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नप के पूर्व उपप्रधान के बेटे पर हमले का मामला
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। तीन दिन पहले पटियाला चौक पर सरेआम नगर परिषद के पूर्व उपप्रधान के बेटे पर हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में व्यापारी व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बुधवार को दोपहर 12 बजे नागरिक अस्पताल में जमा हुए। इसके बाद यह लोग प्रदर्शन करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे। लोगों ने मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ने, परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाने, आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने व मौके पर मौजूद होमगार्ड व पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर एसएसपी ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए डीएसपी रामभज को तुरंत आरोपियों की तलाश करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि मामले में दो आरोपियों को काबू कर लिया है। वहीं प्रदर्शन के दौरान एसएसपी डॉ. अरुण सिंह एक सामाजिक संस्था के नेता पर भड़क गए। एसएसपी ने कहा कि वे इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। इतने लोगों को लाने के बजाय कुछ लोग मिल सकते थे।
गौरतलब है नप के पूर्व उपप्रधान रमेश खट्टर की पटियाला चौक पर दुकान है। इसमें उसके बेटे सुजल ने मोबाइल गेलरी के नाम से दुकान खोल रखी है। शनिवार को सुजल ने अपनी दुकान के आगे एक गोल गप्पों की रेहड़ी लगवा दी। उसके साथ फास्ट फूड की दुकान संचालक ने इसका विरोध किया। सोमवार सुबह भी सुजल ने अपनी दुकान के आगे गोल गप्पों की रेहड़ी लगवा दी। इसका विरोध करते हुए फास्ट फूड दुकान संचालक व उसकी दुकान पर काम करने वाले सावन वहां पहुंच गए और झगड़ा करने लगा। कुछ ही देर बाद सुजल पर इन लोगों ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। आरोपियों ने रॉड व कांच की बोतलें सुजल के सिर में मारी। जब आरोपी सुजल पर हमला कर रहे थे, पटियाला चौक पर दो-तीन होमगार्ड व पुलिस कर्मचारी मौजूद थे। किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। युवक हमला करने के बाद फरार हो गए। बाद में पुलिस ने सुजल व सावन को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। बुधवार को कई व्यापारी सुजल का हालचाल पूछने अस्पताल में जमा हो गए। इसके बाद यह लोग गोहाना रोड से प्रदर्शन करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे।
पुलिस ने नहीं लगाई संगीन धाराएं
रमेश खट्टर ने कहा कि जिस प्रकार से उसके बेटे पर हमला किया है, उसके बेटे की जान जा सकती थी। पुलिस ने मामले में संगीन धाराएं नहीं जोड़ी। उनकी मांग है कि इसमें हत्या के प्रयास की धाराएं भी जोड़ी जाएं। मौके पर मौजूद होमगार्ड व पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए व आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
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बाइकों का चालान काटने में व्यस्त रहते हैं पुलिस कर्मचारी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पटियाला चौक पर सभी पुलिस कर्मचारी व होमगार्ड के जवान केवल बाइक चालकों का चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। जब ट्रैफिक जाम हो जाता है, यह लोग ध्यान नहीं देते और सभी एक जगह जमा होकर चालान काटते रहते हैं। जिस समय यह घटना हुई, उस समय भी यह कर्मचारी चालान काट रहे थे और आरोपियों को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया।
आरोपी की हो जांच
संस्थाओं ने मांग की कि मामले में आरोपी की पूरी जांच होनी चाहिए। इन लोगों ने कहा कि वह वेस्ट बंगाल नंबर की बाइक प्रयोग करता है और पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि इस पर पूरी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लगेंगी धाराएं
एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि जहां तक हत्या के प्रयास की धारा है, वह मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लगाई जाएगी। वीरवार को मेडिकल रिपोर्ट उन्हें मिल जाएगी, इसके बाद जो धाराएं कानूनी रूप से सही होंगी, वह लगाई जाएंगी। परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। दो आरोपियों सोनीपत निवासी श्रवण व जींद निवासी गौरव राठी को काबू किया है। मौके पर मौजूद एएसआई ईश्वर सिंह, हेड कांस्टेबल पवन कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। होमगार्ड के जवान रविंद्र कुमार, अनिल कुमार, गुलजारी, संदीप, प्रवीन व रामकेश के बारे में होमगार्ड विभाग को पत्र भेजकर इनकी सेवाएं समाप्त करने को कहा जाएगा।
अन्ना टीम के संयोजक को सुनाई एसएसपी ने खरी-खरी
जिस समय एसएसपी डॉ. अरुण सिंह व्यापारियों की बातें सुन रहे थे, उस समय अन्ना टीम के संयोजक सुनील वशिष्ठ बीच-बीच में अपनी बात रख रहे थे। इस पर एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने उनको खरी-खरी सुना दी। एसएसपी ने कहा कि आपको ज्यादा राजनीति करनी आती है क्या। इतने लोगों को जमा करके आप पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई में कोई कमी नहीं छोड़ी है। एसएसपी ने कहा कि यदि कोई समस्या है तो पांच लोग भी उनके बात कर सकते हैं। मामले में किसी प्रकार की कोई ढिलाई नहीं बरती है।
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जींद। तीन दिन पहले पटियाला चौक पर सरेआम नगर परिषद के पूर्व उपप्रधान के बेटे पर हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में व्यापारी व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बुधवार को दोपहर 12 बजे नागरिक अस्पताल में जमा हुए। इसके बाद यह लोग प्रदर्शन करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे। लोगों ने मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ने, परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाने, आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने व मौके पर मौजूद होमगार्ड व पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर एसएसपी ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए डीएसपी रामभज को तुरंत आरोपियों की तलाश करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि मामले में दो आरोपियों को काबू कर लिया है। वहीं प्रदर्शन के दौरान एसएसपी डॉ. अरुण सिंह एक सामाजिक संस्था के नेता पर भड़क गए। एसएसपी ने कहा कि वे इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। इतने लोगों को लाने के बजाय कुछ लोग मिल सकते थे।
गौरतलब है नप के पूर्व उपप्रधान रमेश खट्टर की पटियाला चौक पर दुकान है। इसमें उसके बेटे सुजल ने मोबाइल गेलरी के नाम से दुकान खोल रखी है। शनिवार को सुजल ने अपनी दुकान के आगे एक गोल गप्पों की रेहड़ी लगवा दी। उसके साथ फास्ट फूड की दुकान संचालक ने इसका विरोध किया। सोमवार सुबह भी सुजल ने अपनी दुकान के आगे गोल गप्पों की रेहड़ी लगवा दी। इसका विरोध करते हुए फास्ट फूड दुकान संचालक व उसकी दुकान पर काम करने वाले सावन वहां पहुंच गए और झगड़ा करने लगा। कुछ ही देर बाद सुजल पर इन लोगों ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। आरोपियों ने रॉड व कांच की बोतलें सुजल के सिर में मारी। जब आरोपी सुजल पर हमला कर रहे थे, पटियाला चौक पर दो-तीन होमगार्ड व पुलिस कर्मचारी मौजूद थे। किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। युवक हमला करने के बाद फरार हो गए। बाद में पुलिस ने सुजल व सावन को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। बुधवार को कई व्यापारी सुजल का हालचाल पूछने अस्पताल में जमा हो गए। इसके बाद यह लोग गोहाना रोड से प्रदर्शन करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे।
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पुलिस ने नहीं लगाई संगीन धाराएं
रमेश खट्टर ने कहा कि जिस प्रकार से उसके बेटे पर हमला किया है, उसके बेटे की जान जा सकती थी। पुलिस ने मामले में संगीन धाराएं नहीं जोड़ी। उनकी मांग है कि इसमें हत्या के प्रयास की धाराएं भी जोड़ी जाएं। मौके पर मौजूद होमगार्ड व पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए व आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
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बाइकों का चालान काटने में व्यस्त रहते हैं पुलिस कर्मचारी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पटियाला चौक पर सभी पुलिस कर्मचारी व होमगार्ड के जवान केवल बाइक चालकों का चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। जब ट्रैफिक जाम हो जाता है, यह लोग ध्यान नहीं देते और सभी एक जगह जमा होकर चालान काटते रहते हैं। जिस समय यह घटना हुई, उस समय भी यह कर्मचारी चालान काट रहे थे और आरोपियों को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया।
आरोपी की हो जांच
संस्थाओं ने मांग की कि मामले में आरोपी की पूरी जांच होनी चाहिए। इन लोगों ने कहा कि वह वेस्ट बंगाल नंबर की बाइक प्रयोग करता है और पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि इस पर पूरी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लगेंगी धाराएं
एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि जहां तक हत्या के प्रयास की धारा है, वह मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लगाई जाएगी। वीरवार को मेडिकल रिपोर्ट उन्हें मिल जाएगी, इसके बाद जो धाराएं कानूनी रूप से सही होंगी, वह लगाई जाएंगी। परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। दो आरोपियों सोनीपत निवासी श्रवण व जींद निवासी गौरव राठी को काबू किया है। मौके पर मौजूद एएसआई ईश्वर सिंह, हेड कांस्टेबल पवन कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। होमगार्ड के जवान रविंद्र कुमार, अनिल कुमार, गुलजारी, संदीप, प्रवीन व रामकेश के बारे में होमगार्ड विभाग को पत्र भेजकर इनकी सेवाएं समाप्त करने को कहा जाएगा।
अन्ना टीम के संयोजक को सुनाई एसएसपी ने खरी-खरी
जिस समय एसएसपी डॉ. अरुण सिंह व्यापारियों की बातें सुन रहे थे, उस समय अन्ना टीम के संयोजक सुनील वशिष्ठ बीच-बीच में अपनी बात रख रहे थे। इस पर एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने उनको खरी-खरी सुना दी। एसएसपी ने कहा कि आपको ज्यादा राजनीति करनी आती है क्या। इतने लोगों को जमा करके आप पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई में कोई कमी नहीं छोड़ी है। एसएसपी ने कहा कि यदि कोई समस्या है तो पांच लोग भी उनके बात कर सकते हैं। मामले में किसी प्रकार की कोई ढिलाई नहीं बरती है।