{"_id":"5c65b51fbdec2217fc33ead4","slug":"51550169375-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद, नरवाना व सफीदों में आयकर विभाग की दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद, नरवाना व सफीदों में आयकर विभाग की दबिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद, नरवाना और सफीदों में आयकर विभाग ने किया सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आयकर विभाग की टीमों ने वीरवार को जींद, नरवाना और सफीदों की कई फर्मों पर सर्वे के लिए दबिश दी। दिनभर आठ प्रतिष्ठानों पर इनके दस्तावेजों की जांच चली। इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने इन फर्मों के आय-व्यय का रिकार्ड खंगाला। देर रात तक सर्वे की कार्रवाई चलती रही।
दरअसल भिवानी के आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त राजेश के नेतृत्व में टीम वीरवार सुबह जींद पहुंची। इसके बाद जींद आयकर विभाग के स्थानीय अधिकारियों व स्टाफ को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान दो टीमों ने नरवाना व दो टीमों ने सफीदों में कार्रवाई शुरू की तो चार टीमों ने जींद में बाईपास स्थित एक फीड मील, भिवानी रोड स्थित एक मशीनरी स्टोर, पालिका बाजार स्थित एक ज्वेलर, सफीदों रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर जांच शुरू की। इसके चलते प्रतिष्ठानों के सभी कामकाज बंद करवा दिए गए। टीम ने यहां मौजूद हर दस्तावेज व सामान की गहनता से जांच की। हालांकि आयकर विभाग के अधिकारियों ने इसे सामान्य सर्वे कार्रवाई बताया है, लेकिन आयकर विभाग के सूत्रों की मानेे तो नोटबंदी के दौरान आयकर विभाग के निशाने पर कुछ लोग आए थे। अब उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। बहरहाल आयकर विभाग की कार्रवाई से जिलेभर के व्यापारियों में अफरातफरी का माहौल रहा। मेन बाजार में इस कार्रवाई के चलते कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
आयकर विभाग की रेड व सर्वे में अंतर
सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी दर्शन सिंह के अनुसार जब आयकर विभाग की टीम किसी व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर जांच करती तो यह सर्वे कहलाता है। हालांकि इसमें भी काफी गहनता से जांच होती है, लेकिन यदि जांच व्यावसायिक प्रतिष्ठान के साथ-साथ निजी आवास या फिर सिर्फ निजी आवास होती है तो यह रेड कहलाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आयकर विभाग की टीमों ने वीरवार को जींद, नरवाना और सफीदों की कई फर्मों पर सर्वे के लिए दबिश दी। दिनभर आठ प्रतिष्ठानों पर इनके दस्तावेजों की जांच चली। इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने इन फर्मों के आय-व्यय का रिकार्ड खंगाला। देर रात तक सर्वे की कार्रवाई चलती रही।
दरअसल भिवानी के आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त राजेश के नेतृत्व में टीम वीरवार सुबह जींद पहुंची। इसके बाद जींद आयकर विभाग के स्थानीय अधिकारियों व स्टाफ को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान दो टीमों ने नरवाना व दो टीमों ने सफीदों में कार्रवाई शुरू की तो चार टीमों ने जींद में बाईपास स्थित एक फीड मील, भिवानी रोड स्थित एक मशीनरी स्टोर, पालिका बाजार स्थित एक ज्वेलर, सफीदों रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर जांच शुरू की। इसके चलते प्रतिष्ठानों के सभी कामकाज बंद करवा दिए गए। टीम ने यहां मौजूद हर दस्तावेज व सामान की गहनता से जांच की। हालांकि आयकर विभाग के अधिकारियों ने इसे सामान्य सर्वे कार्रवाई बताया है, लेकिन आयकर विभाग के सूत्रों की मानेे तो नोटबंदी के दौरान आयकर विभाग के निशाने पर कुछ लोग आए थे। अब उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। बहरहाल आयकर विभाग की कार्रवाई से जिलेभर के व्यापारियों में अफरातफरी का माहौल रहा। मेन बाजार में इस कार्रवाई के चलते कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
विज्ञापन
आयकर विभाग की रेड व सर्वे में अंतर
सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी दर्शन सिंह के अनुसार जब आयकर विभाग की टीम किसी व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर जांच करती तो यह सर्वे कहलाता है। हालांकि इसमें भी काफी गहनता से जांच होती है, लेकिन यदि जांच व्यावसायिक प्रतिष्ठान के साथ-साथ निजी आवास या फिर सिर्फ निजी आवास होती है तो यह रेड कहलाती है।
विज्ञापन