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चंदे को लेकर दो फाड़ हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति

Sat, 24 Jun 2017 12:31 AM IST
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:31 AM IST
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चंदे को लेकर दो फाड़ हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जिला इकाई बचे हुए चंदे की राशि को लेकर दो गुटों में बंट गई है। एक गुट में जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के साथ जिला कमेटी के छह लोग शामिल हैं, तो दूसरे गुट में 21 सदस्य उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के नेतृत्व वाले गुट ने जाट धर्मशाला में मीटिंग और दूसरे गुट पर पैसे का गबन करने का आरोप लगाया। यहां तक की कुछ लोगों के नाम लेकर चोर तक कहा गया। वहीं दूसरे गुट ने हांसी रोड पर एक निजी होटल में मीटिंग कर रणनीति बनाई। हालांकि इस गुट की मीटिंग में सभी ने एक सुर में कहा कि पैसा विवाद का कोई विषय नहीं है।
असल में जींद पूरे घटनाक्रम के पीछे कई करीब 20 दिन से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल के बीच के विवाद को मना जा रहा है। समिति के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने आंदोलन के बचे पैसे को एक ट्रस्ट के खाते में जमा करवाने का आह्वान किया था। इस पर जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल ने ऐतराज जताया और पैसा जिले में ही रखने का सुझाव दिया। वहीं जिला कमेटी के कुछ लोग पैसा यशपाल मलिक के कहे अनुसार प्रयोग करने पर राजी हैं। इसको लेकर यशपाल मलिक ने जिला कमेटी को मीटिंग कर अपने मनमुटाव दूर करने का आह्वान किया था। ऐसे में हांसी रोड स्थित एक निजी होटल में जिला कमेटी के 51 लोगों की मीटिंग बुलाई गई, लेकिन जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल की अगुवाई में दूसरे गुट ने अर्बन एस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में अलग से मीटिंग बुलाई। यहां वक्ताओं ने यशपाल मलिक से लेकर कमेटी के अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर जाटों की एकता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरा गुट भी सरकार पर ही एकता तोड़ने का आरोप लगा रहा है।
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लोगों के नाम लेकर बताई कारगुजारियां
जाट धर्मशाला में हुई मीटिंग के दौरान जाट नेता डॉ. रणबीर राठी, नफे सिंह इगराह, डॉ. दलबीर बीबीपुर, सेवानिवृत्त जिलेदार चांदरूप जिलेदार, महेंद्र सिंह जागलान, बराह तपा के प्रधान कुलदीप ढांडा, धमतान तपा के प्रधान रामकला सहित काफी लोग मौजूद रहे। इस दौरान कई वक्ताओं ने दूसरे पक्ष के लोगों के नाम लेकर उनके प्रशासन और सरकार से मिले होने की बात कही। पिछले साल जून में खटकड़ गांव में चले धरने को भी बेचने के आरोप एक वरिष्ठ नेता पर लगे।
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दूसरे पक्ष से बात करने का आह्वान
मीटिंग के दौरान बराह तपा के प्रधान कुलदीप ढांडा ने आह्वान किया कि दूसरे पक्ष के लोगों से भी बात की जानी चाहिए। इसके बाद ही स्थिति साफ होगी। इस पर मीटिंग में मौजूद लोगों ने छह लोगों की कमेटी का गठन किया और हांसी रोड पर चली मीटिंग के लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। हालांकि वहां कमेटी की संयुक्त बैठक के लिए सहमति बनी थी, लेकिन बातचीत नहीं हो सकती। अब आगे होने वाली मीटिंग पर सभी की नजरें टिकी है।

दूसरा गुट बोला, कोई विवाद विषय ही नहीं
वहीं हांसी रोड पर केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुरेंद्र माछरोली सहित कैप्टन रणधीर सिंह जागलान, निशा चौधरी, कोषाध्यक्ष महेंद्र जुलानी, महिला अध्यक्ष सुनीता मान, उर्मिला मलिक, रामकरण दलाल सहित जिला कमेटी के 21 सदस्य व अन्य लोग मौजूद रहे। इन लोगों ने कहा कि दूसरे गुट के सभी आरोप निराधार हैं। पैसा जाट सेवा संघ नामक संस्था के खाते में डाले गए हैं। इसके लिए सात लोगों की कमेटी बनाई गई और इसमें पैसे निकालने की शक्तियां महेंद्र जुलानी, रामकरण दलाल और धीरा फौजी घोघड़ियां को दी गई हैं। ये तीनों ही जिले के लोग हैं। ऐसे में पैसा जिले से बाहर जाने का सवाल ही नहीं है।

जिलाध्यक्ष को दिया मीटिंग का न्यौता
जाट धर्मशाला से हांसी रोड पर होटल में बुलावा देने गई कमेटी को जिला सचिव रामकरण दलाल ने बताया कि उन्होंने यहां होने वाली मीटिंग की सूचना जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल को दी थी, लेकिन उन्होंने मीटिंग में आने की बजाये अलग से मीटिंग बुला ली। कमेटी के लोगों ने कहा कि उनको इसकी जानकारी नहीं है।

37,85,522 रुपये पर विवाद
आरक्षण आंदोलन समाप्त होने के बाद कमेटी के पास 37,85,522 रुपये बचे हैं। इस राशि को अब जाट सेवा संघ के बैंक खाते में डाला गया है, जबकि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के एक गुट का मानना है कि यह राशि समिति के ही खाते में होनी चाहिए। क्योंकि अभी आरक्षण की लड़ाई पूरी नहीं हुई है। ऐसे में पैसे की जरूरत दोबारा पड़ सकती है। यदि कोई ट्रस्ट या शिक्षण संस्था बनानी है तो यह प्रक्रिया आरक्षण मिलने के बाद शुरू की जानी चाहिए।


मुझे नहीं जानकारी
पूरे मामले में बेशक दोनों मीटिंगों के केंद्र में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक रहे, लेकिन वे खुद को मामले से ही अनभिज्ञ बता रहे हैं। यशपाल मलिक ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है। वे जल्द ही जींद का दौरा करेंगे।
चंदे को लेकर दो फाड़ हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति
दोनों गुटों की अलग-अलग हुई मीटिंग
जिलाध्यक्ष की मीटिंग में कई लोगों के नाम लेकर कहा गया चोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ भी बगावती सुर
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