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इस वर्ष जींद और उचाना में होगी सरसों की खरीद

Sat, 16 Mar 2019 11:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2019 11:25 PM IST
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इस वर्ष जींद और उचाना में होगी सरसों की खरीद
इस बार जींद और उचाना में होगी सरसों की खरीद
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरसों की खरीद को लेकर पिछले वर्ष जींद में एक खरीद केंद्र बनाया गया था। जिसकी वजह से किसानों को सरसों को बेचने के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा था। लेकिन इस वर्ष किसानों की आधी समस्या कम हो गई है। सरकार ने जींद और उचाना में सरसों खरीद के लिए दो मंडियां बनाई हैं। अब किसानों के लिए दूसरी परेशानी यह सरसों की खरीद के लिए सरकार की तरफ से हैफेड के पास गाइड लाइन नहीं आना बना हुआ है।
किसानों की फसल पककर तैयार हो चुकी है। एक सप्ताह से जींद की मंडी में सरसों आने लगी है, लेकिन इसका कोई खरीदार नहीं है। इसका कारण सरकार की सरसों खरीद को लेकर गाइड लाइन जारी न होना है। इसके कारण किसानों को मंडी में अपनी फसल व्यापारियों के दरबार में बेचनी पड़ रही है। सरसों का सरकारी रेट प्रति क्विंटल 4200 रुपये हैं, लेकिन यह व्यापारी किसानों की सरसों तीन हजार से लेकर साढ़े तीन हजार रुपये में खरीद रहे हैं। मंडी में किसानों ने कहा कि फसल पककर तैयार है, लेकिन सरकार ने गाइड लाइन जारी नहीं की। किसानों ने कहा कि सरसों की फसल को तुरंत खरीदा जाए।
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गेहूं की तर्ज पर किसान की फसल को खरीदा जाए
किसान की सरसों को मंडी में आते ही खरीदा जाए। इसके लिए न तो रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होना चाहिए और न ही सरकार की गाइड लाइन का इंतजार करवाना चाहिए। सरकार की गाइड लाइन और मेरी फसल मेरा ब्योरा के नाम पर केवल किसानों को लूटने की योजना है। हजारों किसान ऐसे हैं। जिनकी फसल का ब्योरा पोर्टल पर नहीं होता और वह फसल को सस्ते दामों में व्यापारियों को बेचने को मजबूर होते हैं।
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किसान महीपाल संगतपुरा
ठेके की जमीन बनी सिरदर्द
मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना उन किसानों के लिए सिरदर्द बनी है, जो भूमि को ठेके पर लेकर खेती करते हैं। इस योजना के तहत जिसके नाम जमीन होती है। उसी का ब्योरा दर्ज होता है। इससे ठेकेदार को कोई लाभ नहीं मिलता। यह सब औपचारिकता किसान को लूटने के लिए बनाई हैं।
किसान सुनील जलालपुरा कलां
तीन दिन से कर रहे खरीदार का इंतजार
सरसों की फसल के लिए मंडी में कोई खरीददार ही सामने नहीं आ रहा। तीन दिन से मंडी में खरीदार का इंतजार कर रहा है। जो भी व्यापारी होता है वह तीन हजार से 3200 रुपये के रेट लगाकर चला जाता है। किसान की मंडी में दुर्गति हो रही है। सरकार को चाहिए कि वह किसान की फसल को मंडी में आते ही बिना शर्त के खरीदना चाहिए।

किसान सुलतान सिंह झांझ कलां
सरसों खरीद के लिए सरकार की तरफ से नहीं मिली गाइड लाइन
सरसों खरीदने के लिए अभी तक सरकार की गाइड लाइन नहीं मिली है। गाइड लाइन मिलते ही सरसों खरीदने का काम शुरू कर दिया जाएगा। पिछले वर्ष 30 मार्च को खरीद प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिन किसानों की सरसों की फसल पक चुकी है उनको सरकार की गाइड लाइन का इंतजार करना चाहिए, ताकि अपनी सरसों की फसल को पूरे रेट में बेचा जा सके।
-रोशन गोयल हैफेड मैनेजर जींद।
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