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बच्ची को निकाला सुरक्षित
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:55 PM IST
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महिला ने अपनी जान पर खेलकर बचाई बच्ची की जान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर की अजमेर बस्ती में रहने वाली एक महिला ने अपनी जान पर खेलकर एक डेढ़ वर्षीय नन्हीं बच्ची की जान बचाई। इस घटना में यह महिला बुरी तरह से जख्मी हो गई लेकिन बच्ची को एक खरोंच भी नहीं आने दी। महिला के इस प्रयास की चारों तरफ सराहना हो रही है।
अजमेर बस्ती में नन्हीं बच्ची दृष्टि अपने मकान के आगे गली में खेल रही थी। अचानक तीन-चार सांड़ लड़ते हुए बच्ची के आसपास मंडराने लगे। आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन बच्ची को बचाने के लिए किसी ने अपनी जान जोखिम में नहीं डाली। अचानक पास के घर से निकलकर पूनम नामक एक महिला ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए बच्चे को सांड़ों के बीच से निकाला। इस घटना में पूनम के सिर में काफी चोट आई और उसका काफी खून भी बहा लेकिन बच्ची को पूनम ने सुरक्षित निकाल लिया। बच्ची की मां पूनम मौके पर खड़ी सब देख रही थी, उसने अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर पूनम का आभार प्रकट किया तथा कहा कि उसने उसकी बच्ची को नया जीवन दान दिया है। कॉलोनी के लोगों पूनम के पिता राजेंद्र शर्मा, बलदेव, भागराम, रामनिवास शर्मा, आजाद सैनी, ईश्वर दत्त वर्मा, बालकिशन, कृष्णा, सरोज आदि ने कहा कि जिस बहादुरी से पूनम से नन्हीं सी जान को बचाया है, उसने एक मिसाल कायम की है। कॉलोनी के लोगों ने जल्द ही पूनम को सम्मानित करने की घोषणा की।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर की अजमेर बस्ती में रहने वाली एक महिला ने अपनी जान पर खेलकर एक डेढ़ वर्षीय नन्हीं बच्ची की जान बचाई। इस घटना में यह महिला बुरी तरह से जख्मी हो गई लेकिन बच्ची को एक खरोंच भी नहीं आने दी। महिला के इस प्रयास की चारों तरफ सराहना हो रही है।
अजमेर बस्ती में नन्हीं बच्ची दृष्टि अपने मकान के आगे गली में खेल रही थी। अचानक तीन-चार सांड़ लड़ते हुए बच्ची के आसपास मंडराने लगे। आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन बच्ची को बचाने के लिए किसी ने अपनी जान जोखिम में नहीं डाली। अचानक पास के घर से निकलकर पूनम नामक एक महिला ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए बच्चे को सांड़ों के बीच से निकाला। इस घटना में पूनम के सिर में काफी चोट आई और उसका काफी खून भी बहा लेकिन बच्ची को पूनम ने सुरक्षित निकाल लिया। बच्ची की मां पूनम मौके पर खड़ी सब देख रही थी, उसने अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर पूनम का आभार प्रकट किया तथा कहा कि उसने उसकी बच्ची को नया जीवन दान दिया है। कॉलोनी के लोगों पूनम के पिता राजेंद्र शर्मा, बलदेव, भागराम, रामनिवास शर्मा, आजाद सैनी, ईश्वर दत्त वर्मा, बालकिशन, कृष्णा, सरोज आदि ने कहा कि जिस बहादुरी से पूनम से नन्हीं सी जान को बचाया है, उसने एक मिसाल कायम की है। कॉलोनी के लोगों ने जल्द ही पूनम को सम्मानित करने की घोषणा की।
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