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घोषणा के तीन साल बाद भी सिर्फ चारदीवारी तक पहुंचा मेडिकल कॉलेज

Wed, 24 Jan 2018 12:33 AM IST
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:33 AM IST
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घोषणा के तीन साल बाद भी सिर्फ चारदीवारी तक पहुंचा मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कालेज के नाम पर तीन साल में सरकार सिर्फ चारदीवारी की योजना ही बना सकी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जींद में मेडिकल कालेज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन गांव वासियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। घोषणा के तीन साल बाद सरकार सिर्फ चारदीवारी की ही योजना बना पाई है। हालांकि इसके लिए भी अभी तक फंड जारी नहीं किया गया है। मेडिकल कालेज के निर्माण में हो रही देरी से ग्राम पंचायत में रोष है, अब इस मामले में पंचायत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से गुहार लगाने का निर्णय लिया है।
दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जींद में मेडिकल कालेज बनाने की घोषणा तीन साल पहले की थी। इसके लिए डेढ़ साल तक तो प्रशासन जमीन ही तलाश करता रहा। इसके बाद हैबतपुर गांव की पंचायत ने मेडिकल कालेज के लिए करीब 24 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव तैयार किया। सरकार ने आननफानन में पंचायत की जमीन को स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरित भी करवा लिया, लेकिन अब एक साल के बाद भी यहां मेडिकल कालेज बनने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इसके चलते ग्राम पंचायत पहले भी रोष जता चुकी है। मेडिकल कालेज में हो रही देरी के कारण पंचायत को हर साल करीब 50 लाख रुपये को घाटा उठाना पड़ रहा है। कुल मिलकार अब तक ग्राम पंचायत को करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। ग्राम पंचायत का कहना है कि अगर सरकार को यहां मेडिकल कालेज जल्दी नहीं बनाना था तो पहले ही जमीन खाली नहीं करवानी चाहिए थी।
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पहले जमीन के अभाव में लटकी रही परियोजना
मेडिकल कालेज की परियोजना पहले जमीन के अभाव में लटकी रही। दरअसल मेडिकल कालेज के लिए 300 बेड का अस्पताल चाहिए होता है, लेकिन जींद में पहले 100 बेड का ही अस्पताल था। वहीं 100 बेड का अतिरिक्त अस्पताल भी अब शुरू हो चुका है। ऐसे में मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग ने वर्तमान अस्पताल के स्थान पर ही कालेज बनाने की योजना बनाई थी। मेडिकल कालेज के लिए एक शर्त यह भी है कि कम से कम 30 एकड़ जमीन हो, लेकिन अस्पताल की जगह जमीन कम थी। ऐसे में अस्पताल के साथ-साथ हैबतपुर गांव में भी परिसर तैयार करने की योजना बनाई गई। मेडिकल कालेज के लिए हैबतपुर गांव की पंचायत ने मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग को जमीन 33 साल के लिए लीज पर दी है।
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बनेगा डेंटल कालेज भी
मेडिकल कालेज के नार्म्स के अनुसार डेंटल कालेज भी बनाना होता है। इसके लिए हैबतपुर की साइट को ही प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि हैबतपुर की पंचायत मेडिकल कालेज की ओपीडी गांव में चाहती है, लेकिन नागरिक अस्पताल की साइट पर पहले से ही 200 बेड का अस्पताल बना हुआ है। ऐसे में यहां जल्द काम शुरू करने के लिए नागरिक अस्पताल की साइट को ही प्राथमिकता दी जा रही है।

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प्रशासन ने उगाया चारा
मेडिकल कालेज के निर्माण देरी होने से भले ही ग्राम पंचायत को आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रशासन ने यहां नंदीशाला में रह रही गायों के लिए चार उगवा दिया। पंचायत का कहना है कि जब तक मेडिकल कालेज नहीं बनता, प्रशासन की तरह ही पंचायत को भी जमीन प्रयोग करने की अनुमति दी जाए।

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पंचायत ने जमीन देने के बाद बार-बार यहां मेडिकल कालेज निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई रिस्पांस नहीं आ रहा है। ऐसे में ग्राम पंचायत को जमीन के ठेके से होने वाली आमदनी घट गई है। वहीं गांव को कोई लाभ नहीं हुआ है। ऐसे में 15 फरवरी को गांव की पंचायत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलकर यहां मेडिकल कालेज जल्द बनवाने की मांग करेगी।

कश्मीरो देवी, सरपंच
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मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल इसकी चारदीवारी के लिए योजना बनाई गई है। इसके लिए जल्द ही टेंडर करवाए जांगे। इसके बाद जैसे ही आगे के आदेश आंएगे, प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
नवतीन नैन, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
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