टेशन, खेड़ा खेमावती में बने 33 केवीए सब स्टेशन, रिटौली गांव में बने 33 केवीए सब स्टेशन, जींद के सेक्टर आठ में बने 33 केवीए सब स्टेशन, साढ़े चार करोड़ की लागत से बने जींद के जिम्मखाना क्लब, एक करोड़ 21 लाख रुपये की लगात से सफीदों में वकीलों के लिए बनाए गए 58 चेंबरों का उद्घाटन किया। इस दौरान 60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली आठ परियोजनाओ ं का शिलान्यास किया। जिनमें बतख चौक से दीप पैलेस तक चार मार्गीय सड़क शामिल है। इस पर पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जींद से किला जफरगढ़ वाया लिजवाना-फतेहगढ़- रामकली- शामलों कलां- खेमाखेड़ी- बिरोली से जींद (राजा की गोहर) नई सड़क के निर्माण का पत्थर का रखा गया। इस सड़क के निर्माण पर 23 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। पांच करोड़ रुपये से अलेवा में रेस्ट हाउस का नींव पत्थर रखा। सीआरएसयू में सात करोड़ रुपये से बनने वाले अतिथि गृह का शिलान्यास किया गया।
पंचायत समितियों को दी जायेगी अतिरिक्त जिम्मेवारियां
जींद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिला परिषदों को दस करोड़ तथा पंचायत समितियों को अढ़ाई करोड़ रुपये की राशि का बजट प्रति वर्ष उपलब्ध करवाया जाएगा। पंचायत समितियां अब तक विकास कार्यों पर निगरानी रखने का काम करती रही है, अब इन्हें अतिरिक्त जिम्मेवारियां भी दी जायेंगी ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का सामान रूप से विकास हो सके।
जींद के नागरिक अस्पताल में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों का बराबर विकास करवा रही है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के विधायक हार गऐ थे। प्रदेश का ऐसा कोई विधानसभा क्षेत्र नहीं है, जिस क्षेत्र में 150- 200 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए नहीं दी गई हो। राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि केंद्र सरकार से विकास के लिए एक रुपया भेजा जाता है तो उसमें से नीचे मात्र 15 पैसे ही पहुंच पाते हैं, लेकिन अब सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर जो एक रुपया ऊपर से भेजा जाता है, वही एक रुपया अब नीचे तक आकर विकास कार्य में लग रहा है। चुनाव से पहले प्रदेश की जनता से वायदा किया था कि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किया जायेगा, अब उस वादे को पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश बनने के बाद कुछ क्षेत्रों का विकास हुआ, लेकिन जींद जिला जैसे क्षेत्रों की अनदेखी भी खूब हुई, जिसके परिणाम स्वरूप यह जिला न केवल विकास के मामले में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी काफी पिछड़ा रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर- कुंडली कोरिडोर का निर्माण भी तेजी से करवाया जा रहा है। आगामी 31 दिसंबर तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा करवा लिया जायेगा। 180 किलोमीटर लंबाई के इस कोरिडोर का बनना हरियाणा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। लोगों को एक तरफ जहां नए-नए रोजगाब एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
पूर्व की सरकारों में चलती थी कमीशनखोरी
इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व की सरकारों में कमीशनखोरी चलती थी। जहां कमीशन नहीं मिलता था, वहीं काम बंद हो जाता था। इसी के चलते जींद के फोर लेन प्रोजेक्ट का भी काम नहीं हो सका। सीएम ने कहा कि एनएच एक पर भी उनकी सरकार आने के बाद काम शुरू करवाया गया।