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हिंसा के विरोध में निजी अस्पताल रहे बंद
Updated Wed, 07 Jun 2017 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर के निजी चिकित्सकों ने हड़ताल की। चिकित्सकों ने दिल्ली पहुंच कर प्रदर्शन किया और सरकार से अस्पतालों में होने वाली हिंसा के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। वहीं, निजी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई मरीजों ने नागरिक अस्पताल का रुख किया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार सामान्य दिनों के मुकाबले मंगलवार को ओपीडी ज्यादा रही। मंगलवार को करीब 200 मरीज सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक आए। वहीं निजी अस्पतालों के बाहर वीरानी छाई रही। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी और पीएनडीटी संयोजक डॉ. सुशील मंगला ने बताया कि देश भर में निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों के तीमारदारों द्वारा हिंसा की जाती है। ऐसे में चिकित्सकों का काम करने का माहौल नहीं बचा है।
निजी अस्पताल रहे बंद, नागरिक अस्पताल में ओपीडी बढ़ी
जिले भर के निजी चिकित्सकों ने की हड़ताल
जींद।
राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर के निजी चिकित्सकों ने हड़ताल की। चिकित्सकों ने दिल्ली पहुंच कर प्रदर्शन किया और सरकार से अस्पतालों में होने वाली हिंसा के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। वहीं, निजी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई मरीजों ने नागरिक अस्पताल का रुख किया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार सामान्य दिनों के मुकाबले मंगलवार को ओपीडी ज्यादा रही। मंगलवार को करीब 200 मरीज सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक आए। वहीं निजी अस्पतालों के बाहर वीरानी छाई रही। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी और पीएनडीटी संयोजक डॉ. सुशील मंगला ने बताया कि देश भर में निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों के तीमारदारों द्वारा हिंसा की जाती है। ऐसे में चिकित्सकों का काम करने का माहौल नहीं बचा है।
निजी अस्पताल रहे बंद, नागरिक अस्पताल में ओपीडी बढ़ी
जिले भर के निजी चिकित्सकों ने की हड़ताल