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रधाना गांव के पास पुराने टायर गलाने वाली फैक्टरी में लगी आग
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जींद। जींद-गोहाना मार्ग पर रधाना गांव के पास स्थित एक टायर की फैक्टरी में दोपहर बाद लगभग चार बजे आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि इसका धुआं कई किलोमीटर तक फैल गया। इससे आसपास के लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। लगभग तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रधाना गांव के पास टायर की एक फैक्टरी है। इसमें टायर को जलाकर उससे तार व अन्य सामान निकाला जाता है। दोपहर बाद लगभग चार बजे यहां काम कर रहे कर्मचारियों ने फैक्टरी के एक कोने में पड़े टायरों से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी फैक्टरी में आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास लगभग चार किलोमीटर तक धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची। लगभग तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सके। आग लगने से फैक्टरी मालिक को काफी नुकसान हुआ है। लोगों ने इस बात का विरोध भी किया कि यह फैक्टरी जहरीला धुआं छोड़ती है और इसमें आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए इसे आबादी से दूर लगाया जाए। फैक्टरी मालिक सत्यनारायण ने कहा कि बिजली का शॉर्ट सर्किट होने से उसकी फैक्टरी में आग लगी है। इस आग के कारण उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
फैक्टरी के आसपास खेतों में नहीं था गेहूं
फैक्टरी के आसपास खेतों में गेहूं की कटाई हो चुकी थी। जिसकी वजह से बचाव हो गया। यदि गेहूं होता तो उसका नुकसान हो सकता था। क्योंकि फैक्टरी के चारों तरफ खेतों में गेहूं की खेती हुई थी। दो दिन पहले ही गेहूं की फसल यहां से काटी गई है।
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रधाना गांव के पास टायर की एक फैक्टरी है। इसमें टायर को जलाकर उससे तार व अन्य सामान निकाला जाता है। दोपहर बाद लगभग चार बजे यहां काम कर रहे कर्मचारियों ने फैक्टरी के एक कोने में पड़े टायरों से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी फैक्टरी में आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास लगभग चार किलोमीटर तक धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची। लगभग तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सके। आग लगने से फैक्टरी मालिक को काफी नुकसान हुआ है। लोगों ने इस बात का विरोध भी किया कि यह फैक्टरी जहरीला धुआं छोड़ती है और इसमें आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए इसे आबादी से दूर लगाया जाए। फैक्टरी मालिक सत्यनारायण ने कहा कि बिजली का शॉर्ट सर्किट होने से उसकी फैक्टरी में आग लगी है। इस आग के कारण उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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फैक्टरी के आसपास खेतों में नहीं था गेहूं
फैक्टरी के आसपास खेतों में गेहूं की कटाई हो चुकी थी। जिसकी वजह से बचाव हो गया। यदि गेहूं होता तो उसका नुकसान हो सकता था। क्योंकि फैक्टरी के चारों तरफ खेतों में गेहूं की खेती हुई थी। दो दिन पहले ही गेहूं की फसल यहां से काटी गई है।
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