{"_id":"5aa6cdde4f1c1bb6758b5060","slug":"161520881118-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर हवलदार पर गाज गिरना तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर हवलदार पर गाज गिरना तय
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर हवलदार पर गाज गिरना तय
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला जेल से रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए ले जाए गए, शादीपुर जुलाना निवासी सजायाफ्ता कैदी मंजीत के फरार होने के मामले में अब जींद के हवलदार सुभाष के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। हालांकि एसएसपी डॉ. अरुण सिंह अभी जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने सुभाष द्वारा बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। वहीं पीजीआई से फरार हुए मंजीत के खिलाफ कुल दस केस दर्ज हैं। इनमें से तीन में उसे सजा हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार 2014 में मंजीत ने जुलाना में मिठाई की दुकान चलाने वाले गणेश की हत्या कर दी थी। इस पर नवंबर 2017 में उसे अदालत में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा मंजीत हत्या व फिरौती सहित तीन मामलों में अदालत से बरी हो चुका है। फिलहाल मंजीत के खिलाफ जुलाना में हत्या का प्रयास, जींद शहर में मारपीट व जींद सदर थाना में अवैध हथियार रखने का केस दर्ज है।
बॉक्स
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हालांकि पुलिस इस मामले में दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने के मूढ में लग रही है, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस लाइन में तैनात सुभाष अकेले ही कुख्यात अपराधी को इलाज के लिए पीजीआई लेकर गया। इसके लिए उसने आलाअधिकारियों से सूचना तक नहीं दी। इसके बाद वह पीजीआई से मंजीत को सुनारिया जेल क्यों लेकर जाया गया। इसकी जांच पुलिस करेगी।
विज्ञापन
गणेश के परिवार की बढ़ाई सुरक्षा
मंजीत को जुलाना में मिठाई संचालक गणेश की हत्या के मामले में सजा हो चुकी है। वहीं गणेश की हत्या के बाद 2015 में गणेश के बेटे 22 वर्षीय अनिल को भी गोली मारी गई। दरअसल अनिल अपने पिता की हत्या के मामले में गवा था। ऐसे में पुलिस ने गणेश के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। जुलाना थाना प्रभारी के अनुसार अनिल के भाई के पास हथियार है और अनिल को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। जल्द ही मंजीत को काबू किया जाएगा।
केस दर्ज, होगी जांच
इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने हवलदार सुभाष के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है। अभी मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई भी कर्मचारी दोष पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी जींद।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला जेल से रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए ले जाए गए, शादीपुर जुलाना निवासी सजायाफ्ता कैदी मंजीत के फरार होने के मामले में अब जींद के हवलदार सुभाष के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। हालांकि एसएसपी डॉ. अरुण सिंह अभी जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने सुभाष द्वारा बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। वहीं पीजीआई से फरार हुए मंजीत के खिलाफ कुल दस केस दर्ज हैं। इनमें से तीन में उसे सजा हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार 2014 में मंजीत ने जुलाना में मिठाई की दुकान चलाने वाले गणेश की हत्या कर दी थी। इस पर नवंबर 2017 में उसे अदालत में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा मंजीत हत्या व फिरौती सहित तीन मामलों में अदालत से बरी हो चुका है। फिलहाल मंजीत के खिलाफ जुलाना में हत्या का प्रयास, जींद शहर में मारपीट व जींद सदर थाना में अवैध हथियार रखने का केस दर्ज है।
विज्ञापन
बॉक्स
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हालांकि पुलिस इस मामले में दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने के मूढ में लग रही है, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस लाइन में तैनात सुभाष अकेले ही कुख्यात अपराधी को इलाज के लिए पीजीआई लेकर गया। इसके लिए उसने आलाअधिकारियों से सूचना तक नहीं दी। इसके बाद वह पीजीआई से मंजीत को सुनारिया जेल क्यों लेकर जाया गया। इसकी जांच पुलिस करेगी।
विज्ञापन
गणेश के परिवार की बढ़ाई सुरक्षा
मंजीत को जुलाना में मिठाई संचालक गणेश की हत्या के मामले में सजा हो चुकी है। वहीं गणेश की हत्या के बाद 2015 में गणेश के बेटे 22 वर्षीय अनिल को भी गोली मारी गई। दरअसल अनिल अपने पिता की हत्या के मामले में गवा था। ऐसे में पुलिस ने गणेश के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। जुलाना थाना प्रभारी के अनुसार अनिल के भाई के पास हथियार है और अनिल को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। जल्द ही मंजीत को काबू किया जाएगा।
केस दर्ज, होगी जांच
इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने हवलदार सुभाष के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है। अभी मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई भी कर्मचारी दोष पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी जींद।