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सैनिटरी पैड्स बनाना सिखाकर 250 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

Thu, 05 Nov 2020 01:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 01:14 AM IST
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250 women made self-sufficient by teaching them to make sanitary pads
बेहतर काम के लिए पुष्पा को सम्मानित किया गया। - फोटो : Jind
जींद। मन में कुछ करने की इच्छा हो तो बिना पंखों के भी उड़ान भरी जा सकती है। यह कहानी है दबलेन गांव की पुष्पा की। जिन्होंने अपने काम को शुरू करने के बाद जरूरतमंद महिलाओं के परिवार के बारे में सोचा। उनके घर रोशन करने का काम किया। पुष्पा ने 2009 में सैनिटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने अपना काम शुरू किया। आज करीब 250 महिलाओं को सैनिटरी पैड्स बनाना सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने अब तक लगभग 1700 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है।
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पुष्पा ने जींद ही नहीं हिसार, सिरसा, कैथल समेत अन्य कई जिलों में महिलाओं को सैनिटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण देने तक ही पुष्पा सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने जिन महिलाओं में कुछ करने का साहस दिखा उनको मशीन से लेकर सैनिटरी पैड्स बनाने के लिए सामान तक खुद दिलवाकर काम शुरू करवाया। पुष्पा अपने द्वारा प्रशिक्षण दी गई महिलाओं को दिल्ली तो कभी पटियाला जाकर भी सामान दिलवाती हैं। वह महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव काम कर रही हैं। बेहतर काम के लिए उन्हें कई बार जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। कोरोना काल में उन्होंने महिलाओं की मदद से करीब 3 हजार मास्क बनवाकर जरूरतमंदों को बांटे। इसके अलावा 6 हजार सैनिटरी नैपकिन महिलाओं व लड़कियों को निशुल्क वितरित किए गए।
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सिलाई व चुड़ियां बनाने का काम भी सिखा रही
पुष्पा केवल सैनिटरी पैड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने 200 से ज्यादा महिलाओं को सिलाई चुड़ियां बनाना भी सिखाया। इनमें से 50 महिलाएं सिलाई और चुड़ी बनाने का काम कर अपने परिवार की जीविका अच्छे तरीके से चला रही हैं।
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पैसा कमाना लक्ष्य नहीं साथ में कर रही समाजसेवा
पुष्पा का लक्ष्य पैसा कमाना नहीं बल्कि बेहतर समाजसेविका बनना है। पुष्पा ने अब तक लगभग 5000 से भी ज्यादा सैनिटरी पैड के पैकट बीपीएल व अन्य जरूरतमंद महिलाओं को वितरित किए हैं। अक्सर महिलाओं को इस महामारी के लिए जागरूक करने के लिए वह गांवों की बस्तियों से लेकर लड़कियों के स्कूल में शिविर लगाती हैं। इस दौरान वह महिलाओं को सैनिटरी पैड के इस्तेमाल के फायदे बताती हैं।
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