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डीआरडीए में आयोजित प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह में छह पंचायतों को किया जल संरक्षण आवार्ड से सम्मानित
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छह पंचायतों को मिला जल संरक्षण पुरस्कार
जल संरक्षण सराहनीय कार्य के साथ आज की जरूरत: उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीआरडीए हॉल में आयोजित ग्रामीण जल स्वच्छता प्रशिक्षण शिविर एवं पंचायत सम्मान समरोह पर छह पंचायतों को जल संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपायुक्त अमित्र खत्री ने कहा कि जल संरक्षण न केवल सराहनीय कार्य है, बल्कि यह आज की जरूरत भी है। इन पंचायतों को पुरस्कार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर दिया जाना था, लेकिन आचार संहिता के कारण यह पुरस्कार पंचायतों को नहीं दिया गया था। ग्राम पंचायत रधाना, गुलकनी, गोहियां, हसनपुर, गुरथली व खापड़ को जल संरक्षण पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ पिछले वर्ष जल संरक्षण पुरस्कार प्राप्त करने वाली पांच पंचायतों को भी डीसी ने चेक दिए। इन पंचायतों में मांडो खेड़ी, किशनपुरा, बहादुरगढ़, कालता व पदार्थखेड़ा की पंचायतों को चेक प्रदान किए।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायतों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में दूसरे लोगों को भी इस बारे में जागरूक करना चाहिए। इससे पूर्व कार्यकारी अभियंता संजय शर्मा ने ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को कहा कि इस समिति के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा, ताकि इसके प्रति लोगों का रुझान बढ़े। जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी राजेश कौथ ने कहा कि इस कमेटी के सदस्य लोगों को जल संरक्षण, पेयजल जांच के बारे में समझाएंगे तो लोग इस विषय में रुचि लेंगे। जन स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि विभाग द्वारा पेयजल सप्लाई का काम पंचायतों को देने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इससे पंचायतों को पानी सप्लाई के साथ-साथ उसका रख रखाव करना है। इस अवसर पर बीआरसी सुरेंद्र नरवाल, सोमलता सैनी, कुशल शर्मा, सुरेंद्र दुग्गल मौजूद रहे।
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जल संरक्षण सराहनीय कार्य के साथ आज की जरूरत: उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीआरडीए हॉल में आयोजित ग्रामीण जल स्वच्छता प्रशिक्षण शिविर एवं पंचायत सम्मान समरोह पर छह पंचायतों को जल संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपायुक्त अमित्र खत्री ने कहा कि जल संरक्षण न केवल सराहनीय कार्य है, बल्कि यह आज की जरूरत भी है। इन पंचायतों को पुरस्कार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर दिया जाना था, लेकिन आचार संहिता के कारण यह पुरस्कार पंचायतों को नहीं दिया गया था। ग्राम पंचायत रधाना, गुलकनी, गोहियां, हसनपुर, गुरथली व खापड़ को जल संरक्षण पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ पिछले वर्ष जल संरक्षण पुरस्कार प्राप्त करने वाली पांच पंचायतों को भी डीसी ने चेक दिए। इन पंचायतों में मांडो खेड़ी, किशनपुरा, बहादुरगढ़, कालता व पदार्थखेड़ा की पंचायतों को चेक प्रदान किए।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायतों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में दूसरे लोगों को भी इस बारे में जागरूक करना चाहिए। इससे पूर्व कार्यकारी अभियंता संजय शर्मा ने ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को कहा कि इस समिति के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा, ताकि इसके प्रति लोगों का रुझान बढ़े। जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी राजेश कौथ ने कहा कि इस कमेटी के सदस्य लोगों को जल संरक्षण, पेयजल जांच के बारे में समझाएंगे तो लोग इस विषय में रुचि लेंगे। जन स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि विभाग द्वारा पेयजल सप्लाई का काम पंचायतों को देने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इससे पंचायतों को पानी सप्लाई के साथ-साथ उसका रख रखाव करना है। इस अवसर पर बीआरसी सुरेंद्र नरवाल, सोमलता सैनी, कुशल शर्मा, सुरेंद्र दुग्गल मौजूद रहे।
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