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पुलिस ने आठ घंटे में सुलझाई कोरियर कंपनी में साढ़े 15 लाख रुपये चोरी की वारदात
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:42 PM IST
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सुपरवाइजर ने ही चुराए थे कोरियर के दफ्तर से 15.50 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रविवार रात को हुडा ग्राउंड स्थित कोरियर कंपनी में हुई साढ़े 15 लाख रुपये की चोरी की वारदात को सिविल लाइन थाना पुलिस ने आठ घंटे में ही सुलझा लिया। पुलिस ने इस मामले में कंपनी में ही पिछले पांच साल से सुपरवाइजर रोहतक जिले के गांव खरक जाटान निवासी देवेंद्र और उसके भाई विजेंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से चोरी की गई साढ़े 15 लाख रुपये की राशि, डीवीआर, सीपीयू, तिजोरी, तीन ताले, एक रिमोट, एक बाइक बरामद की है। दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों भाइयों से और ऐसे कितने मामलों को अंजाम दिया है या नहीं, का पता लगाया जाएगा।
जानकारी के लिए रात को चोरों ने हुडा ग्राउंड स्थित एक कोरियर कंपनी के कार्यालय के ताले तोड़कर सेफ (तिजोरी) में रखे 15 लाख 56 हजार 295 रुपये सहित सेफ को चोरी कर लिए थे। इतना ही नहीं चोरी की घटना के सुराग मिटाने के लिए चोरों ने नकदी के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर व एक सीपीयू भी साथ ले गए थे। जिस जगह पर चोरों ने घटना को अंजाम दिया, उस जगह से एसपी आवास महज 100 मीटर की दूरी पर है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-कॉम एक्सप्रेस कोरियर कंपनी के ब्रांच मैनेजर गोहाना निवासी सुनील शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत दी थी। चोरी की घटना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने शहर में चारों तरफ नाकाबंदी करवा दी थी। पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक बाइक पर कुछ तिजोरीनुमा सामान लेकर गोहाना रोड पर गांव पिंडारा की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बाइक को रुकवाकर जब तलाशी ली तो कोरियर कंपनी दोनों आरोपी तिजोरी समेत काबू आ गए। दोनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने ही कोरियर कंपनी में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
आरोपी देवेंद्र पांच साल से कर रहा था कंपनी में काम
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि चोरी के आरोप में काबू किए गए दोनों भाइयों खरक जाटान निवासी देवेंद्र व विजेंद्र में से देवेंद्र पिछले पांच साल से कंपनी में ही सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा था। देवेंद्र को पता था कि कंपनी में कैश कितना आता है और कब आता है। देवेंद्र को यह भी पता था कि कैश कहां और कितनी सुरक्षा में रखा जाता है, इसलिए उसने किसी और इस काम में शामिल नहीं करके अपने ही सगे भाई विजेंद्र को शामिल कर लिया। विजेंद्र एक गैस कंपनी की गाड़ी चलाता है।
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जरूरत हुई तो दी चोरी की घटना को अंजाम
सुपरवाइजर देवेंद्र पिछले पांच साल से कोरियर कंपनी में काम कर रहा था। उसने बताया कि उसके हाथ से दो-दो करोड़ रुपये कैश जाता था, लेकिन उसका कभी ईमान नहीं डोला। उसकी मां व उसके भाई का लड़का काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। दोनों की बीमारी पर काफी पैसा खर्च हो चुका था। उसने दोनों की बीमारी के लिए कई लोगों से पैसे उधार लिए थे। आर्थिक तंगी के कारण उसका ईमान डोल गया और उसने चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।
कोरियर कंपनी से पूछा जाएगा कैश के बारे में
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि एक कोरियर कंपनी में इतनी बड़ी मात्रा में कैश का होना ठीक नहीं है। नियमों के अनुसार इतनी भारी मात्रा में कैश नहीं रखा जा सकता। कंपनी अधिकारियों से इस बारे में पूछा जाएगा कि इतनी भारी मात्रा में उन्होंने कैश क्यों रखा। इस बारे में बात की जाएगी तथा उनकी गाइडलाइन देखी जाएंगी। यदि उनकी गाइडलाइन में इस तरह कैश रखने का प्रावधान नहीं मिला तो, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। खत्री ने कहा कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज होने के आठ घंटे में ही चोरी की वारदात को सुलझाने में सफलता हासिल की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रविवार रात को हुडा ग्राउंड स्थित कोरियर कंपनी में हुई साढ़े 15 लाख रुपये की चोरी की वारदात को सिविल लाइन थाना पुलिस ने आठ घंटे में ही सुलझा लिया। पुलिस ने इस मामले में कंपनी में ही पिछले पांच साल से सुपरवाइजर रोहतक जिले के गांव खरक जाटान निवासी देवेंद्र और उसके भाई विजेंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से चोरी की गई साढ़े 15 लाख रुपये की राशि, डीवीआर, सीपीयू, तिजोरी, तीन ताले, एक रिमोट, एक बाइक बरामद की है। दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों भाइयों से और ऐसे कितने मामलों को अंजाम दिया है या नहीं, का पता लगाया जाएगा।
जानकारी के लिए रात को चोरों ने हुडा ग्राउंड स्थित एक कोरियर कंपनी के कार्यालय के ताले तोड़कर सेफ (तिजोरी) में रखे 15 लाख 56 हजार 295 रुपये सहित सेफ को चोरी कर लिए थे। इतना ही नहीं चोरी की घटना के सुराग मिटाने के लिए चोरों ने नकदी के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर व एक सीपीयू भी साथ ले गए थे। जिस जगह पर चोरों ने घटना को अंजाम दिया, उस जगह से एसपी आवास महज 100 मीटर की दूरी पर है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-कॉम एक्सप्रेस कोरियर कंपनी के ब्रांच मैनेजर गोहाना निवासी सुनील शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत दी थी। चोरी की घटना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने शहर में चारों तरफ नाकाबंदी करवा दी थी। पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक बाइक पर कुछ तिजोरीनुमा सामान लेकर गोहाना रोड पर गांव पिंडारा की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बाइक को रुकवाकर जब तलाशी ली तो कोरियर कंपनी दोनों आरोपी तिजोरी समेत काबू आ गए। दोनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने ही कोरियर कंपनी में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
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आरोपी देवेंद्र पांच साल से कर रहा था कंपनी में काम
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि चोरी के आरोप में काबू किए गए दोनों भाइयों खरक जाटान निवासी देवेंद्र व विजेंद्र में से देवेंद्र पिछले पांच साल से कंपनी में ही सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा था। देवेंद्र को पता था कि कंपनी में कैश कितना आता है और कब आता है। देवेंद्र को यह भी पता था कि कैश कहां और कितनी सुरक्षा में रखा जाता है, इसलिए उसने किसी और इस काम में शामिल नहीं करके अपने ही सगे भाई विजेंद्र को शामिल कर लिया। विजेंद्र एक गैस कंपनी की गाड़ी चलाता है।
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जरूरत हुई तो दी चोरी की घटना को अंजाम
सुपरवाइजर देवेंद्र पिछले पांच साल से कोरियर कंपनी में काम कर रहा था। उसने बताया कि उसके हाथ से दो-दो करोड़ रुपये कैश जाता था, लेकिन उसका कभी ईमान नहीं डोला। उसकी मां व उसके भाई का लड़का काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। दोनों की बीमारी पर काफी पैसा खर्च हो चुका था। उसने दोनों की बीमारी के लिए कई लोगों से पैसे उधार लिए थे। आर्थिक तंगी के कारण उसका ईमान डोल गया और उसने चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।
कोरियर कंपनी से पूछा जाएगा कैश के बारे में
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि एक कोरियर कंपनी में इतनी बड़ी मात्रा में कैश का होना ठीक नहीं है। नियमों के अनुसार इतनी भारी मात्रा में कैश नहीं रखा जा सकता। कंपनी अधिकारियों से इस बारे में पूछा जाएगा कि इतनी भारी मात्रा में उन्होंने कैश क्यों रखा। इस बारे में बात की जाएगी तथा उनकी गाइडलाइन देखी जाएंगी। यदि उनकी गाइडलाइन में इस तरह कैश रखने का प्रावधान नहीं मिला तो, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। खत्री ने कहा कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज होने के आठ घंटे में ही चोरी की वारदात को सुलझाने में सफलता हासिल की है।