फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   पक्के घर का सपना दिखाकर सर्दी में खुले आसमान में रहने को किया मजबूर

पक्के घर का सपना दिखाकर सर्दी में खुले आसमान में रहने को किया मजबूर

Thu, 22 Nov 2018 12:17 AM IST
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
पक्के घर का सपना दिखाकर सर्दी में खुले आसमान में रहने को किया मजबूर
रजिस्ट्री और नक्शा पास की शर्त ने रोकी पीएम आवास योजना की राशि
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। प्रधानमंत्री आवास योजना कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गई है। जैसे-तैसे कच्चा-पक्का मकान बनाकर रह रहे लोगों ने सरकार की मकान बनाने की चिट्ठी मिलने के बाद गिराकर नींव भर दी। कई गरीब लोगों को ढाई लाख की पहली किस्त एक लाख रुपये मिल गई, लेकिन काफी लोगों को पहली किस्त भी नहीं मिली। पहले न तो मकान की कोई रजिस्ट्री मांगी और न ही नक्शा पास करने की कोई शर्त थी। करीब दो दर्जन लोगों ने सरकार की योजना की चिट्ठी मिलने के बाद अपने पैसों से बनाया कच्चा मकान गिराकर नींद भर दी, लेकिन अब संबंधित अधिकारी मकान की रजिस्ट्री और नप से नक्शा पास कराने की बात कर रहे हैं। पिछले छह माह से लोग मकानों की किस्त लेने की जद्दोजहद में हैं। पिछले दिनों डीसी से मिले थे। उसके बाद भी किसी गरीब को कोई राहत नहीं मिली।
जानकारी के लिए कई लोगों ने छह माह के करीब अपने मकान को बनाने की प्रक्रिया शुरू की हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में हजारों लोगों ने अपने मकान को पक्का करने के लिए लोन के लिए आवेदन किया था, जिसमें से करीब 840 परिवारों को लोन के लिए सही माना गया है।
विज्ञापन

एक किस्त के बाद नहीं मिला कोई रुपया
उसे ढाई लाख में से एक लाख की किस्त मिल गई, जिससे दीवार पूरी कर ली गई, लेकिन अब मकान का नक्शा और रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं। सर्दी के मौसम में अब वह तंबू डालकर रहने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बालकिशन, निवासी आजाद नगर नरवाना।
नींव भर दी, अब कह रहे नक्शा पास कराओ
उसे सरकार की तरफ से चिट्ठी मिली कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए उसका लोन पास हो गया है। पहली किस्त लेने के लिए उसे नींव भरकर दिखानी जरूरी है। उसने अपना मकान तोड़कर नींव भर दी, लेकिन अब कह रहे हैं कि नक्शा पास कराओ। वह गरीब कहां से विकास शुल्क के पैसे लाए।
बिमला देवी, निवासी नई बस्ती।
पहले नहीं बताई रजिस्ट्री और नक्शा पास की शर्त
नींव भरने से पूर्व उन्हें रजिस्ट्री और नक्शा पास की शर्त नहीं बताई गई थी, लेकिन अब कह रहे हैं कि नक्शा पास कराओ। वह खुली छत और अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। संबंधित अधिकारी सरकार की नई शर्त बताकर टरका देते हैं।
माया देवी नई बस्ती नरवाना
छोटे-छोटे बच्चे सर्दी में मरने को मजबूर
पहले कच्चा मकान था। उसने उसे ढहाकर नींव भर दी, लेकिन अब नई शर्तें लगा दी गई हैं। उनकी मकान की रजिस्ट्री बुजुर्गों के नाम है। उसने जैसे तैसे मकान की नींव भरी और अब कोई पैसा नहीं मिल रहा। उनके छोटे छोटे बच्चे सर्दी में मरने को मजबूर हैं।

राजरानी, नई बस्ती नरवाना
बिना विकास शुल्क के नक्शा पास कराने को लिखा
सरकार की नई शर्त में नक्शा पास कराना जरूरी है। जिसे गरीब आदमी नहीं करा सकता। 120 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क जमा करना होता है। जिसको लेकर नप की ओर से निकाय मंत्री कविता जैन को पत्र लिया गया है कि ऐसे गरीब लोगों के नक्शे के बिना विकास शुल्क पास होने चाहिए।
छवि बंसल, चेयरपर्सन नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed