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केंद्रीय बजट में जींद को मिले रेलवे के कई प्रोजेक्ट, जींद व बरसोला के बीच लगेगा विशेष सिग्नल
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अंतरिम बजट : जींद और बरसोला के बीच लगेंगे विशेष सिग्नल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शुक्रवार को पेश हुए केंद्रीय बजट में जींद को रेलवे की कई सौगात मिली है। इसमें जहां कई जगह पुरानी रेलवे लाइन को बदलने का प्रावधान है, वहीं जींद से हांसी के बीच नई रेलवे लाइन शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है। यह परियोजना दस साल से प्रक्रिया में है। अब इसके सिरे चढ़ने से जींद चारों ओर से रेलवे मार्ग से जुड़ जाएगा। इसके तहत दिल्ली-बठिंडा रेलवे सेक्शन पर तीन स्टेशन पर इंटरमीडिएट ब्लॉक सेक्शन बनाए जाएंगे। इसमें जींद-बरसोला को भी चिह्नित किया गया है। इससे ट्रेन यातायात सुचारू होगा।
दरअसल दो स्टेशन के बीच अधिक दूरी होने पर रेलवे को एक व्यवस्था करनी होती है कि जब तक एक ट्रेन अगले स्टेशन पर नहीं पहुंच जाती, दूसरी ट्रेन को उस लाइन पर नहीं चलाया जा सकता। ऐसे में जींद-बरसोला रेलवे स्टेशन के बीच इंटरमीडिएट ब्लॉक सेक्शन बनने से जींद रेलवे जंक्शन से एक ट्रेन को बरसोला पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके बीच में एक और सिग्नल लगाया जाएगा। जैसे ही ट्रेन इस सिग्नल को पार कर लेगी तभी पीछे से दूसरी ट्रेन को चलाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि जींद-नरवाना रेलवे लाइन पर प्रतिदिन करीब 70 यात्री गाड़ी और करीब 20 मालगाड़ी चलती हैं। इससे यदि एक ट्रेन के परिचालन में पांच मिनट का समय भी बचता है तो यह जींद रेलवे लाइन पर ट्रेन परिचालन काफी सहज होगा। बजट में तीनों परियोजनाओं के लिए चार करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
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वहीं नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर साढ़े 31 किलोमीटर में टीआरआर होनी है। इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। जींद-पानीपत रूट पर 5.70 किलोमीटर में सीटीआर होनी है। जिस पर पांच करोड़ रुपये की राशि का खर्च आएगा। जींद-पानीपत रूट पर साढ़े 40 किलोमीटर में सीटीआर पर 66 करोड़ 61 हजार रुपये खर्च होेंगे। नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर 27.67 किलोमीटर पर सीटीआर होनी है। इस पर 36 करोड़ 87 हजार रुपये राशि खर्च होगी। नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर 1.96 किलोमीटर में सीटीआर पर छह करोड़ 52 लाख रुपये खर्च होंगे। जींद-पानीपत रूट पर 10.72 किलोमीटर मे सीटीआर पर 21 करोड़ रुपये खर्च होेंगे।
सांसद रमेश कौशिक के अनुसार जींद को रेलवे की कई सौगात मिली हैै। इनमें जींद-हांसी रेलवे लाइन पर काम शुरू होना सबसे बड़ी है। इसके अलावा कई रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी और आरयूबी बनने हैं। कई जगह पुरानी पटरी बदली जाएंगी। इस बजट से जींद को विकास की नई गति मिलेगी।
सिर्फ बजट में प्रावधान करने से कुछ नहीं होता। पिछले बजट में भी इसका प्रावधान किया गया था, लेकिन प्रदेश सरकार जब तक पैसे जमा नहीं करवाती काम आगे नहीं बढ़ेगा। बजट में सिर्फ चुनावी जुमले जोड़े गए हैं। कोई परियोजना धरातल पर आए तो बात बने।
दुष्यंत चौटाला, सांसद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शुक्रवार को पेश हुए केंद्रीय बजट में जींद को रेलवे की कई सौगात मिली है। इसमें जहां कई जगह पुरानी रेलवे लाइन को बदलने का प्रावधान है, वहीं जींद से हांसी के बीच नई रेलवे लाइन शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है। यह परियोजना दस साल से प्रक्रिया में है। अब इसके सिरे चढ़ने से जींद चारों ओर से रेलवे मार्ग से जुड़ जाएगा। इसके तहत दिल्ली-बठिंडा रेलवे सेक्शन पर तीन स्टेशन पर इंटरमीडिएट ब्लॉक सेक्शन बनाए जाएंगे। इसमें जींद-बरसोला को भी चिह्नित किया गया है। इससे ट्रेन यातायात सुचारू होगा।
दरअसल दो स्टेशन के बीच अधिक दूरी होने पर रेलवे को एक व्यवस्था करनी होती है कि जब तक एक ट्रेन अगले स्टेशन पर नहीं पहुंच जाती, दूसरी ट्रेन को उस लाइन पर नहीं चलाया जा सकता। ऐसे में जींद-बरसोला रेलवे स्टेशन के बीच इंटरमीडिएट ब्लॉक सेक्शन बनने से जींद रेलवे जंक्शन से एक ट्रेन को बरसोला पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके बीच में एक और सिग्नल लगाया जाएगा। जैसे ही ट्रेन इस सिग्नल को पार कर लेगी तभी पीछे से दूसरी ट्रेन को चलाया जा सकेगा।
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गौरतलब है कि जींद-नरवाना रेलवे लाइन पर प्रतिदिन करीब 70 यात्री गाड़ी और करीब 20 मालगाड़ी चलती हैं। इससे यदि एक ट्रेन के परिचालन में पांच मिनट का समय भी बचता है तो यह जींद रेलवे लाइन पर ट्रेन परिचालन काफी सहज होगा। बजट में तीनों परियोजनाओं के लिए चार करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
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वहीं नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर साढ़े 31 किलोमीटर में टीआरआर होनी है। इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। जींद-पानीपत रूट पर 5.70 किलोमीटर में सीटीआर होनी है। जिस पर पांच करोड़ रुपये की राशि का खर्च आएगा। जींद-पानीपत रूट पर साढ़े 40 किलोमीटर में सीटीआर पर 66 करोड़ 61 हजार रुपये खर्च होेंगे। नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर 27.67 किलोमीटर पर सीटीआर होनी है। इस पर 36 करोड़ 87 हजार रुपये राशि खर्च होगी। नरवाना-कुरुक्षेत्र रूट पर 1.96 किलोमीटर में सीटीआर पर छह करोड़ 52 लाख रुपये खर्च होंगे। जींद-पानीपत रूट पर 10.72 किलोमीटर मे सीटीआर पर 21 करोड़ रुपये खर्च होेंगे।
सांसद रमेश कौशिक के अनुसार जींद को रेलवे की कई सौगात मिली हैै। इनमें जींद-हांसी रेलवे लाइन पर काम शुरू होना सबसे बड़ी है। इसके अलावा कई रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी और आरयूबी बनने हैं। कई जगह पुरानी पटरी बदली जाएंगी। इस बजट से जींद को विकास की नई गति मिलेगी।
सिर्फ बजट में प्रावधान करने से कुछ नहीं होता। पिछले बजट में भी इसका प्रावधान किया गया था, लेकिन प्रदेश सरकार जब तक पैसे जमा नहीं करवाती काम आगे नहीं बढ़ेगा। बजट में सिर्फ चुनावी जुमले जोड़े गए हैं। कोई परियोजना धरातल पर आए तो बात बने।
दुष्यंत चौटाला, सांसद।