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Jind News: सड़क हादसों में दो वर्ष में 365 लोगों ने गंवाई जान, 567 घायल
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25जेएनडी 06: बिना सफेद पट्टी के खरकगादियां व ढाठरथ रोड। संवाद
जींद। यातायात नियमों की अनदेखी से सड़क हादसों में बीते दो वर्ष में 365 लोगों की मौत हुई है। इसके बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी सड़क सुरक्षा को गंभीर नहीं हैं। धुंध का मौसम शुरू होने को है, लेकिन जिले में सड़कों पर न तो सफेद पट्टी और न ही कहीं सांकेतिक लगे हैं। वहीं चालकों की ओर से भी लापरवाही हादसों का कारण बन रहा है।
जिले में बीते दो वर्षों में जहां 365 लोगों की मौत हुई है, वहीं इन हादसों में 567 लोग घायल भी हुए और 608 एफआईआर दर्ज हुई हैं। बीते साल की तुलना में इस साल सड़क हादसों में कमी आने के कारण मरने वालों की संख्या भी कम हुई है। अभी तक जिले की अधिकतर सड़कों पर सफेद पट्टी, जेबरा क्रासिंग, आई कैट, रिफलेक्टर व सांकेतिक नहीं लगे। यह पीडब्ल्यूडी बीएंड आर व एनएचआई के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है। इसके सुधार के लिए डीसी की अध्यक्षता में यातायात पुलिस, सड़क सुरक्षा कमेटी के सदस्यों व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की प्रत्येक माह बैठक होती है। इस बैठक में जहां भी जिले में सड़कों पर नियमों के तहत सांकेतिक नहीं लगे या गड्डे भरवाने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। सड़कों पर समय से सुधार नहीं होता। इसके कारण हादसों की संख्या में बढ़ौतरी हो रही है। वाहन चालक भी तय गति सीमा समेत अन्य यातायात नियमों की पालना नहीं करते। अधिकतर बाइकों पर बिना हेलमेट के दो से तीन यात्री सवारी करते हैं। यातायात पुलिस भी इनके चालान कर रही है। सरेआम तेज गति से अधिकतर युवक बाइक की सवारी करते पाए जाते हैं। नेशनल हाईवे पर भी निर्धारित गति से ज्यादा में वाहन चलाए जाने के कारण हादसे हो रहे हैं।
159 एफआईआर दर्ज हुई
वर्ष 2023 में 159 एफआईआर दर्ज हुई। इनमें 194 लोगों की मौत हुई, जबकि 77 घायल हुए। इसके अलावा 160 वह एफआईआर दर्ज हुई। जिनमें मौत न होकर 202 लोग घायल हुए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 में 153 एफआईआर दर्ज हुई। इनमें 177 लोगों की मौत व 107 लोग घायल हुए। 136 एफआईआर ऐसी थी। इनमें मौत न होकर 181 लोग घायल हुए थे।
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यातायात नियमों के लिए किया जा रहा जागरूक
यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल, कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें सड़क पर चलने के नियम, वाहन की गति, सांकेतिक बोर्ड के निर्देशों पर चलने के लिए जानकारी दी जाती है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती हैं, ताकि हादसों की संख्या में कमी लाई जा सके।
-- शमशेर सिंह यातायात थाना प्रभारी जींद।
सड़कों पर सफेद पट्टी व सांकेतिक लगवाने का काम शुरू
सड़कों पर सफेद पट्टी व सांकेतिक, जरूरत अनुसार स्पीड ब्रेकर बनवाने व सांकेतिक लगवाने का काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर इसको पूरा किया गया है तो कुछ पर जल्द शुरू करवाया जाएगा। धुंध के मौसम से पहले पीडब्ल्यूडी बीएंड आर की सड़कों पर सड़क सुरक्षा को लेकर तमाम व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी।
-- राजकुमार नैन एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर जींद।
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जिले में बीते दो वर्षों में जहां 365 लोगों की मौत हुई है, वहीं इन हादसों में 567 लोग घायल भी हुए और 608 एफआईआर दर्ज हुई हैं। बीते साल की तुलना में इस साल सड़क हादसों में कमी आने के कारण मरने वालों की संख्या भी कम हुई है। अभी तक जिले की अधिकतर सड़कों पर सफेद पट्टी, जेबरा क्रासिंग, आई कैट, रिफलेक्टर व सांकेतिक नहीं लगे। यह पीडब्ल्यूडी बीएंड आर व एनएचआई के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है। इसके सुधार के लिए डीसी की अध्यक्षता में यातायात पुलिस, सड़क सुरक्षा कमेटी के सदस्यों व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की प्रत्येक माह बैठक होती है। इस बैठक में जहां भी जिले में सड़कों पर नियमों के तहत सांकेतिक नहीं लगे या गड्डे भरवाने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। सड़कों पर समय से सुधार नहीं होता। इसके कारण हादसों की संख्या में बढ़ौतरी हो रही है। वाहन चालक भी तय गति सीमा समेत अन्य यातायात नियमों की पालना नहीं करते। अधिकतर बाइकों पर बिना हेलमेट के दो से तीन यात्री सवारी करते हैं। यातायात पुलिस भी इनके चालान कर रही है। सरेआम तेज गति से अधिकतर युवक बाइक की सवारी करते पाए जाते हैं। नेशनल हाईवे पर भी निर्धारित गति से ज्यादा में वाहन चलाए जाने के कारण हादसे हो रहे हैं।
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159 एफआईआर दर्ज हुई
वर्ष 2023 में 159 एफआईआर दर्ज हुई। इनमें 194 लोगों की मौत हुई, जबकि 77 घायल हुए। इसके अलावा 160 वह एफआईआर दर्ज हुई। जिनमें मौत न होकर 202 लोग घायल हुए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 में 153 एफआईआर दर्ज हुई। इनमें 177 लोगों की मौत व 107 लोग घायल हुए। 136 एफआईआर ऐसी थी। इनमें मौत न होकर 181 लोग घायल हुए थे।
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यातायात नियमों के लिए किया जा रहा जागरूक
यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल, कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें सड़क पर चलने के नियम, वाहन की गति, सांकेतिक बोर्ड के निर्देशों पर चलने के लिए जानकारी दी जाती है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती हैं, ताकि हादसों की संख्या में कमी लाई जा सके।
सड़कों पर सफेद पट्टी व सांकेतिक लगवाने का काम शुरू
सड़कों पर सफेद पट्टी व सांकेतिक, जरूरत अनुसार स्पीड ब्रेकर बनवाने व सांकेतिक लगवाने का काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर इसको पूरा किया गया है तो कुछ पर जल्द शुरू करवाया जाएगा। धुंध के मौसम से पहले पीडब्ल्यूडी बीएंड आर की सड़कों पर सड़क सुरक्षा को लेकर तमाम व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी।