{"_id":"5bb3bf5f867a55231547f79f","slug":"161538506591-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार कमरों के एक मकान का एनसीआर में बहुत बड़ी फैक्टरी के समान भेजा बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार कमरों के एक मकान का एनसीआर में बहुत बड़ी फैक्टरी के समान भेजा बिल
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
59 दिन का 7706007.57 रुपये भेजा बिल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली निगम अपने उपभोक्ताओं को बिल भेजने में बड़ी लापरवाही कर रहा है। इस लापरवाही का शिकार अर्बन इस्टेट निवासी कैलाश हुए हैं। कैलाश का चार कमरों का मकान है, जबकि उनका बिजली का बिल किसी एनसीआर में बहुत बड़ी फैक्टरी के बराबर भेजा गया है। निगम का दावा है कि वह मीटर की रीडिंग का फोटो खिंचकर लाते हैं। मीटर का फोटो खींचने में यूनिट की गड़बड़ी होना असंभव माना जाता है। बिजली निगम ने अर्बन इस्टेट निवासी कैलाश के घर 59 दिन का बिल 7706007.57 रुपये भेजकर बड़ी लापरवाही दिखाई है। इस मकान मालिक के अनुसार उनका बिजली का बिल प्रति माह लगभग दो से तीन हजार रुपये के मध्य आता था, लेकिन विभाग ने बिल के रूप में इतनी ज्यादा राशि भेजकर बड़ी लापरवाही की है। मकान मालिक कैलाश ने कहा कि बिजली निगम ने बिल में उनके मीटर द्वारा निकाली गई नई रीडिंग 998260 दिखाई हैं, जबकि मीटर में 02 अक्तूबर के दिन भी 5164 रीडिंग हैं। विभाग द्वारा साइट पर डाला गया यह बिल 11 जुलाई 2018 से आठ सितंबर 2018 का है। यह कुल 59 दिन का बिल है। इस बिल में पुरानी रीडिंग 4276 और नई 2536 हैं। इसके अतिरिक्त जो बिल निगम ने ऑनलाइन भेजा है। वह 998260 रीडिंग का है। कैलाश ने कहा कि वह इस बिल की हार्ड कॉपी लेने के लिए निगम कार्यालय में गए तो उन्होंने देने से मना कर दिया।
रीडिंग में गलती हुई है तो सुधारा जाएगा
बिजली निगम के एसडीओ बिजेंद्र ने कहा कि मीटर के राउंड पूरे होने के कारण यह दिक्कत उपभोक्ता को हो सकती है। अगर निगम से कोई इस तरह की गलती हुई है तो वह इसको सुधारने का काम करेंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली निगम अपने उपभोक्ताओं को बिल भेजने में बड़ी लापरवाही कर रहा है। इस लापरवाही का शिकार अर्बन इस्टेट निवासी कैलाश हुए हैं। कैलाश का चार कमरों का मकान है, जबकि उनका बिजली का बिल किसी एनसीआर में बहुत बड़ी फैक्टरी के बराबर भेजा गया है। निगम का दावा है कि वह मीटर की रीडिंग का फोटो खिंचकर लाते हैं। मीटर का फोटो खींचने में यूनिट की गड़बड़ी होना असंभव माना जाता है। बिजली निगम ने अर्बन इस्टेट निवासी कैलाश के घर 59 दिन का बिल 7706007.57 रुपये भेजकर बड़ी लापरवाही दिखाई है। इस मकान मालिक के अनुसार उनका बिजली का बिल प्रति माह लगभग दो से तीन हजार रुपये के मध्य आता था, लेकिन विभाग ने बिल के रूप में इतनी ज्यादा राशि भेजकर बड़ी लापरवाही की है। मकान मालिक कैलाश ने कहा कि बिजली निगम ने बिल में उनके मीटर द्वारा निकाली गई नई रीडिंग 998260 दिखाई हैं, जबकि मीटर में 02 अक्तूबर के दिन भी 5164 रीडिंग हैं। विभाग द्वारा साइट पर डाला गया यह बिल 11 जुलाई 2018 से आठ सितंबर 2018 का है। यह कुल 59 दिन का बिल है। इस बिल में पुरानी रीडिंग 4276 और नई 2536 हैं। इसके अतिरिक्त जो बिल निगम ने ऑनलाइन भेजा है। वह 998260 रीडिंग का है। कैलाश ने कहा कि वह इस बिल की हार्ड कॉपी लेने के लिए निगम कार्यालय में गए तो उन्होंने देने से मना कर दिया।
रीडिंग में गलती हुई है तो सुधारा जाएगा
बिजली निगम के एसडीओ बिजेंद्र ने कहा कि मीटर के राउंड पूरे होने के कारण यह दिक्कत उपभोक्ता को हो सकती है। अगर निगम से कोई इस तरह की गलती हुई है तो वह इसको सुधारने का काम करेंगे।
विज्ञापन