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साढ़े नौ साल बाद समाप्त हुआ जींद का राजनीतिक वनवास
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साढ़े नौ साल बाद समाप्त हुआ जींद का राजनीतिक वनवास
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। उपचुनाव में भाजपा की जीत के साथ ही जींद का साढ़े नौ साल तक चला राजनीतिक वनवास समाप्त हो गया। 2009 में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते मांगेराम गुप्ता इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा से हार गए थे। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में भी डॉ. हरिचंद मिड्ढा विधायक बने। लगातार साढ़े नौ साल तक विपक्ष में रहने के बाद अब जींद की जनता ने सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को अपना विधायक चुना है। इसके साथ ही साढ़े नौ साल पुराना राजनीतिक वनवास समाप्त हो गया है। जींद पर हमेशा सत्ता से बाहर रहने का टैग लगता आया है, हालांकि ऐसा अक्सर नहीं हुआ है, लेकिन जिस प्रकार 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त लहर के बीच जींद में भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्र बरवाला हारे, उससे लोगों को लगा कि जींद की जनता सत्ता के खिलाफ चलेगी। ऐसे में एक बार फिर जींद के लोगों ने साफ कर दिया कि लोग सत्ता के साथ ही रहेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। उपचुनाव में भाजपा की जीत के साथ ही जींद का साढ़े नौ साल तक चला राजनीतिक वनवास समाप्त हो गया। 2009 में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते मांगेराम गुप्ता इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा से हार गए थे। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में भी डॉ. हरिचंद मिड्ढा विधायक बने। लगातार साढ़े नौ साल तक विपक्ष में रहने के बाद अब जींद की जनता ने सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को अपना विधायक चुना है। इसके साथ ही साढ़े नौ साल पुराना राजनीतिक वनवास समाप्त हो गया है। जींद पर हमेशा सत्ता से बाहर रहने का टैग लगता आया है, हालांकि ऐसा अक्सर नहीं हुआ है, लेकिन जिस प्रकार 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त लहर के बीच जींद में भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्र बरवाला हारे, उससे लोगों को लगा कि जींद की जनता सत्ता के खिलाफ चलेगी। ऐसे में एक बार फिर जींद के लोगों ने साफ कर दिया कि लोग सत्ता के साथ ही रहेंगे।