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लंपी चर्म रोग वायरस के 210 नए केस, तीन पशुओं की मौत
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गोशाला में पशुओं को टीकाकरण करते हुए। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। जिले में लंपी चर्म रोग वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिले में 210 नए मामले सामने आए जबकि तीन पशुओं की मौत हो हुई। अब तक जिले में 1410 गाय और छह भैंस संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं। 490 पशु इस बीमारी से ठीक भी हुए हैं। अभी तक जिले में किसी भी पशु की संक्रमण के कारण मौत नहीं हुई थी, लेकिन शुक्रवार को एक ही दिन में तीन पशुओं की मौत से पशुपालन विभाग भी सकते में आ गया है।
जिले में लंपी वायरस की वीरवार को 83600 डोज भी पहुंची थी और विभाग ने तेजी से वैक्सीनेशन शुरू करते हुए अब तक 33 हजार गोवंश का टीकाकरएा किया है। जिले में अब तक 110 गांव तथा नौ गोशालाओं में लंपी वायरस के केस मिले हैं। गत सप्ताह भी जिले में 6000 वैक्सीन पहुंची थी। जिसको पशुपालन विभाग की टीम ने दो दिन में ही संक्रमित क्षेत्र में पशुओं को लगाया था। अब जिले में वैक्सीन ज्यादा पहुंचने पर पशुओं को इस वैक्सीन को लगाने के लिए 65 टीमों का गठन किया गया है। जो घर-घर जाकर पशुओं को वैक्सीन लगा रही हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने पशुओं को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने पर भी रोक लगाई हुई है, ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
यूं बढ़ता गया वायरस का प्रकोप
तिथि केस मिले
26 अगस्त 210
25 अगस्त 198
24 अगस्त 187
23 अगस्त 167
22 अगस्त 204
21 अगस्त 84
लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए गोभक्त भी आए पशुपालन विभाग के साथ
जिला में लंपी वायरस पशुओं को अधिक नुकसान न पहुंचे इसके लिए गोभक्त भी अपने स्तर पर पशुओं को बचाने का कार्य कर रहे हैं। गोभक्तों ने शुक्रवार को सड़क किनारे लंपी ग्रस्त पशुओं को फि टकरी का घोल छिड़कने का कार्य किया। गोभक्तों की टीमों ने जगह-जगह पशुओं पर फिटकरी का घोल छिड़का।
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पशुपालन विभाग ने इस रोग को फैलने से रोकने के लिए पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें उन्होंने संक्रमित पशुओं को दूसरे स्थान पर रखने तथा उनक ो संतुलित चारा व फीड डालने के निर्देश दिए हैं, ताकि वह जल्दी ही संक्रमण को रिकवर कर सकें। इसके अलावा इन पशुओं को तालाब व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने पर भी पाबंधी लगाई है। इसको लेकर जिला में धारा 144 लगाई गई है, ताकि अन्य पशु इसकी चपेट में आने से बचाए जा सकें।
-डॉ. राजू शर्मा, चिकित्सक पशु पालन विभाग।
जिला की गोशालाओं में कुछ गोवंश में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है। जिस भी गोवंश पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखे तो पशुपालन विभाग को सूचना दें। जिला में इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा टीकारण अभियान चलाया जा रहा है। जिला की सभी गोशालाओं में फ ोगिंग व सोडियम हाईक्लोराईड का स्प्रे करवाया गया है। इस बीमारी को लेकर जिला में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब तक जिला में 1410 गोवंश और छह भैंसों को इस बीमारी ने संक्रमित किया है। डॉक्टरों द्वारा लंपी बीमारी से ग्रस्त 488 गोवंश, दो भैंस तथा 51 गोशाला के पशुओं को ठीक किया गया है
-डीसी डॉ. मनोज कुमार।
वैक्सीन की 89600 डोज अब तक मिली थी। पशुपालन विभाग की टीमों ने 33 हजार से ज्यादा पशुओं को डोज लगाने का काम किया है। फि लहाल एक-एक एमएल की डोज पशुओं को दी जा रही है। अब तक 488 गाय और दो भैंस बीमारी की चपेट में आने के बाद ठीक हो चुकी हैं।
- डॉ. रविंद्र हुड्डा पशुपालन विभाग के उपनिदेशक
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जिले में लंपी वायरस की वीरवार को 83600 डोज भी पहुंची थी और विभाग ने तेजी से वैक्सीनेशन शुरू करते हुए अब तक 33 हजार गोवंश का टीकाकरएा किया है। जिले में अब तक 110 गांव तथा नौ गोशालाओं में लंपी वायरस के केस मिले हैं। गत सप्ताह भी जिले में 6000 वैक्सीन पहुंची थी। जिसको पशुपालन विभाग की टीम ने दो दिन में ही संक्रमित क्षेत्र में पशुओं को लगाया था। अब जिले में वैक्सीन ज्यादा पहुंचने पर पशुओं को इस वैक्सीन को लगाने के लिए 65 टीमों का गठन किया गया है। जो घर-घर जाकर पशुओं को वैक्सीन लगा रही हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने पशुओं को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने पर भी रोक लगाई हुई है, ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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यूं बढ़ता गया वायरस का प्रकोप
तिथि केस मिले
26 अगस्त 210
25 अगस्त 198
24 अगस्त 187
23 अगस्त 167
22 अगस्त 204
21 अगस्त 84
लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए गोभक्त भी आए पशुपालन विभाग के साथ
जिला में लंपी वायरस पशुओं को अधिक नुकसान न पहुंचे इसके लिए गोभक्त भी अपने स्तर पर पशुओं को बचाने का कार्य कर रहे हैं। गोभक्तों ने शुक्रवार को सड़क किनारे लंपी ग्रस्त पशुओं को फि टकरी का घोल छिड़कने का कार्य किया। गोभक्तों की टीमों ने जगह-जगह पशुओं पर फिटकरी का घोल छिड़का।
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पशुपालन विभाग ने इस रोग को फैलने से रोकने के लिए पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें उन्होंने संक्रमित पशुओं को दूसरे स्थान पर रखने तथा उनक ो संतुलित चारा व फीड डालने के निर्देश दिए हैं, ताकि वह जल्दी ही संक्रमण को रिकवर कर सकें। इसके अलावा इन पशुओं को तालाब व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने पर भी पाबंधी लगाई है। इसको लेकर जिला में धारा 144 लगाई गई है, ताकि अन्य पशु इसकी चपेट में आने से बचाए जा सकें।
-डॉ. राजू शर्मा, चिकित्सक पशु पालन विभाग।
जिला की गोशालाओं में कुछ गोवंश में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है। जिस भी गोवंश पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखे तो पशुपालन विभाग को सूचना दें। जिला में इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा टीकारण अभियान चलाया जा रहा है। जिला की सभी गोशालाओं में फ ोगिंग व सोडियम हाईक्लोराईड का स्प्रे करवाया गया है। इस बीमारी को लेकर जिला में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब तक जिला में 1410 गोवंश और छह भैंसों को इस बीमारी ने संक्रमित किया है। डॉक्टरों द्वारा लंपी बीमारी से ग्रस्त 488 गोवंश, दो भैंस तथा 51 गोशाला के पशुओं को ठीक किया गया है
-डीसी डॉ. मनोज कुमार।
वैक्सीन की 89600 डोज अब तक मिली थी। पशुपालन विभाग की टीमों ने 33 हजार से ज्यादा पशुओं को डोज लगाने का काम किया है। फि लहाल एक-एक एमएल की डोज पशुओं को दी जा रही है। अब तक 488 गाय और दो भैंस बीमारी की चपेट में आने के बाद ठीक हो चुकी हैं।
- डॉ. रविंद्र हुड्डा पशुपालन विभाग के उपनिदेशक