{"_id":"5ad100134f1c1b54098b4698","slug":"161523646483-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्जवला योजना के लिए सरकार ने बढ़ाई एक वर्ष की समावधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जवला योजना के लिए सरकार ने बढ़ाई एक वर्ष की समावधि
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतीश जागलान
जींद। बीपीएल परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने के लिए केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना को सरकार ने एक वर्ष के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पहले 31 मार्च 2018 तक का समय था, जो अब 31 मार्च 2019 तक कर दिया है। जिले में इस योजना का लाभ उठाने से 5968 परिवार वंचित रह गए थे, इन सभी बीपीएल परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए इस योजना का समय एक वर्ष तक और बढ़ा दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट कर दिया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक मई 2016 को शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए गए। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब महिलाओं को मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ-साथ महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी है। जींद जिले में 66713 बीपीएल परिवार हैं, जिनको यह मुफ्त गैस कनेक्शन मिले थे। सरकार ने इस योजना का समय 31 मार्च 2018 तय किया था। इस अवधि के दौरान जिले में 60745 बीपीएल परिवारों ने ही इस योजना का लाभ उठाया। 31 मार्च का समय बीत जाने के बावजूद सभी पात्र परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन नहीं मिल पाए। इसलिए सरकार को इस योजना का समय बढ़ाना पड़ा। जिले में इस समय 5968 बीपीएल परिवार ऐसे हैं, जिनको इस योजना का लाभ नहीं मिला है। इन परिवारों को लाभ देने के लिए ही सरकार ने इस योजना का समय बढ़ाया है। इसके लिए सरकार ने 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट किया है।
तेल कंपनियों के पास करने होंगे आवेदन
जिन बीपीएल परिवारों ने अब तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है, उनको इसका लाभ प्राप्त करने के लिए तेल कंपनियों को सीधे आवेदन करने होंगे। यह आवेदन जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सत्यापित किए जाएंगे। विभाग केवल आवेदनों को सत्यापित करेगा और तेल कंपनियों के पास भेज देगा। इसके बाद तेल कंपनियां इन लोगों को घर आकर गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाएंगी।
विज्ञापन
1650 रुपये में मिल रहा लाभ
इस योजना के तहत तेल कंपनियां 1650 रुपये ले रही हैं। इसमें 990 रुपये का चूल्हा, 660 रुपये की गैस की ही फीस वसूल की जा रही हैं। इसके साथ-साथ गैस रेगुलेटर, पाइप, गैस सिलेंडर और कनेक्शन की कॉपी भी दी जा रही है।
उज्ज्वला योजना की समय सीमा 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दी है। जिले में इस योजना का लाभ लेने के लिए 5968 बीपीएल परिवार वंचित रह गए थे। इन परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट कर दिया है। तेल कंपनियां लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर भी लगा रही हैं। 14 अप्रैल को नरवाना व सफीदों में जागरूकता शिविर लगाएं जाएंगे।
--राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
विज्ञापन
जींद। बीपीएल परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने के लिए केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना को सरकार ने एक वर्ष के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पहले 31 मार्च 2018 तक का समय था, जो अब 31 मार्च 2019 तक कर दिया है। जिले में इस योजना का लाभ उठाने से 5968 परिवार वंचित रह गए थे, इन सभी बीपीएल परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए इस योजना का समय एक वर्ष तक और बढ़ा दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट कर दिया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक मई 2016 को शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए गए। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब महिलाओं को मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ-साथ महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी है। जींद जिले में 66713 बीपीएल परिवार हैं, जिनको यह मुफ्त गैस कनेक्शन मिले थे। सरकार ने इस योजना का समय 31 मार्च 2018 तय किया था। इस अवधि के दौरान जिले में 60745 बीपीएल परिवारों ने ही इस योजना का लाभ उठाया। 31 मार्च का समय बीत जाने के बावजूद सभी पात्र परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन नहीं मिल पाए। इसलिए सरकार को इस योजना का समय बढ़ाना पड़ा। जिले में इस समय 5968 बीपीएल परिवार ऐसे हैं, जिनको इस योजना का लाभ नहीं मिला है। इन परिवारों को लाभ देने के लिए ही सरकार ने इस योजना का समय बढ़ाया है। इसके लिए सरकार ने 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट किया है।
विज्ञापन
तेल कंपनियों के पास करने होंगे आवेदन
जिन बीपीएल परिवारों ने अब तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है, उनको इसका लाभ प्राप्त करने के लिए तेल कंपनियों को सीधे आवेदन करने होंगे। यह आवेदन जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सत्यापित किए जाएंगे। विभाग केवल आवेदनों को सत्यापित करेगा और तेल कंपनियों के पास भेज देगा। इसके बाद तेल कंपनियां इन लोगों को घर आकर गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाएंगी।
विज्ञापन
1650 रुपये में मिल रहा लाभ
इस योजना के तहत तेल कंपनियां 1650 रुपये ले रही हैं। इसमें 990 रुपये का चूल्हा, 660 रुपये की गैस की ही फीस वसूल की जा रही हैं। इसके साथ-साथ गैस रेगुलेटर, पाइप, गैस सिलेंडर और कनेक्शन की कॉपी भी दी जा रही है।
उज्ज्वला योजना की समय सीमा 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दी है। जिले में इस योजना का लाभ लेने के लिए 5968 बीपीएल परिवार वंचित रह गए थे। इन परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए 11 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी अलॉट कर दिया है। तेल कंपनियां लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर भी लगा रही हैं। 14 अप्रैल को नरवाना व सफीदों में जागरूकता शिविर लगाएं जाएंगे।
--राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक