{"_id":"5b2409934f1c1b95598b47c0","slug":"171529088403-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े महीने बाद भी समझौता लागू नहीं होने पर बिफरी आशा वर्कर्स, प्रदर्शन कर दी गिरफ्तारियां, करीब एक घंटे गोहाना रोड पर बाधित रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े महीने बाद भी समझौता लागू नहीं होने पर बिफरी आशा वर्कर्स, प्रदर्शन कर दी गिरफ्तारियां, करीब एक घंटे गोहाना रोड पर बाधित रहा
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:27 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। साढ़े तीन महीने पहले सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने के लिए एक सप्ताह से आंदोलन कर रहीं आशा वर्करों ने शुक्रवार को गिरफ्तारी देकर रोष जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने जल्द ही पत्र जारी नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। आशा वर्करों ने सुबह नागरिक अस्पताल में इकट्ठा होकर धरना दिया और फिर यहां से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। इस दौरान करीब एक घंटे तक गोहाना रोड पर यातायात बाधित रहा। कुल 1096 महिलाओं ने गिरफ्तारी के लिए जानकारी दर्ज करवाई। नागरिक अस्पताल में ही प्रशासन ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की।
गौरतलब है कि जनवरी में चले आंदोलन के बाद आशा वर्करों से सरकार ने बातचीत की थी। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने बताया कि एक फरवरी को आशा वर्करों व सरकार के बीच समझौता हुआ था। इसे लागू करने में सरकार अब आनाकानी कर रही है। इसके चलते आशा वर्कर्स ने दोबारा आंदोलन शुरू किया है।
आशा वर्कर की अनदेखी कर रही सरकार
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान नीलम ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्कर महिलाओं के साथ वादाखिलाफी कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आशा वर्कर मुख्य भूमिका अदा करती हैं। इसके बावजूद सरकार इनका शोषण कर रही है। सरकार किए हुए समझौते को लागू करने में आनाकानी कर रही है।
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पुलिस लाइन बनी जेल
लघु सचिवालय के बाहर महिलाओं की गिरफ्तारी के लिए रोडवेज की छह व पुलिस ने की तीन बसों की व्यवस्था की गई थी। दो बार में महिलाओं को पुलिस लाइन मैदान में ले जाया गया। यहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट व उचाना के तहसीलदार प्रमोद चहल ने पुलिस लाइन मैदान को जेल घोषित करते हुए महिलाओं को गिरफ्तार करने व उन्हें रिहा करने की घोषणा की।
प्रदर्शन के दौरान बेसुध हुई आशा वर्कर
मांगों को लेकर आशा वर्कर का प्रर्दशन के दौरान एक आशा वर्कर गर्मी अधिक होने के कारण बेसुध हो गई। जैसे ही प्रशासन को आशा वर्कर के बेसुध होने की सूचना मिली तो पुलिस प्रशासन ने अपनी गाड़ी में बैठाकर जींद नागरिक अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल आशा वर्कर की हालात सामान्य है।
किया रोड जाम
आशा वर्कर की गिरफ्तारी के दौरान जब बाकी आशा वर्कर को बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया तो बसों की इंतजार कर रहीं लघु सचिवलाय के बाहर आशा वर्कर का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा। उन्होंने गिरफ्तारी के लिए कोई साधन नहीं पहुंचा तो लघु सचिवालय के बाहर रोड जाम कर दिया। इसके बाद गोहाना रोड पर लंबा जाम लग गया। वहीं डीएसपी पवन कुमार ने आशा वर्कर को समझाकर जाम खुलवाया।
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जींद। साढ़े तीन महीने पहले सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने के लिए एक सप्ताह से आंदोलन कर रहीं आशा वर्करों ने शुक्रवार को गिरफ्तारी देकर रोष जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने जल्द ही पत्र जारी नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। आशा वर्करों ने सुबह नागरिक अस्पताल में इकट्ठा होकर धरना दिया और फिर यहां से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। इस दौरान करीब एक घंटे तक गोहाना रोड पर यातायात बाधित रहा। कुल 1096 महिलाओं ने गिरफ्तारी के लिए जानकारी दर्ज करवाई। नागरिक अस्पताल में ही प्रशासन ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की।
गौरतलब है कि जनवरी में चले आंदोलन के बाद आशा वर्करों से सरकार ने बातचीत की थी। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने बताया कि एक फरवरी को आशा वर्करों व सरकार के बीच समझौता हुआ था। इसे लागू करने में सरकार अब आनाकानी कर रही है। इसके चलते आशा वर्कर्स ने दोबारा आंदोलन शुरू किया है।
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आशा वर्कर की अनदेखी कर रही सरकार
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान नीलम ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्कर महिलाओं के साथ वादाखिलाफी कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आशा वर्कर मुख्य भूमिका अदा करती हैं। इसके बावजूद सरकार इनका शोषण कर रही है। सरकार किए हुए समझौते को लागू करने में आनाकानी कर रही है।
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पुलिस लाइन बनी जेल
लघु सचिवालय के बाहर महिलाओं की गिरफ्तारी के लिए रोडवेज की छह व पुलिस ने की तीन बसों की व्यवस्था की गई थी। दो बार में महिलाओं को पुलिस लाइन मैदान में ले जाया गया। यहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट व उचाना के तहसीलदार प्रमोद चहल ने पुलिस लाइन मैदान को जेल घोषित करते हुए महिलाओं को गिरफ्तार करने व उन्हें रिहा करने की घोषणा की।
प्रदर्शन के दौरान बेसुध हुई आशा वर्कर
मांगों को लेकर आशा वर्कर का प्रर्दशन के दौरान एक आशा वर्कर गर्मी अधिक होने के कारण बेसुध हो गई। जैसे ही प्रशासन को आशा वर्कर के बेसुध होने की सूचना मिली तो पुलिस प्रशासन ने अपनी गाड़ी में बैठाकर जींद नागरिक अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल आशा वर्कर की हालात सामान्य है।
किया रोड जाम
आशा वर्कर की गिरफ्तारी के दौरान जब बाकी आशा वर्कर को बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया तो बसों की इंतजार कर रहीं लघु सचिवलाय के बाहर आशा वर्कर का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा। उन्होंने गिरफ्तारी के लिए कोई साधन नहीं पहुंचा तो लघु सचिवालय के बाहर रोड जाम कर दिया। इसके बाद गोहाना रोड पर लंबा जाम लग गया। वहीं डीएसपी पवन कुमार ने आशा वर्कर को समझाकर जाम खुलवाया।