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मौसम के बदलते तेवरों से किसान परेशान, आगामी तीन दिनों तक मौसम में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव
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मौसम के बदलते तेवरों से किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पश्चिमी क्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम के बदले तेवरों ने किसानों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। सोमवार सुबह बादलों की गर्जना के साथ तेज हवा चली और हलकी बूंदाबांदी भी हुई। मौसम के तेवरों को देखकर किसानों के चेहरों की चिंता बढ़ने लगी। सोमवार सुबह तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर सूरज तथा बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही और बूंदाबांदी के आसार भी लगातार बने रहे। सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्र्दता 54 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि हवा की गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक गर्जना के साथ बूंदाबांदी तथा तेज हवा चलने के आसार हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम साफ बना हुआ था। न्यूनतम तथा अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी जारी रही। बूंदाबांदी के चलते मौसम का मिजाज ठंडा रहा। मौसम के करवट लेने से किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है। फसलें पकने को हैं। इस दौरान अगर ज्यादा हवा और बारिश हुई तो गेहूं, सरसों, चने की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। अगर मौसम ज्यादा लंबे समय तक खराब रहता है तो फसलों की पकाई में भी परेशानी हो सकती है। पांडु पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. यशपाल मलिक ने बताया कि पश्चिमी क्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आया है। बूंदाबांदी या बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। अगर बारिश के दौरान हवा तेज चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। अगले तीन दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव की लगातार संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पश्चिमी क्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम के बदले तेवरों ने किसानों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। सोमवार सुबह बादलों की गर्जना के साथ तेज हवा चली और हलकी बूंदाबांदी भी हुई। मौसम के तेवरों को देखकर किसानों के चेहरों की चिंता बढ़ने लगी। सोमवार सुबह तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर सूरज तथा बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही और बूंदाबांदी के आसार भी लगातार बने रहे। सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्र्दता 54 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि हवा की गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक गर्जना के साथ बूंदाबांदी तथा तेज हवा चलने के आसार हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम साफ बना हुआ था। न्यूनतम तथा अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी जारी रही। बूंदाबांदी के चलते मौसम का मिजाज ठंडा रहा। मौसम के करवट लेने से किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है। फसलें पकने को हैं। इस दौरान अगर ज्यादा हवा और बारिश हुई तो गेहूं, सरसों, चने की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। अगर मौसम ज्यादा लंबे समय तक खराब रहता है तो फसलों की पकाई में भी परेशानी हो सकती है। पांडु पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. यशपाल मलिक ने बताया कि पश्चिमी क्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आया है। बूंदाबांदी या बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। अगर बारिश के दौरान हवा तेज चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। अगले तीन दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव की लगातार संभावना है।
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