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Jind News: कारागार लोक अदालत में आए 14 मामले, एक का निपटारा
Wed, 06 Nov 2024 11:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 06 Nov 2024 11:07 PM IST
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जिला जेल में महिला बंदियों और कैदियों से बातचीत करतीं सीजेएम मोनिका। स्रोत : प्रशासन
जींद। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवीर सिंह राठौर के दिशा-निर्देश में जिला जेल में कारागार लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 14 मामले निपटान के लिए रखे गए। इनमें से एक मामले का मौके पर ही निदान किया गया। इस दौरान सीजेएम मोनिका ने जेल का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से मुलाकात भी की।
प्राधिकरण की सचिव व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोनिका ने बताया कि जेल लोक अदालत महीने में दो बार लगाई जाती है। इसमें छोटे-मोटे आपराधिक मामले लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों को 15 दिन के दौरान सजा हुई है उनको अपील के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण तथा हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से मुफ्त वकील प्रदान किया जा सकता है। कैदियों-हवालातियों को उनके केसों में आ रही अड़चनों को भी सुना और समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने जेल में बंद कैदियों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने केस की पैरवी के लिए वकील की जरूरत है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाएं ले सकता है। इस संबंध में लिखित दरखास्त जेल प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण जींद के कार्यालय में भेजनी होगी। महिला जेल कैदियों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी गई। उनके रहन-सहन, स्वास्थ्य जांच, कानूनी जागरूकता से संबंधित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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प्राधिकरण की सचिव व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोनिका ने बताया कि जेल लोक अदालत महीने में दो बार लगाई जाती है। इसमें छोटे-मोटे आपराधिक मामले लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों को 15 दिन के दौरान सजा हुई है उनको अपील के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण तथा हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से मुफ्त वकील प्रदान किया जा सकता है। कैदियों-हवालातियों को उनके केसों में आ रही अड़चनों को भी सुना और समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने जेल में बंद कैदियों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने केस की पैरवी के लिए वकील की जरूरत है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाएं ले सकता है। इस संबंध में लिखित दरखास्त जेल प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण जींद के कार्यालय में भेजनी होगी। महिला जेल कैदियों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी गई। उनके रहन-सहन, स्वास्थ्य जांच, कानूनी जागरूकता से संबंधित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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