फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   1350 dog bite patients reached the Civil Hospital in a month

Jind News: सिविल अस्पताल में एक माह में कुत्ते के काटने के 1350 मरीज पहुंचे

Sun, 09 Nov 2025 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
1350 dog bite patients reached the Civil Hospital in a month
टीका लगवाते रामबाबू दयाल। संवाद
रेवाड़ी। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही शहर में कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सिविल अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले एक माह में 1350 से ज्यादा मरीज डॉग बाइट के इलाज के लिए पहुंचे हैं। औसतन हर दिन 50 से 60 मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मामले गली-मोहल्लों में घूमने वाले कुत्तों के काटने के हैं। ठंड के दिनों में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। सुबह-शाम टहलने या काम पर निकलने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन

चिकित्सकों का कहना है कि काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोकर अस्पताल पहुंचना चाहिए। सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) की सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीपीएल कार्ड धारकों को यह टीका निशुल्क लगाया जाता है जबकि अन्य मरीजों को मामूली शुल्क देना पड़ता है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि कुत्तों को छेड़ने या उनके बहुत करीब जाने से बचें और बच्चों को भी इस बारे में जागरूक करें ताकि संक्रमण के खतरे से बचा जा सके।

सर्दियों के मौसम में सतर्क रहें
चिकित्सकों का कहना है गर्मी से कुत्ते हीट स्ट्रॉक के शिकार होते हैं। वे आक्रामक हो जाते हैं। बारिश में स्किन इंफेक्शन कुत्तों को खतरनाक बनाता है। गुस्से में जो भी सामने आता है, उसे काटने लगता है। इसलिए कुत्ते काटने के मामले ज्यादा आते हैं।

पीएचसी में टीके का प्रावधान ही नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रैबीज टीके उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान ही नहीं है। इस समय जिले की किसी भी पीएचसी में टीका नहीं है। पीड़ितों को सिविल अस्पताल में ही भागना पड़ता है।

बीपीएल को फ्री... बाकी को लगते हैं 100 रुपये में
कुत्ते काटने का इंजेक्शन बीपीएल कार्ड धारकों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क लगता है और अन्य को 100 रुपये की रसीद कटाकर टीके लगवाने पड़ते हैं। फिलहाल सिविल अस्पताल में ही टीके उपलब्ध हैं, बाकी सीएचसी में टीके न होने से वहां इंजेक्शन लगवाने के लिए जाने वाले पीड़ितों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार से टीका 350 रुपये में आता है। ऐसे में 4 टीके लगवाने के लिए कम से कम 1400 रुपये खर्च हो जाते हैं। पीड़ितों ने सीएचसी में भी टीका उपलब्ध करवाने की मांग की है।


शहर में वर्ष 2022 में हुआ था कुत्तों का बधियाकरण
रेवाड़ी शहर में वर्ष 2022 में कुत्तों का बधियाकरण कराया गया था लेकिन कुत्तों के बधियाकरण का असर शहर में नजर नहीं आया। आवारा कुत्तों की संख्या अब भी पहले की तरह बहुत ज्यादा है। इस मसले पर विवाद भी खूब रहा और कुत्तों के बधियाकरण में गड़बड़ी के आरोप भी लगे।

टीका लगवाते रामबाबू दयाल। संवाद

टीका लगवाते रामबाबू दयाल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed