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दूसरे डिपो में लाठीचार्ज के बाद नरवाना में भी कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर चलाई बसें
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:19 AM IST
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नरवाना में भी कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर चलाई बसें
अमर उजाला ब्यूूरो
नरवाना। प्रदेश भर में एस्मा के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दूसरे
डिपो में हुए लाठीचार्ज के बाद नरवाना डिपो के कर्मचारियों ने लगभग 11 बजे हड़ताल
समाप्त करके बसें चलानी शुरू कर दी थी। हालांकि रोडवेज कर्मचारियों की फूट के कारण
हड़ताल सफल नहीं हो पाई, लेकिन नरवाना डिपो के कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में
जमकर रोष प्रकट किया और हड़ताल को जारी रखा। इस दौरान बस स्टैंड पर शहर थाना
प्रभारी शिव नारायण शर्मा व सदर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल
तैनात रहा। यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार सुबह रोडवेज
कर्मचारियों ने बसों को चलाना बंद कर दिया था, लेकिन प्रशासन ने तीन बसों को बगैर
परिचालक चलाकर जींद रवाना कर दिया। उसके बाद दूसरे डिपो से लाठीचार्ज की खबर
सुनकर सभी कर्मचारी हताश नजर आए। जिस पर लगभग 11 बजे कर्मचारियों ने हड़ताल
को खत्म कर दिया। बस स्टैंड परिसर में धरने पर मौजूद हड़ताल डिपो प्रधान जगदीप शर्मा
ने कहा कि अन्य यूनियनों के आह्वान पर 700 प्राइवेट बसों के खिलाफ हरियाणा रोडवेज
संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल का एलान किया था परंतु सरकार ने कर्मचारी पर एस्मा
लगाकर निर्दोष कर्मचारियों पर लाठी चार्ज किया जो कि निंदनीय है। हरियाणा रोडवेज
कर्मचारी शांतिप्रिय तरीके से धरना दे रहे थे, परंतु सरकार ने प्रजातांत्रिक में दमनकारी नीति
के अनुसार निर्दोष कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में अपने
अधिकारों की शांति प्रिय तरीके से आवाज उठाना यूनियन का श्रम कानूनों के तहत अधिकार
है परंतु सरकार कर्मचारियों से डरी हुई है। इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
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अमर उजाला ब्यूूरो
नरवाना। प्रदेश भर में एस्मा के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दूसरे
डिपो में हुए लाठीचार्ज के बाद नरवाना डिपो के कर्मचारियों ने लगभग 11 बजे हड़ताल
समाप्त करके बसें चलानी शुरू कर दी थी। हालांकि रोडवेज कर्मचारियों की फूट के कारण
हड़ताल सफल नहीं हो पाई, लेकिन नरवाना डिपो के कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में
जमकर रोष प्रकट किया और हड़ताल को जारी रखा। इस दौरान बस स्टैंड पर शहर थाना
प्रभारी शिव नारायण शर्मा व सदर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल
तैनात रहा। यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार सुबह रोडवेज
कर्मचारियों ने बसों को चलाना बंद कर दिया था, लेकिन प्रशासन ने तीन बसों को बगैर
परिचालक चलाकर जींद रवाना कर दिया। उसके बाद दूसरे डिपो से लाठीचार्ज की खबर
सुनकर सभी कर्मचारी हताश नजर आए। जिस पर लगभग 11 बजे कर्मचारियों ने हड़ताल
को खत्म कर दिया। बस स्टैंड परिसर में धरने पर मौजूद हड़ताल डिपो प्रधान जगदीप शर्मा
ने कहा कि अन्य यूनियनों के आह्वान पर 700 प्राइवेट बसों के खिलाफ हरियाणा रोडवेज
संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल का एलान किया था परंतु सरकार ने कर्मचारी पर एस्मा
लगाकर निर्दोष कर्मचारियों पर लाठी चार्ज किया जो कि निंदनीय है। हरियाणा रोडवेज
कर्मचारी शांतिप्रिय तरीके से धरना दे रहे थे, परंतु सरकार ने प्रजातांत्रिक में दमनकारी नीति
के अनुसार निर्दोष कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में अपने
अधिकारों की शांति प्रिय तरीके से आवाज उठाना यूनियन का श्रम कानूनों के तहत अधिकार
है परंतु सरकार कर्मचारियों से डरी हुई है। इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।