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सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला को निष्कासन से इनेलो में बगावत की आहट
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:11 AM IST
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जहां दुष्यंत वहां इनेलो, वहीं पूरा जिला : इनेलो जिलाध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। काफी दिनों तक कयासों के बाद आखिरकार इनेलो ने सांसद दुष्यंत चौटाला व इनसो के अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को इनेलो से निकाल दिया है। इस पर जींद जिला में इनेलो में बगावत की आहट साफ देखी जा रही है। इनेलो के जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी ने साफ शब्दों में कहा है कि वे पूरी तरह सांसद दुष्यंत चौटाला के साथ हैं। राठी ने कहा कि जहां दुष्यंत वहीं इनेलो और पूरा जींद जिला है।
गौरतलब है कि जींद जिला इनेलो का गढ़ माना जाता है। यहां पांच विधानसभा सीटों में से तीन सीट पिछले चुनाव में इनेलो की झोली में गई थी। इसमें जींद, जुलाना व नरवाना शामिल हैं। जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिढा का निधन हो चुका है और उनके बेटे डॉ. कृष्ण मिढ़ा भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बावजूद इनेलो का जींद में मजबूत आधार है। इनेलो की यह जमीन अब दुष्यंत के साथ दिखाई दे रही है। सांसद दुष्यंत चौटाला को पार्टी से निकाले जाने के बाद हालांकि अधिकतर इनेलो नेताओं ने प्रक्रिया देने से मना कर दिया, लेकिन जिला अध्यक्ष कृष्ण राठी ने साफ किया है कि पूरी इनेलो दुष्यंत चौटाला के साथ है। राठी ने कहा कि पांच नवंबर को इनेलो के प्रधान महासचिव डॉ. अजय चौटाला जो भी आदेश देंगे वह उन्हें मान्य होगा। हालांकि नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला पर टिप्पणी करने मना कर दिया।
बॉक्स
नुकसान होगा, लेकिन फैसला मान्य
सांसद दुष्यंत चौटला और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निकाले जाने से निश्चित रूप से पार्टी को नुकसान होगा, लेकिन अनुशासनहीनता भी सही नहीं है। ऐसे में पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने जो फैसला लिया है, वह मुझे मान्य है।
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पिरथी नंबरदार, इनेलो विधायक नरवाना।
फोटो नंबर
02जेएनडी 54: कृष्ण राठी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। काफी दिनों तक कयासों के बाद आखिरकार इनेलो ने सांसद दुष्यंत चौटाला व इनसो के अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को इनेलो से निकाल दिया है। इस पर जींद जिला में इनेलो में बगावत की आहट साफ देखी जा रही है। इनेलो के जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी ने साफ शब्दों में कहा है कि वे पूरी तरह सांसद दुष्यंत चौटाला के साथ हैं। राठी ने कहा कि जहां दुष्यंत वहीं इनेलो और पूरा जींद जिला है।
गौरतलब है कि जींद जिला इनेलो का गढ़ माना जाता है। यहां पांच विधानसभा सीटों में से तीन सीट पिछले चुनाव में इनेलो की झोली में गई थी। इसमें जींद, जुलाना व नरवाना शामिल हैं। जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिढा का निधन हो चुका है और उनके बेटे डॉ. कृष्ण मिढ़ा भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बावजूद इनेलो का जींद में मजबूत आधार है। इनेलो की यह जमीन अब दुष्यंत के साथ दिखाई दे रही है। सांसद दुष्यंत चौटाला को पार्टी से निकाले जाने के बाद हालांकि अधिकतर इनेलो नेताओं ने प्रक्रिया देने से मना कर दिया, लेकिन जिला अध्यक्ष कृष्ण राठी ने साफ किया है कि पूरी इनेलो दुष्यंत चौटाला के साथ है। राठी ने कहा कि पांच नवंबर को इनेलो के प्रधान महासचिव डॉ. अजय चौटाला जो भी आदेश देंगे वह उन्हें मान्य होगा। हालांकि नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला पर टिप्पणी करने मना कर दिया।
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नुकसान होगा, लेकिन फैसला मान्य
सांसद दुष्यंत चौटला और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निकाले जाने से निश्चित रूप से पार्टी को नुकसान होगा, लेकिन अनुशासनहीनता भी सही नहीं है। ऐसे में पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने जो फैसला लिया है, वह मुझे मान्य है।
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पिरथी नंबरदार, इनेलो विधायक नरवाना।
फोटो नंबर
02जेएनडी 54: कृष्ण राठी।