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गेहूं की पेमेंट सीधे किसान के खाते के किए जाने का जताया विरोध
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:16 AM IST
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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए आढ़ती
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना।
मार्केट कमेटी प्रांगण में आढ़तियों ने एकत्रित होकर सरकार द्वारा गेहूं की पेमेंट सीधे किसानों के खाते में करने के सरकार के फैसले का विरोध किया। धरने की अध्यक्षता दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान बलराज श्योकंद ने की। आढ़तियों ने सोमवार से मार्केट कमेटी प्रांगण में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया।
श्योकंद ने कहा कि सरकार द्वारा 27 अप्रैल के बाद से खरीदी जाने वाली गेहूं की पेमेंट सीधे किसानों के खातों में करने का फैसला लिया है, जो पूरी तरह से गलत है। सितंबर माह में हड़ताल के दौरान सीएम ने व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि इस साल फसल खरीद पुराने नियमों के अनुसार होगी। सरकार हर फैसले बिना किसी प्लॉनिंग के ले रही है, जिससे हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के फैसले लेकर किसान, आढ़ती के वर्षों के साथ को तोड़ना चाहती है। सरकार की इस तरह की मंशा में कामयाब नहीं होने देंगे। सरकार की सोच है कि जो भाईचारा किसान, आढ़ती का सदियों से चला आ रहा है उसको तोड़ा जाए। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव रोशन लाल घोघड़िया, सुरेश खरकभूरा, विरेंद्र संदलाना, भूप खटकड़, सतपाल करसिंधु, रामनिवास करसिंधु, रमेश गर्ग, विक्की, रणबीर चहल, साधुराम शर्मा, दलबीर खेड़ी मंसानियां मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना।
मार्केट कमेटी प्रांगण में आढ़तियों ने एकत्रित होकर सरकार द्वारा गेहूं की पेमेंट सीधे किसानों के खाते में करने के सरकार के फैसले का विरोध किया। धरने की अध्यक्षता दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान बलराज श्योकंद ने की। आढ़तियों ने सोमवार से मार्केट कमेटी प्रांगण में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया।
श्योकंद ने कहा कि सरकार द्वारा 27 अप्रैल के बाद से खरीदी जाने वाली गेहूं की पेमेंट सीधे किसानों के खातों में करने का फैसला लिया है, जो पूरी तरह से गलत है। सितंबर माह में हड़ताल के दौरान सीएम ने व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि इस साल फसल खरीद पुराने नियमों के अनुसार होगी। सरकार हर फैसले बिना किसी प्लॉनिंग के ले रही है, जिससे हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के फैसले लेकर किसान, आढ़ती के वर्षों के साथ को तोड़ना चाहती है। सरकार की इस तरह की मंशा में कामयाब नहीं होने देंगे। सरकार की सोच है कि जो भाईचारा किसान, आढ़ती का सदियों से चला आ रहा है उसको तोड़ा जाए। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव रोशन लाल घोघड़िया, सुरेश खरकभूरा, विरेंद्र संदलाना, भूप खटकड़, सतपाल करसिंधु, रामनिवास करसिंधु, रमेश गर्ग, विक्की, रणबीर चहल, साधुराम शर्मा, दलबीर खेड़ी मंसानियां मौजूद रहे।
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