फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों में बरसाती पानी की नहीं हो रही निकासी

शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों में बरसाती पानी की नहीं हो रही निकासी

Wed, 20 Jun 2018 12:16 AM IST
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों में बरसाती पानी की नहीं हो रही निकासी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जींद। शहर में दो दिन हुई केवल 19 एमएम बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई है। बारिश का पानी लोगों के घरों के सामने अब तक भरा पड़ा है। पटियाला चौक क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियों की गलियों में पानी जमा होने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। समस्या के समाधान के लिए छह नगर पार्षद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिले और पानी की निकासी नहीं होने पर रोष जताया। विभाग अब नई पाइप लाइन दबाकर इन कॉलोनियों के पानी निकासी का प्रबंध करेगा। केवल 19 एमएम बारिश के कारण यह हालात पैदा हो गए हैं। यदि अधिक बारिश हुई तो इन लोगों की दुर्दशा क्या होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
शनिवार व रविवार को हल्की बारिश हुई थी। इसके कारण पटियाला चौक क्षेत्र की शीतलपुरी कॉलोनी, शिवपुरी कॉलोनी, चंद्रलोक कॉलोनी, रामबीर कॉलोनी, राजनगर, हकीकत नगर कॉलोनी व श्याम नगर की गलियों में पानी जमा हो गया। बारिश के दो दिन बाद भी यहां खड़ा पानी निकालने में जनस्वास्थ्य विभाग असमर्थ है। इन कॉलोनियों के गंदे पानी की निकासी हांसी रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में होती है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी जलालपुर खुर्द, जलालपुर कलां, ईक्कस, ईंटल कलां, ईंटल खुर्द आदि गांवों में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए नाले के माध्यम से जाता है। इन गांवों में अब पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को बंद करवा दिया है। इस कारण गंदे पानी की निकासी की समस्या पैदा हो रही है।
विज्ञापन

गलियों में दो-दो फुट पानी भरा हुआ है। घरों से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। शीतलपुरी कॉलोनी निवासी महिला रामरती ने कहा कि उन्हें पानी के अंदर से गुजरना पड़ता है। पानी के कारण अब यहां मच्छर पनपने लगे हैं। इससे बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है। यदि दो-तीन दिन में पानी नहीं निकला तो समस्या गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि घरों तक में पानी घुसने लग गया है। यदि जरा सी और बरसात हुई तो घरों के अंदर पानी घुस जाएगा और यहां रहना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह पार्षद पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग
नगर परिषद के वाइस चेयरमैन सुभाष जांगड़ा के नेतृत्व में पार्षद दिनेश मिनी, हरपाल सिंह, कर्मबीर मोना, रणधीर राणा, सुधीर कौशिक इन कॉलोनियों की गलियों में भरे पानी की निकासी की समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यकारी अभियंता नहीं मिलने पर नगर पार्षद एसडीओ शमशेर सिंह ढांडा से मिले। पार्षदों ने कहा कि उनकी कॉलोनियों के पानी की निकासी नहीं हो रही। यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं हुई तो समस्या गंभीर हो सकती है। कॉलोनियों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। समस्या के समाधान के लिए लोग कोई भी आंदोलन करने पर मजबूर हो सकते हैं।
ऐसे पानी निकालेगा जनस्वास्थ्य विभाग
जनस्वास्थ्य विभाग अब एक अस्थायी पाइप लाइन दबाकर इन कॉलोनियों के पानी को झांझ खुर्द व झांझ कलां की तरफ निकालने की योजना बना रहा है। शहर के पटियाला चौक की तरफ पड़ने वाले गांवों के खतों में पानी की निकासी की जाएगी। विभाग के अधिकारी अस्थायी पाइप लाइन दबाकर इस व्यवस्था को बनाएंगे। जब तक नरवाना रोड की तरफ बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू नहीं होता, तब तक यह अस्थायी व्यवस्था की जाएगी।

नरवाना से पाइप मंगवाए गए हैं। शीतलपुरी कॉलोनी, शिवपुरी कॉलोनी, चंद्रलोक कॉलोनी, रामबीर कॉलोनी, राजनगर, हकीकत नगर, श्याम नगर से इन पाइपों को दबाकर आसपास के खेतों में पानी को निकालने की व्यवस्था की जाएगी। एक-दो दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा। जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस अस्थायी व्यवस्था के जरिए ही पानी की निकासी की जाएगी। हांसी रोड पर लगे ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की निकासी शुरू होने के बाद यह समस्या नहीं आएगी।
-शमशेर सिंह ढांडा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed