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एनसीआर में दस साल पुराने टैक्टर पर रोक नहीं हटी तो शीतकालीन सत्र में टैक्टर से जाउंगा संसद : दुष्यंत
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:34 AM IST
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एनसीआर में दस साल पुराने ट्रैक्टर पर रोक नहीं हटी तो शीतकालीन सत्र में ट्रैक्टर से जाऊंगा संसद : दुष्यंत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर बल प्रयोग कर देश के इतिहास में काला अध्याय लिख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि एनसीआर में दस साल पुराने ट्रैक्टर को नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वे शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन 11 साल पुराना ट्रैक्टर लेकर संसद जाएंगे।
जिला निगरानी कमेटी की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में बारिश से खराब हुई फसल को लेकर कहा कि एक ओर सरकार कहती है कि स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं, लेकिन मीटिंग में लिखित आदेश आया है कि फसल बीमा के लाभार्थी किसानों को छोड़कर अन्य किसानों की नियमित गिरदावरी करवाई जाएगी। यह सरकार की दोगली नीति है। सांसद ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें जुलाना क्षेत्र से पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाने का आश्वासन दिया है। इससे प्रतिदिन 150 क्यूसिक पानी की निकासी होगी। यदि आठ अक्तूबर तक पानी की निकासी नहीं होती तो 9 अक्तूबर से आंदोलन किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर बल प्रयोग कर देश के इतिहास में काला अध्याय लिख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि एनसीआर में दस साल पुराने ट्रैक्टर को नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वे शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन 11 साल पुराना ट्रैक्टर लेकर संसद जाएंगे।
जिला निगरानी कमेटी की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में बारिश से खराब हुई फसल को लेकर कहा कि एक ओर सरकार कहती है कि स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं, लेकिन मीटिंग में लिखित आदेश आया है कि फसल बीमा के लाभार्थी किसानों को छोड़कर अन्य किसानों की नियमित गिरदावरी करवाई जाएगी। यह सरकार की दोगली नीति है। सांसद ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें जुलाना क्षेत्र से पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाने का आश्वासन दिया है। इससे प्रतिदिन 150 क्यूसिक पानी की निकासी होगी। यदि आठ अक्तूबर तक पानी की निकासी नहीं होती तो 9 अक्तूबर से आंदोलन किया जाएगा।
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