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ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुलाई गई हड़ताल का मिलाजुला असर --अधिकत विभागों में सामान्य रहा कामकाज, लोगों को नहीं हुई परेशानी
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ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुलाई हड़ताल का रहा मिला-जुला असर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल की मंगलवार को की, लेकिन कर्मचारियों की फुट के चलते शुक्रवार को हड़ताल पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई। अधिकतर विभागों में काम सामान्य रहा। इसके चलते आम जनता को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की आपसी फुट के चलते ज्यादातर कर्मचारी काम पर रहे। इसके चलते सुबह के समय चलने वाली सभी बसें अपने निर्धारित समय पर चली। वहीं दिन में प्राइवेट बस चलने से यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की फुट का असर अन्य विभाग के कर्मचारियों पर भी देखने को मिला। रोडवेज कर्मचारियों के एकजुट नहीं होने के कारण अन्य विभागों के गिने-चुने कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। हालांकि बिजली निगम के लगभग आधे से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहने के बावजूद बिजली समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। शहर के पॉश व ग्रामीण इलाकों में बिजली सामान्य रही। बिजली निगम में 1573 कर्मचारियों में से 725 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 872 स्वास्थ्य कर्मचारियों में केवल छह कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित नहीं रही। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कुछ बैंक अवश्य बंद रहे, लेकिन लोगों को बैंक संबंधित कामकाज में भी ज्यादा परेशानी नहीं हुई। ट्रक यूनियन के हड़ताल में शामिल नहीं होने से सब्जी मंडी व व्यापारियों को भी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मांगों को लेकर सभी विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहेगी। मंगलवार को सभी कर्मचारियों के हड़ताल पर शामिल नहीं होने से इसका असर आज होने वाली हड़ताल पर असर दिखाई दे सकता है। ऐसे में बुधवार को हड़ताल कर्मचारियों की संख्या बुधवार को और भी कम होने की संभावना बनी हुई है। वहीं
विभाग कुल कर्मचारी हड़ताल पर रहे कर्मचारी
जनस्वास्थ्य विभाग 173 28
पीडब्ल्यूडी 80 37
बिजली निगम 1573 725
रोडवेज 878 92
स्वास्थ्य विभाग 872 6
पिल्लूखेड़ा में 161 बिजली कर्मचारी में से 80 रहे हड़ताल पर
पिल्लूखेड़ा। मंगलवार को पिल्लूखेड़ा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिजली कर्मचारी सबसे पहले खेड़ी तलौडा पावर हाउस के प्रांगण में एक जुट और तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड वर्क र यूनियन के बैनर तले चली हड़ताल और धरने में भाग लिया। मंगलवार को रही हड़ताल में पिल्लूखेड़ा में 161 बिजली कर्मचारियों में से 80 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान धरने की अध्यक्षता सब-यूनिट प्रधान महाबीर नरवाल ने की और संचालन सब यूनिट सहसचिव अशोक शर्मा ने किया। बिजली कर्मचारियों ने कहा कि वह सरकार की हठधर्मिता और टाल मटोल की नीति की निंदा करते हैं। बिजली कर्मचारियों की लंबित मांगों में जैसे निजीकरण, ठेका प्रथा, समान काम समान वेतन, रेगुलर भर्ती, एक्स ग्रेसिया नीति, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना, जोखिम भत्ता लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना उनकी मांगे रही। इस मीङ्क्षटग में मुख्य तौर पर हरियाणा कर्मचारी महासंघ के ब्लॉक प्रधान सीता राम पांचाल, यूनिट ऑडिटर संदीप आर्य, उप-प्रधान सत्यवान, महासंघ के पिल्लूखेड़ा ब्लॉक प्रधान अश्वनी आसन, प्रताप शर्मा, सचिव वीरेंद्र रेढू, कर्म सिंह, दरवेश, सुभाष, जगबीर रोहिल्ला और गोपाल ने धरने को संबोधित किया
मांगों को लेकर सड़कों पर मजदूर व आशा वर्कर एवं धरने पर गरजे बिजली कर्मचारी
सफीदों। बिजली निगम प्रांगण में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले एचएसईबी वर्कर यूनियन और एएचपीसी वर्कर यूनियन ने धरने पर बैठकर रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता यूनिट प्रधान जितेंद्र भारद्वाज ने व मंच का उप प्रधान रविंद्र सैनी ने किया।
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सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन
जींद। भाजपा की मजदूर व जनता पर हमलावर नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होकर नेहरू पार्क में सीटू की जिला सह सचिव नीलम व इंटक के सतीश ने की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें जनसभा को सीटू के जिला सचिव कामरेड रमेश चंद्र, कपूर सिंह, जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के नेता आजाद पंचाल, आंगनबाड़ी नेता सुदेश ने धरने को संबोधित किया। इसके बाद शहर में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश की दौलत न केवल देश-विदेश के बड़े कॉरपोरेट व पूंजीपति घरानों को लुटवाकर मजदूर अधिकारों पर हमला कर रही है। भाजपा की मोदी सरकार द्वारा मेहनतकश जनता के हको में बने कानून को खत्म करके उन्हें गरीबी की दलदल में धकेलने के प्रयास कर रही है। श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हकों में बदला जा रहा है। रोजगार का वायदा करके सत्ता में आई केंद्र व राज्य सरकार रोजगार प्राप्त लोगों के रोजगार ही छीनने पर आमदा है।
उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन जींद ब्रांच ने की गेट मिटिंग
जींद : एनएफआईआर (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन) के आह्वान पर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन जींद ब्रांच ने रेलवे प्रशासन व भारत सरकार के खिलाफ गेट मीटिंग की। रेलवे व भारत सरकार द्वारा रेलवे मजदूरों के खिलाफ अपनाई गई नीतियों के विरोध में लंच के समय जींद रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर शाखा अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गोयल की अध्यक्षता में गेट मीटिंग की गई। इसमें रेलवे के सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। मीटिंग को शाखा सचिव सचिन ढुल, सुरेंद्र कुमार गोयल द्वारा अपनी लंबित मांगों के बारे कर्मचारियों को अवगत करवाया गया। इस अवसर पर यूनियन के राजकुमार कोहली, धर्मबीर मीणा, जसपाल सिंह, जोगिंद्र, सुधीर, रंजीत, मंजीत कुमार, प्यारे लाल, सूरज, कर्मबीर, अश्विनी, महाराज, राजबीर मौजूद रहे।
जुलाना। मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों, मजदूरों व कर्मचारी संगठनों ने जुलाना में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके दो दिन की देशव्यापी हड़ताल में भाग लिया। प्रदर्शन से पहले भवन निर्माण कामगार यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार व सर्व कर्मचारी संघ के नेता ईश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में सभी ट्रेड यूनियन, मजदूर व कर्मचारी संगठन जुलाना की पुरानी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। यहां पर न्यूनतम वेतन 18 हजार करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, किसानों प्रति माह 5000 रुपये पेंशन देने सहित दर्जनों मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से मांग की। ईश्वर ठाकुर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। महंगाई पर रोक नहीं लग रही है। जब कर उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती संघर्ष जारी रहेगा। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों, मजदूरों, सीटू व ट्रेड यूनियनों ने मैन बाजार से होते हुए पुराने बस स्टैंड तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
नरवाना डिपो की सभी बसें अपने रूटों पर चली
नरवाना। मंगलवार की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नरवाना में मिला जुलाना असर रहा। कई विभागों के आधे से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि कई विभागों में मामूली असर रहा। डाकघर के सभी 15 कर्मचारी हड़ताल पर रहे जिससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतें हुई। नरवाना बस डिपो की सभी बसें अपने अपने रूटों पर दौड़ी। हरियाणा रोडवेज के 133 कर्मचारियों में से केवल 13 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सभी 27 बसें अपने अपने रूटों पर दौड़ी। वन विभाग के 18 कर्मचारियों में से 15 हड़ताल पर रहे। आईटीआई के 74 कर्मचारियों में से 50, नगर परिषद् फ ायर विभाग में कार्यरत 14 कर्मचारियों में से दस हड़ताल पर रहे। डाकघर के सभी 15 कर्मचारी, एलआइसी के 35 में 14 कर्मचारी, पब्लिक हैल्थ के 271 में 117, बिजली निगम के 434 में से 300 और सिंचाई विभाग के 162 कर्मचारियों में 75 कर्मचारी हड़ताल रहे। एलआईसी कर्मचारियों ने समिति के प्रधान ईशम सिंह की अध्यक्षता में धरना दिया। कर्मचारियों ने कार्यालय गेट पर नारेबाजी की तथा धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। शाखा सचिव मलविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी कई मांगें बाकी है। नभरवाना डाकघर के सभी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल की मंगलवार को की, लेकिन कर्मचारियों की फुट के चलते शुक्रवार को हड़ताल पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई। अधिकतर विभागों में काम सामान्य रहा। इसके चलते आम जनता को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की आपसी फुट के चलते ज्यादातर कर्मचारी काम पर रहे। इसके चलते सुबह के समय चलने वाली सभी बसें अपने निर्धारित समय पर चली। वहीं दिन में प्राइवेट बस चलने से यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की फुट का असर अन्य विभाग के कर्मचारियों पर भी देखने को मिला। रोडवेज कर्मचारियों के एकजुट नहीं होने के कारण अन्य विभागों के गिने-चुने कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। हालांकि बिजली निगम के लगभग आधे से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहने के बावजूद बिजली समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। शहर के पॉश व ग्रामीण इलाकों में बिजली सामान्य रही। बिजली निगम में 1573 कर्मचारियों में से 725 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 872 स्वास्थ्य कर्मचारियों में केवल छह कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित नहीं रही। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कुछ बैंक अवश्य बंद रहे, लेकिन लोगों को बैंक संबंधित कामकाज में भी ज्यादा परेशानी नहीं हुई। ट्रक यूनियन के हड़ताल में शामिल नहीं होने से सब्जी मंडी व व्यापारियों को भी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मांगों को लेकर सभी विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहेगी। मंगलवार को सभी कर्मचारियों के हड़ताल पर शामिल नहीं होने से इसका असर आज होने वाली हड़ताल पर असर दिखाई दे सकता है। ऐसे में बुधवार को हड़ताल कर्मचारियों की संख्या बुधवार को और भी कम होने की संभावना बनी हुई है। वहीं
विभाग कुल कर्मचारी हड़ताल पर रहे कर्मचारी
जनस्वास्थ्य विभाग 173 28
पीडब्ल्यूडी 80 37
बिजली निगम 1573 725
रोडवेज 878 92
स्वास्थ्य विभाग 872 6
पिल्लूखेड़ा में 161 बिजली कर्मचारी में से 80 रहे हड़ताल पर
पिल्लूखेड़ा। मंगलवार को पिल्लूखेड़ा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिजली कर्मचारी सबसे पहले खेड़ी तलौडा पावर हाउस के प्रांगण में एक जुट और तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड वर्क र यूनियन के बैनर तले चली हड़ताल और धरने में भाग लिया। मंगलवार को रही हड़ताल में पिल्लूखेड़ा में 161 बिजली कर्मचारियों में से 80 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान धरने की अध्यक्षता सब-यूनिट प्रधान महाबीर नरवाल ने की और संचालन सब यूनिट सहसचिव अशोक शर्मा ने किया। बिजली कर्मचारियों ने कहा कि वह सरकार की हठधर्मिता और टाल मटोल की नीति की निंदा करते हैं। बिजली कर्मचारियों की लंबित मांगों में जैसे निजीकरण, ठेका प्रथा, समान काम समान वेतन, रेगुलर भर्ती, एक्स ग्रेसिया नीति, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना, जोखिम भत्ता लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना उनकी मांगे रही। इस मीङ्क्षटग में मुख्य तौर पर हरियाणा कर्मचारी महासंघ के ब्लॉक प्रधान सीता राम पांचाल, यूनिट ऑडिटर संदीप आर्य, उप-प्रधान सत्यवान, महासंघ के पिल्लूखेड़ा ब्लॉक प्रधान अश्वनी आसन, प्रताप शर्मा, सचिव वीरेंद्र रेढू, कर्म सिंह, दरवेश, सुभाष, जगबीर रोहिल्ला और गोपाल ने धरने को संबोधित किया
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सफीदों। बिजली निगम प्रांगण में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले एचएसईबी वर्कर यूनियन और एएचपीसी वर्कर यूनियन ने धरने पर बैठकर रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता यूनिट प्रधान जितेंद्र भारद्वाज ने व मंच का उप प्रधान रविंद्र सैनी ने किया।
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जींद। भाजपा की मजदूर व जनता पर हमलावर नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होकर नेहरू पार्क में सीटू की जिला सह सचिव नीलम व इंटक के सतीश ने की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें जनसभा को सीटू के जिला सचिव कामरेड रमेश चंद्र, कपूर सिंह, जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के नेता आजाद पंचाल, आंगनबाड़ी नेता सुदेश ने धरने को संबोधित किया। इसके बाद शहर में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश की दौलत न केवल देश-विदेश के बड़े कॉरपोरेट व पूंजीपति घरानों को लुटवाकर मजदूर अधिकारों पर हमला कर रही है। भाजपा की मोदी सरकार द्वारा मेहनतकश जनता के हको में बने कानून को खत्म करके उन्हें गरीबी की दलदल में धकेलने के प्रयास कर रही है। श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हकों में बदला जा रहा है। रोजगार का वायदा करके सत्ता में आई केंद्र व राज्य सरकार रोजगार प्राप्त लोगों के रोजगार ही छीनने पर आमदा है।
उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन जींद ब्रांच ने की गेट मिटिंग
जींद : एनएफआईआर (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन) के आह्वान पर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन जींद ब्रांच ने रेलवे प्रशासन व भारत सरकार के खिलाफ गेट मीटिंग की। रेलवे व भारत सरकार द्वारा रेलवे मजदूरों के खिलाफ अपनाई गई नीतियों के विरोध में लंच के समय जींद रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर शाखा अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गोयल की अध्यक्षता में गेट मीटिंग की गई। इसमें रेलवे के सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। मीटिंग को शाखा सचिव सचिन ढुल, सुरेंद्र कुमार गोयल द्वारा अपनी लंबित मांगों के बारे कर्मचारियों को अवगत करवाया गया। इस अवसर पर यूनियन के राजकुमार कोहली, धर्मबीर मीणा, जसपाल सिंह, जोगिंद्र, सुधीर, रंजीत, मंजीत कुमार, प्यारे लाल, सूरज, कर्मबीर, अश्विनी, महाराज, राजबीर मौजूद रहे।
जुलाना। मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों, मजदूरों व कर्मचारी संगठनों ने जुलाना में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके दो दिन की देशव्यापी हड़ताल में भाग लिया। प्रदर्शन से पहले भवन निर्माण कामगार यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार व सर्व कर्मचारी संघ के नेता ईश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में सभी ट्रेड यूनियन, मजदूर व कर्मचारी संगठन जुलाना की पुरानी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। यहां पर न्यूनतम वेतन 18 हजार करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, किसानों प्रति माह 5000 रुपये पेंशन देने सहित दर्जनों मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से मांग की। ईश्वर ठाकुर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। महंगाई पर रोक नहीं लग रही है। जब कर उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती संघर्ष जारी रहेगा। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों, मजदूरों, सीटू व ट्रेड यूनियनों ने मैन बाजार से होते हुए पुराने बस स्टैंड तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
नरवाना डिपो की सभी बसें अपने रूटों पर चली
नरवाना। मंगलवार की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नरवाना में मिला जुलाना असर रहा। कई विभागों के आधे से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि कई विभागों में मामूली असर रहा। डाकघर के सभी 15 कर्मचारी हड़ताल पर रहे जिससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतें हुई। नरवाना बस डिपो की सभी बसें अपने अपने रूटों पर दौड़ी। हरियाणा रोडवेज के 133 कर्मचारियों में से केवल 13 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सभी 27 बसें अपने अपने रूटों पर दौड़ी। वन विभाग के 18 कर्मचारियों में से 15 हड़ताल पर रहे। आईटीआई के 74 कर्मचारियों में से 50, नगर परिषद् फ ायर विभाग में कार्यरत 14 कर्मचारियों में से दस हड़ताल पर रहे। डाकघर के सभी 15 कर्मचारी, एलआइसी के 35 में 14 कर्मचारी, पब्लिक हैल्थ के 271 में 117, बिजली निगम के 434 में से 300 और सिंचाई विभाग के 162 कर्मचारियों में 75 कर्मचारी हड़ताल रहे। एलआईसी कर्मचारियों ने समिति के प्रधान ईशम सिंह की अध्यक्षता में धरना दिया। कर्मचारियों ने कार्यालय गेट पर नारेबाजी की तथा धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। शाखा सचिव मलविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी कई मांगें बाकी है। नभरवाना डाकघर के सभी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।