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हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी के 1
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने में जन स्वास्थ्य विभाग जिले में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। गांवों की तो छोड़ें, विभाग शहरों में व कस्बों में भी साफ पानी मुहैया नहीं करवा पा रहा है। वहीं बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी के 1800 परिवार आजकल इसी समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के लोगों के अनुसार पिछले काफी समय से पेयजल की समस्या की बनी हुई है। पीने का पानी इतना खराब है कि पानी से बदबू आती है जो पीने तो दूर, कपड़े धोने के लायक भी नहीं है। जब भी बारिश का मौसम होता है, तो सीवरेज ओवरफ्लो हो जाता है और पेयजल सप्लाई की पाइप लीकेज होने की वजह से इसमें सीवरेज का पानी मिल जाता है।
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दूषित पेयजल की समस्या से वे काफी परेशान हैं। प्रशासन ने अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। अगर प्रशासन ने समस्या को दूर नहीं किया तो कॉलोनियों में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा। लोगों के अनुसार शिव कॉलोनी में तो वे कैंपर का सहारा ले रहे हैं। कई लोग तो अपना घर छोड़कर दूसरी जगह प्लान करने को मजबूर हो गए हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के 800 परिवार व शिव कॉलोनी के एक हजार परिवारों को दूषित पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पिछले दिनों सफीदों के सिंघाना गांव के 300 से अधिक परिवार दूषित पेयजल की चपेट में आ गए थे, लेकिन इस घटना के बाद भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा।
1500 से अधिक है टीडीएस की मात्रा
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी में जमीनी पानी सप्लाई किया जाता है। इसका स्तर पहले से काफी खराब है। टीडीएस की मात्रा 1500 से अधिक है जो सामान्य से काफी अधिक है। पिछले दिनों जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के सैंपल लिए गए थे, जो फेल हो गए और पेयजल की गुणवत्ता का सुधारने के लिए गोलियां बांटी गईं, लेकिन बाद में यह अभियान बंद हो गया।
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दूषित पेयजल की समस्या काफी पुरानी
कॉलोनी में पेयजल की समस्या काफी पुरानी है। बारिश के समय तो सीवरेज का पानी सप्लाई में आता है और पानी से बदबू आती है। इससे काफी परेशानी का समाना करना पड़ता है। कॉलोनी के अधिकतर लोग तो पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द समाधान किया जाए।
-रामपाल, शिव कॉलोनी निवासी।
भयंकर बीमारी फैलने का खतरा
बारिश के समय पर कॉलोनी में दूषित पेयजल आ रहा है। इससे कॉलोनी में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पीने का पानी इतना खराब है कि कपड़े धोने के लायक भी नहीं है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
-नीलम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी।
जल्द होगा समाधान
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी में दूषित पेयजल की समस्या है तो उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा। अगर कहीं ज्यादा परेशानी है, तो आकर मिले, तुरंत समधान किया जाएगा। यदि कहीं पाइप लाइन लीक है तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा।
-संजय शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, जींद।
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जींद। लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने में जन स्वास्थ्य विभाग जिले में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। गांवों की तो छोड़ें, विभाग शहरों में व कस्बों में भी साफ पानी मुहैया नहीं करवा पा रहा है। वहीं बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी के 1800 परिवार आजकल इसी समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के लोगों के अनुसार पिछले काफी समय से पेयजल की समस्या की बनी हुई है। पीने का पानी इतना खराब है कि पानी से बदबू आती है जो पीने तो दूर, कपड़े धोने के लायक भी नहीं है। जब भी बारिश का मौसम होता है, तो सीवरेज ओवरफ्लो हो जाता है और पेयजल सप्लाई की पाइप लीकेज होने की वजह से इसमें सीवरेज का पानी मिल जाता है।
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दूषित पेयजल की समस्या से वे काफी परेशान हैं। प्रशासन ने अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। अगर प्रशासन ने समस्या को दूर नहीं किया तो कॉलोनियों में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा। लोगों के अनुसार शिव कॉलोनी में तो वे कैंपर का सहारा ले रहे हैं। कई लोग तो अपना घर छोड़कर दूसरी जगह प्लान करने को मजबूर हो गए हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के 800 परिवार व शिव कॉलोनी के एक हजार परिवारों को दूषित पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पिछले दिनों सफीदों के सिंघाना गांव के 300 से अधिक परिवार दूषित पेयजल की चपेट में आ गए थे, लेकिन इस घटना के बाद भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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1500 से अधिक है टीडीएस की मात्रा
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी में जमीनी पानी सप्लाई किया जाता है। इसका स्तर पहले से काफी खराब है। टीडीएस की मात्रा 1500 से अधिक है जो सामान्य से काफी अधिक है। पिछले दिनों जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के सैंपल लिए गए थे, जो फेल हो गए और पेयजल की गुणवत्ता का सुधारने के लिए गोलियां बांटी गईं, लेकिन बाद में यह अभियान बंद हो गया।
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दूषित पेयजल की समस्या काफी पुरानी
कॉलोनी में पेयजल की समस्या काफी पुरानी है। बारिश के समय तो सीवरेज का पानी सप्लाई में आता है और पानी से बदबू आती है। इससे काफी परेशानी का समाना करना पड़ता है। कॉलोनी के अधिकतर लोग तो पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द समाधान किया जाए।
-रामपाल, शिव कॉलोनी निवासी।
भयंकर बीमारी फैलने का खतरा
बारिश के समय पर कॉलोनी में दूषित पेयजल आ रहा है। इससे कॉलोनी में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पीने का पानी इतना खराब है कि कपड़े धोने के लायक भी नहीं है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
-नीलम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी।
जल्द होगा समाधान
हाउसिंग बोर्ड व शिव कॉलोनी में दूषित पेयजल की समस्या है तो उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा। अगर कहीं ज्यादा परेशानी है, तो आकर मिले, तुरंत समधान किया जाएगा। यदि कहीं पाइप लाइन लीक है तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा।
-संजय शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, जींद।