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इलाके के तस्वीर व तकदीर बदलने का चुनाव है : सुरजेवाला
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इलाके के तस्वीर और तकदीर बदलने का है चुनाव : सुरजेवाला
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद उपचुनाव केवल विधायक चुनने का नहीं है। यह चुनाव जींद इलाके के तस्वीर और तकदीर बदलने का चुनाव है। यहां के युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने का चुनाव है। यह बात कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को एक नुक्कड़ सभा में कही।
उन्होंने कहा कि जींद की जनता ने ही मुझे तीन बार नरवाना से जिताकर विधानसभा भेजा। अब जींद का तप मैं मांगने आया हूं। जींद की धरती का कर्ज चुकाने के लिए ही चुनाव मैदान में उतरा हूं। आज भी मुझे यह सुनकर पीड़ा होती है कि जींद का नाम जब प्रदेश में लिया जाता है तो इसे पिछड़े हलके की श्रेणी में गिना जाता है। मैं अपनी धरती पर लगे पिछड़ेपन के ठप्पे को हटाने आया हूं। उन्होंने कहा कि आज जींद में पटियाला चौक से रोहतक चौक तथा राजस्थान से अंबाला के रास्ते के हालात काफी खराब हैं। यहां से जाने वाले लोग खुद भी मिट्टी फांकते हैं और हमें भी खिलाकर जाते हैं। जींद शहर को रिंग रोड और बाईपास की जरूरत है। शहर की 104 बस्तियों और 30 वार्डों के लोग ट्यूबवेल का पानी पीने को मजबूर हैं, जो काफी जहरीला है। इस पानी का टेस्ट करवाया तो पता चला कि इसमें गंदे पदार्थ मिले हैं। शहर में तीन वाटर वर्क्स की आवश्यकता है। शहर के 85 फीसदी हिस्से में तो सीवरेज ही नहीं है। उधर गांव जुलानी में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने भी जनसभा को संबोधित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद उपचुनाव केवल विधायक चुनने का नहीं है। यह चुनाव जींद इलाके के तस्वीर और तकदीर बदलने का चुनाव है। यहां के युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने का चुनाव है। यह बात कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को एक नुक्कड़ सभा में कही।
उन्होंने कहा कि जींद की जनता ने ही मुझे तीन बार नरवाना से जिताकर विधानसभा भेजा। अब जींद का तप मैं मांगने आया हूं। जींद की धरती का कर्ज चुकाने के लिए ही चुनाव मैदान में उतरा हूं। आज भी मुझे यह सुनकर पीड़ा होती है कि जींद का नाम जब प्रदेश में लिया जाता है तो इसे पिछड़े हलके की श्रेणी में गिना जाता है। मैं अपनी धरती पर लगे पिछड़ेपन के ठप्पे को हटाने आया हूं। उन्होंने कहा कि आज जींद में पटियाला चौक से रोहतक चौक तथा राजस्थान से अंबाला के रास्ते के हालात काफी खराब हैं। यहां से जाने वाले लोग खुद भी मिट्टी फांकते हैं और हमें भी खिलाकर जाते हैं। जींद शहर को रिंग रोड और बाईपास की जरूरत है। शहर की 104 बस्तियों और 30 वार्डों के लोग ट्यूबवेल का पानी पीने को मजबूर हैं, जो काफी जहरीला है। इस पानी का टेस्ट करवाया तो पता चला कि इसमें गंदे पदार्थ मिले हैं। शहर में तीन वाटर वर्क्स की आवश्यकता है। शहर के 85 फीसदी हिस्से में तो सीवरेज ही नहीं है। उधर गांव जुलानी में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने भी जनसभा को संबोधित किया।
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