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मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मणों ने अर्धनग्न होकर जताया विरोध
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:38 AM IST
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मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मणों ने अर्धनग्न होकर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। माता बनभौरी मंदिर सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोगों ने अर्धनग्न होकर रोष जताया। ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित, कांग्रेस सेवा दल के जिला कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र कौशिक और ब्राह्मण सभा के महासचिव ओमनारायण शर्मा ने प्रेस वार्ता कर सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
इन लोगों ने कहा कि जब से प्रदेश व देश में भाजपा की सरकार बनी है, ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव हो रहा है। चाहे वह ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण का मामला हो या चेयरमैन और पार्षद मनोनीत करने का। ब्राह्मण समाज की लगातार उपेक्षा हो रही है। अब सरकार ने माता बनभोरी मंदिर का सरकारीकरण करने का फैसला लिया है। यह फैसला भी भाजपा नेताओं के इशारे पर सरकार ने किया है। ब्राह्मणों पर प्रताड़ना को रोकने के लिए सिर पर कफन बांध चुके। हरीराम दीक्षित ने कहा कि 15 जनवरी तक इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो ब्राह्मण समाज दिल्ली में जाकर प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर सुधीर कौशिक, कौशिक खाप के प्रधान बलवान कौशिक, राजेश कौशिक, भगवान परशुराम सेवा धाम के प्रधान आशुतोष शर्मा, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, अशोक कुमार बलराम शर्मा, सुखलाल कौशिक, रामफल शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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युवाओं ने जताया मंदिर को सरकार के अधीन लेने का विरोध
उचाना। हनुमान मंदिर में युवाओं की बैठक हुई। इसमें सरकार द्वारा बनभौरी मंदिर को सरकार के अधीन लेने का विरोध प्रकट किया। इससे पूर्व हवन करके सीएम को सद् बुद्धि देने की प्रार्थना भगवान से की। राजेंद्र शर्मा उचाना ने कहा कि सरकार ने वापस मंदिर की देखभाल का जिम्मा वर्षों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार को सौंपा गया है।
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। माता बनभौरी मंदिर सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोगों ने अर्धनग्न होकर रोष जताया। ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित, कांग्रेस सेवा दल के जिला कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र कौशिक और ब्राह्मण सभा के महासचिव ओमनारायण शर्मा ने प्रेस वार्ता कर सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
इन लोगों ने कहा कि जब से प्रदेश व देश में भाजपा की सरकार बनी है, ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव हो रहा है। चाहे वह ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण का मामला हो या चेयरमैन और पार्षद मनोनीत करने का। ब्राह्मण समाज की लगातार उपेक्षा हो रही है। अब सरकार ने माता बनभोरी मंदिर का सरकारीकरण करने का फैसला लिया है। यह फैसला भी भाजपा नेताओं के इशारे पर सरकार ने किया है। ब्राह्मणों पर प्रताड़ना को रोकने के लिए सिर पर कफन बांध चुके। हरीराम दीक्षित ने कहा कि 15 जनवरी तक इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो ब्राह्मण समाज दिल्ली में जाकर प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर सुधीर कौशिक, कौशिक खाप के प्रधान बलवान कौशिक, राजेश कौशिक, भगवान परशुराम सेवा धाम के प्रधान आशुतोष शर्मा, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, अशोक कुमार बलराम शर्मा, सुखलाल कौशिक, रामफल शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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युवाओं ने जताया मंदिर को सरकार के अधीन लेने का विरोध
उचाना। हनुमान मंदिर में युवाओं की बैठक हुई। इसमें सरकार द्वारा बनभौरी मंदिर को सरकार के अधीन लेने का विरोध प्रकट किया। इससे पूर्व हवन करके सीएम को सद् बुद्धि देने की प्रार्थना भगवान से की। राजेंद्र शर्मा उचाना ने कहा कि सरकार ने वापस मंदिर की देखभाल का जिम्मा वर्षों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार को सौंपा गया है।
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