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हैफेड के चीफ कॉ-ओर्डिनेशन ऑफिर व डीएम पहुंचे मंडी, किसान बोले पटवारी नहीं कर रहे वैरीफिकेशन
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किसानों का आरोप पटवारी सरसों का नहीं कर रहा वेरिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। सरसों की खरीद के छठे दिन पुरानी मंडी में हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी की दुकान पर पांच किसान सरसों की फसल लेकर पहुंचे। खरीद की शुरूआत हैफेड के चीफ को-ओर्डिनेशन ऑफिसर (सीसीओ) नरेंद्र कुमार और डीएम केके श्योराण ने नमी की जांच करके की। पहले दिन सबसे पहले धरौदी गांव के नरेश कुमार की फसल बिकी। पांच किसानों की 70 क्विंटल फसल को सरकारी रेट 4200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया। इस दौरान कई किसानों ने कहा कि पटवारी ने उनकी सरसों की फसल की वेरिफिकेशन नहीं कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि उनकी शिकायत करो।
डीएम केके श्योरण ने कहा कि जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पर अपनी सरसों का पंजीकरण करवाया है उन किसानों की फसल सरकारी दुकान पर हैफेड खरीद रहा है। कुछ किसानों की शिकायत आई थी कि पटवारी गिरदावरी देने से मना कर रहे हैं। कोई भी पटवारी अगर गिरदावरी देने से मना करें तो उसकी जानकारी दें। सरसों की फसल गिरदावरी रिपोर्ट पटवारी से लाने के बाद ही पंजीकरण करवाने वाला किसान बेच सकता है। ऐसे में कोई भी पटवारी गिरदावरी देने से मना नहीं कर सकता है। किसान सूखी फसल लेकर आए ताकि उनकी फसल आते ही बिक सकें। आठ प्रतिशत तक की नमी वाली फसल को खरीदा जा रहा है। इस मौके पर मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह, हैफेड मैनेजर अशोक सिहाग, मंडी सुपरवाइजर महेंद्र शर्मा, नरेश कुमार, सत्यवान, सतीश, श्माया, हरिओम, सुभाष मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। सरसों की खरीद के छठे दिन पुरानी मंडी में हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी की दुकान पर पांच किसान सरसों की फसल लेकर पहुंचे। खरीद की शुरूआत हैफेड के चीफ को-ओर्डिनेशन ऑफिसर (सीसीओ) नरेंद्र कुमार और डीएम केके श्योराण ने नमी की जांच करके की। पहले दिन सबसे पहले धरौदी गांव के नरेश कुमार की फसल बिकी। पांच किसानों की 70 क्विंटल फसल को सरकारी रेट 4200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया। इस दौरान कई किसानों ने कहा कि पटवारी ने उनकी सरसों की फसल की वेरिफिकेशन नहीं कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि उनकी शिकायत करो।
डीएम केके श्योरण ने कहा कि जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पर अपनी सरसों का पंजीकरण करवाया है उन किसानों की फसल सरकारी दुकान पर हैफेड खरीद रहा है। कुछ किसानों की शिकायत आई थी कि पटवारी गिरदावरी देने से मना कर रहे हैं। कोई भी पटवारी अगर गिरदावरी देने से मना करें तो उसकी जानकारी दें। सरसों की फसल गिरदावरी रिपोर्ट पटवारी से लाने के बाद ही पंजीकरण करवाने वाला किसान बेच सकता है। ऐसे में कोई भी पटवारी गिरदावरी देने से मना नहीं कर सकता है। किसान सूखी फसल लेकर आए ताकि उनकी फसल आते ही बिक सकें। आठ प्रतिशत तक की नमी वाली फसल को खरीदा जा रहा है। इस मौके पर मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह, हैफेड मैनेजर अशोक सिहाग, मंडी सुपरवाइजर महेंद्र शर्मा, नरेश कुमार, सत्यवान, सतीश, श्माया, हरिओम, सुभाष मौजूद रहे।
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