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जिले में 132 अवैध कॉलोनियां, एक को भी वैध कराने के लिए नहीं आया आवेदन
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जींद। जीवन भर की कमाई लगाकर अवैध कॉलोनियों में प्लाट लेने या मकान बनवा चुके लोगों को कार्रवाई से बचाने में कॉलोनाइजर कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए आवेदन मांगे थे लेकिन चार महीने बीतने के बाद अबी तक किसी भी कॉलोनाइजर ने अपनी कॉलोनी को वैध करवाने के लिए आवेदन नहीं किया है। प्रशासन ने अब इन कॉलोनाइजरों को 18 जनवरी 2023 तक मोहलत दी है। इस दौरान जो अवैध कालोनी वैध नहीं कराई गई होगी उसमें तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में करीब 200 कॉलोनियां वैध हैं। 2018 में भी सरकार ने जिले की 70 कॉलोनियों को वैध किया था। जिला नगर योजनाकार विभाग ने पांच महीने पहले ड्रोन से सर्वे किया था। इसमें जिलेभर में 132 कॉलोनियां ऐसी मिली, जो अवैध हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने सरकार से इन कॉलोनियों को वैध करने की अनुमति मांगी। सरकार ने 19 जुलाई 2022 को इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवेदन मांगे थे। इसके तहत नगर परिषद और नगरपालिका की सीमा से बाहर पड़ने वाली अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए छह माह की समय अवधि दी गई। इन कॉलोनियों में रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आवासीय कल्याण संघ) का होना जरूरी है।
जो कॉलोनियां एक जुलाई 2022 से पहले बनी हों, उनके ही आवेदन स्वीकार किए जाने थे। इसके लिए कॉलोनाइजरों को कॉलोनी में बेचे गए प्लाट की रजिस्ट्री, प्लाट मालिकों की सूची, जिस गांव व कस्बे में कॉलोनी है, उसकी गुगल सेटेलाइट मार्क, कॉलोनी का लेआउट प्लान, कॉलोनी की बाउंडरी वॉल, बने हुए प्लाट, कुल प्लाट, खाली प्लाट, मौजूदा सामुदायिक साइट, पार्क, स्कूल, मेडिकल स्टोर, मंदिर, पाइप लाइन, सीवरेज लाइन, गैस पाइप लाइन, सरकारी भूमि आदि को उनकी लंबाई, चौड़ाई व क्षेत्र का पूर्ण विवरण के साथ आवेदन करना था। इसके अलावा डेवलपमेंट चार्ज, नियमितीकरण चार्ज जमा करवाने का शपथ पत्र देना था। खाली जगह का दस प्रतिशत कलेक्टर रेट व खाली जगह का पांच प्रतिशत कलेक्टर रेट भी जमा करवाना था, लेकिन अभी तक एक भी कॉलोनाइजर ने अपनी कॉलोनी को वैध करवाने के लिए आवेदन नहीं किया है।
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जिला नगर योजनाकार विभाग ने छह माह पहले की थी कार्रवाई
जिला नगर योजनाकार विभाग ने छह महीने पहले जिले में अवैध कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इसमें कई स्थानों पर बने मकानों व चाहरदीवार को गिरा दिया गया था। इससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ था। इसके बाद सरकार ने जुलाई में अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन मांगने के दिन से जिला नगर योजनाकार विभाग ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई रोक दी थी। अब यदि लोगों ने इन कॉलोनियों को वैध नहीं करवाया तो फिर से प्रशासन इन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाएगा।
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अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने का मौका दिया गया है। 18 जनवरी 2023 तक जिन लोगों ने कॉलोनी काटी हैं, वह आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया है। लोगों के पास फिलहाल अपनी कॉलोनियों को वैध करवाने का मौका है। इसके बाद इन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाएगी।-अरविंद्र ढुल, जिला नगर योजनाकार।
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जिले में करीब 200 कॉलोनियां वैध हैं। 2018 में भी सरकार ने जिले की 70 कॉलोनियों को वैध किया था। जिला नगर योजनाकार विभाग ने पांच महीने पहले ड्रोन से सर्वे किया था। इसमें जिलेभर में 132 कॉलोनियां ऐसी मिली, जो अवैध हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने सरकार से इन कॉलोनियों को वैध करने की अनुमति मांगी। सरकार ने 19 जुलाई 2022 को इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवेदन मांगे थे। इसके तहत नगर परिषद और नगरपालिका की सीमा से बाहर पड़ने वाली अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए छह माह की समय अवधि दी गई। इन कॉलोनियों में रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आवासीय कल्याण संघ) का होना जरूरी है।
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जो कॉलोनियां एक जुलाई 2022 से पहले बनी हों, उनके ही आवेदन स्वीकार किए जाने थे। इसके लिए कॉलोनाइजरों को कॉलोनी में बेचे गए प्लाट की रजिस्ट्री, प्लाट मालिकों की सूची, जिस गांव व कस्बे में कॉलोनी है, उसकी गुगल सेटेलाइट मार्क, कॉलोनी का लेआउट प्लान, कॉलोनी की बाउंडरी वॉल, बने हुए प्लाट, कुल प्लाट, खाली प्लाट, मौजूदा सामुदायिक साइट, पार्क, स्कूल, मेडिकल स्टोर, मंदिर, पाइप लाइन, सीवरेज लाइन, गैस पाइप लाइन, सरकारी भूमि आदि को उनकी लंबाई, चौड़ाई व क्षेत्र का पूर्ण विवरण के साथ आवेदन करना था। इसके अलावा डेवलपमेंट चार्ज, नियमितीकरण चार्ज जमा करवाने का शपथ पत्र देना था। खाली जगह का दस प्रतिशत कलेक्टर रेट व खाली जगह का पांच प्रतिशत कलेक्टर रेट भी जमा करवाना था, लेकिन अभी तक एक भी कॉलोनाइजर ने अपनी कॉलोनी को वैध करवाने के लिए आवेदन नहीं किया है।
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जिला नगर योजनाकार विभाग ने छह माह पहले की थी कार्रवाई
जिला नगर योजनाकार विभाग ने छह महीने पहले जिले में अवैध कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इसमें कई स्थानों पर बने मकानों व चाहरदीवार को गिरा दिया गया था। इससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ था। इसके बाद सरकार ने जुलाई में अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन मांगने के दिन से जिला नगर योजनाकार विभाग ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई रोक दी थी। अब यदि लोगों ने इन कॉलोनियों को वैध नहीं करवाया तो फिर से प्रशासन इन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाएगा।
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अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने का मौका दिया गया है। 18 जनवरी 2023 तक जिन लोगों ने कॉलोनी काटी हैं, वह आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल कोई आवेदन नहीं आया है। लोगों के पास फिलहाल अपनी कॉलोनियों को वैध करवाने का मौका है। इसके बाद इन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाएगी।-अरविंद्र ढुल, जिला नगर योजनाकार।