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नोटिफिकेशन जारी नहीं करने के विरोध में धरना देकर किया विरोध प्रदर्शन
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:45 AM IST
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नोटिफिकेशन जारी नहीं करने के विरोध में आशा वर्करों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आशा वर्कर यूनियन का नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी धरना जुलाना ब्लॉक प्रधान सतवंती की अध्यक्षता में जारी रहा। धरने के बाद इन वर्कर ने नागरिक अस्पताल से जींद बस स्टैंड तक प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रधान सतवंती ने कहा कि हरियाणा सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का झूठा नारा दे रही है। सरकार आज बेटियों से मुफ्त में काम लेने की योजना बना रही है। आशा वर्कर इसका पुख्ता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आशा वर्कर के साथ दो बार समझौता कर सरेआम वादा खिलाफी की है। उन्होंने कहा कि एक फ रवरी और 15 जून को स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार एवं मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार से जनहित में समझौता किया गया। आज तक इन समझौतों के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी उनका नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रही। धरने पर सीटू के जिला प्रधान सतबीर खरल और सुरेश करसोला ने कहा कि हरियाणा सरकार का महिला विरोधी चेहरा बार-बार नंगा हो रहा है। इन महिलाओं से एक हजार रुपये में 24 घंटे काम लिया जा रहा है। सरकार के साथ मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी का समझौता हुआ था। जिसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी नहीं करने के विरोध में आशा वर्कर को बार-बार समझौता करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आशा वर्कर आंदोलन को तेज करेंगी। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस अवसर पर मनाक्षी, मीना, अनीता, सीमा, सरोज, सोनू, सुदेश, कृष्णा वर्मा मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आशा वर्कर यूनियन का नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी धरना जुलाना ब्लॉक प्रधान सतवंती की अध्यक्षता में जारी रहा। धरने के बाद इन वर्कर ने नागरिक अस्पताल से जींद बस स्टैंड तक प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रधान सतवंती ने कहा कि हरियाणा सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का झूठा नारा दे रही है। सरकार आज बेटियों से मुफ्त में काम लेने की योजना बना रही है। आशा वर्कर इसका पुख्ता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आशा वर्कर के साथ दो बार समझौता कर सरेआम वादा खिलाफी की है। उन्होंने कहा कि एक फ रवरी और 15 जून को स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार एवं मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार से जनहित में समझौता किया गया। आज तक इन समझौतों के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी उनका नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रही। धरने पर सीटू के जिला प्रधान सतबीर खरल और सुरेश करसोला ने कहा कि हरियाणा सरकार का महिला विरोधी चेहरा बार-बार नंगा हो रहा है। इन महिलाओं से एक हजार रुपये में 24 घंटे काम लिया जा रहा है। सरकार के साथ मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी का समझौता हुआ था। जिसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी नहीं करने के विरोध में आशा वर्कर को बार-बार समझौता करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आशा वर्कर आंदोलन को तेज करेंगी। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस अवसर पर मनाक्षी, मीना, अनीता, सीमा, सरोज, सोनू, सुदेश, कृष्णा वर्मा मौजूद रहे।
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