{"_id":"5c7821fabdec226bbc657bdc","slug":"201551376890-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम दिन उमड़ी लोगों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम दिन उमड़ी लोगों की भीड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लेने को उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन जमा करवाने की वीरवार को अंतिम तिथि थी। इसी के चलते किसान योजना का लाभ लेने के लिए सुबह ही किसान तहसील कार्यालय में जमाबंदी लेने के लिए पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर तक इन लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जमाबंदी के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। तहसील कार्यालय से जमाबंदी मिलने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिली। इसके बाद फार्म जमा करवाने के लिए जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय में भी किसानों की लंबी लाइन लग गई। कृषि विभाग के कार्यालय में किसानों को फार्म नहीं मिल पाए। कृषि विभाग के कार्यालय में फार्म खत्म होने के कारण फोटो स्टेट संचालकों ने जमकर किसानों से चांदी कूटी। फोटो स्टेट संचालकों ने कृषि विभाग से निशुल्क मिलने वाला फार्म दस रुपये में बेचा। घंटों लाइन में जद्दोजहद के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पाई।
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को वर्ष में छह हजार रुपये की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों को आवेदन फार्म के साथ जमीन की जमाबंदी जमा करवानी आवश्यक थी। तहसील कार्यालय से जमाबंदी लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी लेकिन सर्वर में दिक्कत होने के कारण किसानों को फर्द के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई-कई घंटों के इंतजार के बाद किसानों को जमीन की जमाबंदी मि पाई। फर्द लेने के बाद जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय में भी फार्म जमा करवाने के लिए किसानों की काफी लंबी लाइन लगी।
फोटो स्टेट संचालकों ने जमकर कूटी चांदी
कृषि विभाग में योजना के फार्म खत्म होने के कारण किसानों को फार्म लेने के लिए फोटो स्टेट की दुकानों का रुख करना पड़ा। फोटो स्टेट संचालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए एक-एक रुपये के फार्म को दस रुपये की कीमत पर किसानों को बेचा।
विज्ञापन
दो दिन से काट रहे हैं तहसील के चक्कर
पिछले दो दिन से तहसील के चक्कर काट रहे है। अभी तक जमीन की जमाबंदी नहीं हुई और व्यवस्था भी काफी खराब है। यहां काफी लंबी लाइन लगी हुई और जमाबंदी का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। प्रशासन ने अभी तक किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं किया। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सियानंद, ईंटल खुर्द निवासी।
काफी खराब है व्यवस्था
तहसील में सुबह से जमीन के कागजात तैयार करवाने के लिए आए हुए हैं, लेकिन तहसील में लोगों की लाइन काफी लंबी लगी हुई है और व्यवस्था भी काफी खराब है लाइन में जवान, बुजुर्ग व महिलाएं लगी हुई है। महिलाओं व बुजुर्गों की अलग लाइन होनी चाहिए। जहां किसानों के फार्म जमा होते वहां भी काफी खराब हालात बने हुए हैं।
फतेह सिंह, ढाणी रामगढ़ निवासी।
योजना की अंतिम तिथि होने के कारण उमड़ी भीड़
वीरवार को आवेदन जमा करवाने का अंतिम दिन था। एक साथ काफी संख्या में किसानों के आने के कारण व्यवस्था गड़बड़ा गई। जिन किसानों के फार्म जमा हो चुके हैं उन्हें योजना का लाभ मिल पाएगा। जो किसान अभी फार्म जमा करवाने से वंचित रह गए हैं उनके लिए ऊपर से कोई निर्देश आएंगे तो आगामी कदम उठाए जाएंगे।
डॉॅ. सुरेंद्र मलिक, जिला उपकृषि निदेशक जींद।
जिले के 306 गांवों से अभी तक 109805 फार्म आए थे। इनमें से 95 हजार फार्म अपलोड किए जा चुके हैं, बाकी बचे आवेदनों को भी जल्द ही अपलोड कर दिया जाएगा। फार्म भरने के लिए 96 गांवों में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिन गांवों में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उन गांवों के फार्म साथ के साथ वेरीफाई कर दिए गए थे। जिन 210 गांवों में दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उन गांवों के आवेदनों के वेरीफाई किया जा रहा है। जल्द ही सभी प्रक्रिया पूरा किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही सरकार द्वारा किसानों के खाते में राशि डाल दी जाएगी।
-रामफल कटारिया, जिला राजस्व अधिकारी जींद।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन जमा करवाने की वीरवार को अंतिम तिथि थी। इसी के चलते किसान योजना का लाभ लेने के लिए सुबह ही किसान तहसील कार्यालय में जमाबंदी लेने के लिए पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर तक इन लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जमाबंदी के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। तहसील कार्यालय से जमाबंदी मिलने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिली। इसके बाद फार्म जमा करवाने के लिए जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय में भी किसानों की लंबी लाइन लग गई। कृषि विभाग के कार्यालय में किसानों को फार्म नहीं मिल पाए। कृषि विभाग के कार्यालय में फार्म खत्म होने के कारण फोटो स्टेट संचालकों ने जमकर किसानों से चांदी कूटी। फोटो स्टेट संचालकों ने कृषि विभाग से निशुल्क मिलने वाला फार्म दस रुपये में बेचा। घंटों लाइन में जद्दोजहद के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पाई।
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को वर्ष में छह हजार रुपये की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों को आवेदन फार्म के साथ जमीन की जमाबंदी जमा करवानी आवश्यक थी। तहसील कार्यालय से जमाबंदी लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी लेकिन सर्वर में दिक्कत होने के कारण किसानों को फर्द के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई-कई घंटों के इंतजार के बाद किसानों को जमीन की जमाबंदी मि पाई। फर्द लेने के बाद जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय में भी फार्म जमा करवाने के लिए किसानों की काफी लंबी लाइन लगी।
विज्ञापन
फोटो स्टेट संचालकों ने जमकर कूटी चांदी
कृषि विभाग में योजना के फार्म खत्म होने के कारण किसानों को फार्म लेने के लिए फोटो स्टेट की दुकानों का रुख करना पड़ा। फोटो स्टेट संचालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए एक-एक रुपये के फार्म को दस रुपये की कीमत पर किसानों को बेचा।
विज्ञापन
दो दिन से काट रहे हैं तहसील के चक्कर
पिछले दो दिन से तहसील के चक्कर काट रहे है। अभी तक जमीन की जमाबंदी नहीं हुई और व्यवस्था भी काफी खराब है। यहां काफी लंबी लाइन लगी हुई और जमाबंदी का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। प्रशासन ने अभी तक किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं किया। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सियानंद, ईंटल खुर्द निवासी।
काफी खराब है व्यवस्था
तहसील में सुबह से जमीन के कागजात तैयार करवाने के लिए आए हुए हैं, लेकिन तहसील में लोगों की लाइन काफी लंबी लगी हुई है और व्यवस्था भी काफी खराब है लाइन में जवान, बुजुर्ग व महिलाएं लगी हुई है। महिलाओं व बुजुर्गों की अलग लाइन होनी चाहिए। जहां किसानों के फार्म जमा होते वहां भी काफी खराब हालात बने हुए हैं।
फतेह सिंह, ढाणी रामगढ़ निवासी।
योजना की अंतिम तिथि होने के कारण उमड़ी भीड़
वीरवार को आवेदन जमा करवाने का अंतिम दिन था। एक साथ काफी संख्या में किसानों के आने के कारण व्यवस्था गड़बड़ा गई। जिन किसानों के फार्म जमा हो चुके हैं उन्हें योजना का लाभ मिल पाएगा। जो किसान अभी फार्म जमा करवाने से वंचित रह गए हैं उनके लिए ऊपर से कोई निर्देश आएंगे तो आगामी कदम उठाए जाएंगे।
डॉॅ. सुरेंद्र मलिक, जिला उपकृषि निदेशक जींद।
जिले के 306 गांवों से अभी तक 109805 फार्म आए थे। इनमें से 95 हजार फार्म अपलोड किए जा चुके हैं, बाकी बचे आवेदनों को भी जल्द ही अपलोड कर दिया जाएगा। फार्म भरने के लिए 96 गांवों में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिन गांवों में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उन गांवों के फार्म साथ के साथ वेरीफाई कर दिए गए थे। जिन 210 गांवों में दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उन गांवों के आवेदनों के वेरीफाई किया जा रहा है। जल्द ही सभी प्रक्रिया पूरा किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही सरकार द्वारा किसानों के खाते में राशि डाल दी जाएगी।
-रामफल कटारिया, जिला राजस्व अधिकारी जींद।