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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को झटका, 19 कर्मचारी लौटे काम पर
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:25 AM IST
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रोडवेज हड़ताल : 19 कर्मचारी काम पर लौटे
- दो दिन के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने बढ़ाई हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की पिछले 17 दिनों से हड़ताल में 30 और 31 अक्तूबर को दो दिन के लिए सभी विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल कर समर्थन दिया था। विभाग में 873 कर्मचारियों में से 823 कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे। हड़ताल के पहले दिन ही प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को हड़ताल को खत्म करने के लिए 134 कर्मचारियों को नोटिस व 16 कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे। इसमें से पुलिस ने केवल चार कर्मचारियों को ही गिरफ्तार किया। प्रदेश सरकार के प्रयास करने के बावजूद जब कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो हड़ताल कर रहे दस चालक, दस परिचालक व दो मैकेनिक को सस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद अब रोडवेज कर्मचारियों को नौकरी का डर सताने लगा है। इसके बाद 19 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
बाक्स
नहीं पहुंचा कोई संगठन समर्थन में
जहां मंगलवार और बुधवार दो दिन तक सभी विभागों के कर्मचारी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में वीरवार को रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में कोई संगठन नहीं पहुंचा। ऐसे में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को अन्य संगठनों का समर्थन नहीं मिलने पर ज्यादा असरदार नहीं रही।
बाक्स
रोडवेज कर्मियों ने फूंका सरकार का पुतला
रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर रोष प्रकट किया। रोडवेज कर्मचारियों न मांग की है कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए, वरना प्रदेश स्तरीय रोडवेज कर्मचारी प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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दो दिन की और बढ़ाई हड़ताल
रोडवेज कर्मचारियों ने दो दिन की हड़ताल और बढ़ा दी है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को मानने से इंकार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी भी हड़ताल वापस नहीं ले रहे हैं। 16 अक्तूबर को दो दिन के लिए शुरू हुई हड़ताल अब रोडवेज कर्मचारियों ने चार नवंबर तक हड़ताल बढ़ा दी है।
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गिरफ्तार कर्मचारी हुए बहाल
16 अक्तूबर को शुरू हुई हड़ताल में 823 कर्मचारी शामिल थे। प्रदेश सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए 134 कर्मचारियों को नोटिस व 16 कर्मचारियों को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इन चार कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया है।
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चालक व परिचालक नहीं लौटे हड़ताल पर
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से अब 19 कर्मचारी वापस लौट आए हैं। प्रोबेशन पीरियड पर काम कर रहे क्लर्क काम पर वापस लौटे हैं। चालक व परिचालक अभी हड़ताल पर ही हैं। इसके चलते अभी ठेका प्रथा के तहत भर्ती किए गए चालक ही बस चला रहे हैं।
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वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए भर्ती हुई शुरू
राम भरोसे चल रही रोडवेज बस के लिए वर्कशॉप में भर्ती के लिए आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं। वर्कशॉप मेनेजर जीएस दुहन ने कहा कि वर्कशॉप में कर्मचारी नहीं होने पर अनफिट गाड़ियां ही सड़क पर दौड़ाई जा रही है। अब विभाग ने वर्कशाप में कर्मचारियों के लिए आवेदन मांगे हैं। विभाग वर्कशॉप में दस कर्मचारियों को ठेका प्रथा के तहत रखेगा। हड़ताल खत्म होते ही ठेकेदार के तहत लिए गए कर्मचारियों से काम नहीं लिया जाएगा।
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निजीकरण हटाओ रोडवेज बचाओ रैली का भवन निर्माण कामगार यूनियन करेगी समर्थन
जींद। भवन निर्माण कामगार यूनियन की जिला कमेटी प्रधान कश्मीर सिंह व जिला सचिव कपूर सिंह ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि 16 अक्तूबर से हरियाणा रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ व कर्मचारियों को यूनियन ने समर्थन दिया है। अब तालमेल कमेटी के आह्वान पर चार नवंबर को निजीकरण हटाओ रोडवेज बचाओ रैली का पुरजोर समर्थन करेगी। जींद जिले से हजारों की संख्या में निर्माण मजदूर इस रैली में शामिल होंगे।
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कर्मचारियों पर लाठी चार्ज करना निंदनीय : मलिक
जुलाना। प्रदेश के पूर्व डीजीपी और इनेलो राजनीतिक सलाहकार समिति के सदस्य व जाट सभा चंडीगढ़ के प्रधान डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि 31 अक्टूबर को भिवानी, भुना, फतेहाबाद, और सोनीपत में कर्मचारियों पर हुआ लाठी चार्ज सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। ठेका प्रथा के तहत लगाए गए चालक द्वारा सड़क हादसों में चार व्यक्ति की जान जा चुकी है। अब तक चार बार सरकार एस्मा लगा चुकी है व 370 कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है, जो प्रजातंत्र का गला घोटने का काम कर रही है । सरकार अपनी निजीकरण नीति को वापस लें और गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को रिहा कर सभी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर बहाल किया जाएं।
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- दो दिन के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने बढ़ाई हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की पिछले 17 दिनों से हड़ताल में 30 और 31 अक्तूबर को दो दिन के लिए सभी विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल कर समर्थन दिया था। विभाग में 873 कर्मचारियों में से 823 कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे। हड़ताल के पहले दिन ही प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को हड़ताल को खत्म करने के लिए 134 कर्मचारियों को नोटिस व 16 कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे। इसमें से पुलिस ने केवल चार कर्मचारियों को ही गिरफ्तार किया। प्रदेश सरकार के प्रयास करने के बावजूद जब कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो हड़ताल कर रहे दस चालक, दस परिचालक व दो मैकेनिक को सस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद अब रोडवेज कर्मचारियों को नौकरी का डर सताने लगा है। इसके बाद 19 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
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नहीं पहुंचा कोई संगठन समर्थन में
जहां मंगलवार और बुधवार दो दिन तक सभी विभागों के कर्मचारी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में वीरवार को रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में कोई संगठन नहीं पहुंचा। ऐसे में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को अन्य संगठनों का समर्थन नहीं मिलने पर ज्यादा असरदार नहीं रही।
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रोडवेज कर्मियों ने फूंका सरकार का पुतला
रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर रोष प्रकट किया। रोडवेज कर्मचारियों न मांग की है कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए, वरना प्रदेश स्तरीय रोडवेज कर्मचारी प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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दो दिन की और बढ़ाई हड़ताल
रोडवेज कर्मचारियों ने दो दिन की हड़ताल और बढ़ा दी है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को मानने से इंकार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी भी हड़ताल वापस नहीं ले रहे हैं। 16 अक्तूबर को दो दिन के लिए शुरू हुई हड़ताल अब रोडवेज कर्मचारियों ने चार नवंबर तक हड़ताल बढ़ा दी है।
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गिरफ्तार कर्मचारी हुए बहाल
16 अक्तूबर को शुरू हुई हड़ताल में 823 कर्मचारी शामिल थे। प्रदेश सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए 134 कर्मचारियों को नोटिस व 16 कर्मचारियों को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इन चार कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया है।
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चालक व परिचालक नहीं लौटे हड़ताल पर
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से अब 19 कर्मचारी वापस लौट आए हैं। प्रोबेशन पीरियड पर काम कर रहे क्लर्क काम पर वापस लौटे हैं। चालक व परिचालक अभी हड़ताल पर ही हैं। इसके चलते अभी ठेका प्रथा के तहत भर्ती किए गए चालक ही बस चला रहे हैं।
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वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए भर्ती हुई शुरू
राम भरोसे चल रही रोडवेज बस के लिए वर्कशॉप में भर्ती के लिए आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं। वर्कशॉप मेनेजर जीएस दुहन ने कहा कि वर्कशॉप में कर्मचारी नहीं होने पर अनफिट गाड़ियां ही सड़क पर दौड़ाई जा रही है। अब विभाग ने वर्कशाप में कर्मचारियों के लिए आवेदन मांगे हैं। विभाग वर्कशॉप में दस कर्मचारियों को ठेका प्रथा के तहत रखेगा। हड़ताल खत्म होते ही ठेकेदार के तहत लिए गए कर्मचारियों से काम नहीं लिया जाएगा।
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निजीकरण हटाओ रोडवेज बचाओ रैली का भवन निर्माण कामगार यूनियन करेगी समर्थन
जींद। भवन निर्माण कामगार यूनियन की जिला कमेटी प्रधान कश्मीर सिंह व जिला सचिव कपूर सिंह ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि 16 अक्तूबर से हरियाणा रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ व कर्मचारियों को यूनियन ने समर्थन दिया है। अब तालमेल कमेटी के आह्वान पर चार नवंबर को निजीकरण हटाओ रोडवेज बचाओ रैली का पुरजोर समर्थन करेगी। जींद जिले से हजारों की संख्या में निर्माण मजदूर इस रैली में शामिल होंगे।
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कर्मचारियों पर लाठी चार्ज करना निंदनीय : मलिक
जुलाना। प्रदेश के पूर्व डीजीपी और इनेलो राजनीतिक सलाहकार समिति के सदस्य व जाट सभा चंडीगढ़ के प्रधान डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि 31 अक्टूबर को भिवानी, भुना, फतेहाबाद, और सोनीपत में कर्मचारियों पर हुआ लाठी चार्ज सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। ठेका प्रथा के तहत लगाए गए चालक द्वारा सड़क हादसों में चार व्यक्ति की जान जा चुकी है। अब तक चार बार सरकार एस्मा लगा चुकी है व 370 कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है, जो प्रजातंत्र का गला घोटने का काम कर रही है । सरकार अपनी निजीकरण नीति को वापस लें और गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को रिहा कर सभी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर बहाल किया जाएं।