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शिक्षा स्तर सुधारने की कवायद
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:42 PM IST
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स्कूली बच्चों के शिक्षा के स्तर को सुधारने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सक्षम हरियाणा कार्यक्रम के तहत जिला के स्कूलों में पहली से बाहरवीं तक के बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारा जाएगा। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियांवयन को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीसी अमित खत्री ने किया। जिसका एजेंडा मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुभी केसरवानी ने रखा। डीसी विनय सिंह ने शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को सक्षम हरियाणा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कक्षा बाहरवीं तक के बच्चों को उनकी क्लास के हिसाब से शिक्षा के स्तर को उन्नत करना है। प्रथम चरण में अलेवा व जुलाना खंड को इसमें शामिल किया गया है। अलेवा में पांच तथा जुलाना में सात कलस्टर बनाकर स्कूलों में बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए प्रयास किए जाएं। प्रत्येक कलस्टर के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो समय-समय पर निरीक्षण करेगा और अध्यापकों के साथ समन्वय कर शिक्षा स्तर को सुधारने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को गति प्रदान करने के लिए सभी शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक हिदायतें दी गई। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए यदि प्रोजेक्टर इत्यादि की जरूरत पड़े तो उसकी व्यवस्था करवा दी जाएगी। जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बीएड के प्रशिक्षुओं की सेवाएं बच्चों के पढ़ाने के कार्य में ली जा सकती है। इसके अलावा विभाग के आदेशों अनुसार सेवानिवृत्त अच्छे शिक्षकों की सेवाएं भी बच्चों को पढ़ाने के काम में ली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुभी केसरवानी ने इस कार्यक्रम को सही तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ावा देना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कलस्टर तैयार कर शिक्षा अधिकारियों को व्यवहारिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा दी। नवंबर माह से ये कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। बच्चों के लेवल को सुधारने के लिए हिंदी, गणित, विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल, डाईट ईक्कस के प्रधानाचार्य जयबीर ढांडा, डिप्टी डीईओ ब्रम्हप्रकाश राणा, विजय लक्ष्मी, डीपीसी अजीत सिंह श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारियों में सुदेश सिवाच, आदर्श राजन उपस्थित रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सक्षम हरियाणा कार्यक्रम के तहत जिला के स्कूलों में पहली से बाहरवीं तक के बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारा जाएगा। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियांवयन को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीसी अमित खत्री ने किया। जिसका एजेंडा मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुभी केसरवानी ने रखा। डीसी विनय सिंह ने शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को सक्षम हरियाणा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कक्षा बाहरवीं तक के बच्चों को उनकी क्लास के हिसाब से शिक्षा के स्तर को उन्नत करना है। प्रथम चरण में अलेवा व जुलाना खंड को इसमें शामिल किया गया है। अलेवा में पांच तथा जुलाना में सात कलस्टर बनाकर स्कूलों में बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए प्रयास किए जाएं। प्रत्येक कलस्टर के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो समय-समय पर निरीक्षण करेगा और अध्यापकों के साथ समन्वय कर शिक्षा स्तर को सुधारने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को गति प्रदान करने के लिए सभी शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक हिदायतें दी गई। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए यदि प्रोजेक्टर इत्यादि की जरूरत पड़े तो उसकी व्यवस्था करवा दी जाएगी। जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बीएड के प्रशिक्षुओं की सेवाएं बच्चों के पढ़ाने के कार्य में ली जा सकती है। इसके अलावा विभाग के आदेशों अनुसार सेवानिवृत्त अच्छे शिक्षकों की सेवाएं भी बच्चों को पढ़ाने के काम में ली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुभी केसरवानी ने इस कार्यक्रम को सही तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ावा देना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कलस्टर तैयार कर शिक्षा अधिकारियों को व्यवहारिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा दी। नवंबर माह से ये कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। बच्चों के लेवल को सुधारने के लिए हिंदी, गणित, विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल, डाईट ईक्कस के प्रधानाचार्य जयबीर ढांडा, डिप्टी डीईओ ब्रम्हप्रकाश राणा, विजय लक्ष्मी, डीपीसी अजीत सिंह श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारियों में सुदेश सिवाच, आदर्श राजन उपस्थित रही।