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भूकंप के बड़े झटके को भी सहन कर सकेगी रेस्ट हाउस की नई बिल्डिंग

Sun, 10 Feb 2019 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 12:18 AM IST
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भूकंप के बड़े झटके को भी सहन कर सकेगी रेस्ट हाउस की नई बिल्डिंग
छह करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही रेस्ट हाउस की नई बिल्डिंग
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। डीसी कॉलोनी में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस के विस्तारीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। विस्तार के बाद जो बिल्डिंग बन रही है, वह भूकंप के बड़े झटके को भी सहन कर सकेगी। इसके लिए जमीन में भार सहने की क्षमता की जांच करवाई गई जो आठ सीबीआर मिली। इसके बाद ढाई फुट गहरी स्लैब तैयार करके राफ्ट फाउंडेशन बनाकर उस पर बिल्डिंग खड़ी की गई है। अप्रैल माह तक विस्तारीकरण का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। वर्तमान में रेस्ट हाउस में कमरे थोड़े होने की सूरत में इसका विस्तारीकरण शुरू किया गया था। सीएम ने रेस्ट हाउस के विस्तार की घोषण कई माह पहले की थी। इसके बाद से ही इस पर काम शुरू किया गया था। इसके निर्माण के लिए राज्य सरकार ने लगभग छह करोड़ रुपये की राशि का बजट उपलब्ध करवाया। डीसी अमित खत्री ने कहा कि वर्तमान रेस्ट हाउस की बिल्डिंग में सीएम सूट के साथ-साथ छह कमरे उपलब्ध हैं। यह आवश्यकता के हिसाब से बहुत कम हैं।
बॉक्स
भवन निर्माण के लिए राफ्ट फाउंडेशन तैयार
नए भवन में आठ कमरे बनाए जा रहे हैं। इनमें सभी सुविधाएं दी जा रही हैं, यह भवन दो मंजिला बनाया जा रहा है। इसमें सीएम सूट, मीटिंग हाल भी होगा। इस भवन निर्माण में डीसी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि इस नए भवन के निर्माण के लिए राफ्ट फाउंडेशन तैयार कर उस पर भवन खड़ा किया गया है, ताकि किसी भी भूकंप जैसी त्रासदी के दौरान भवन को नुकसान न पहुंचे।
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कोट्स
भवन को खड़ा करने के लिए राफ्ट फाउंडेशन तैयार की गई है। लगभग ढाई फुट गहरी स्लैब भी तैयार की गई है। इसमें ढाई फुट तक सरिया व रोड़ी, बजरी, सीमेंट का घोल डाला गया है, ताकि फाउंडेशन मजबूत रहे। इसके निर्माण से पहले यहां की मिट्टी के नमूने लेकर उन्हें चंडीगढ़ भेजा गया था। लैब के आधार पर मिली रिपोर्ट के अनुसार इस नए भवन का नक्सा तैयार करवाया गया। यहां की जमीन में भार सहन करने की क्षमता 8 सीबीआर मिली है। उसी के हिसाब से ढाई फुट गहरी स्लैब तैयार कर राफ्ट फाउंडेशन बनाकर बिल्डिंग खड़ी की गई है।
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नवनीत, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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