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होंगी प्रशासन की आठ शर्तें
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:15 AM IST
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सांसद को माननी होगी प्रशासन की आठ शर्तें
जींद। पूरे विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने रविवार को होने वाली रैली के लिए प्रशासन ने आठ शर्तों के साथ सांसद राजकुमार सैनी को कार्यक्रम की मंजूरी दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो यह पहली राजनीतिक रैली है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा शर्तें रखी गई हैं सांसद के लोकतंत्र सुरक्षा मंच की रैली की तैयारी पिछले करीब छह महीने से चल रही हैं। इसको लेकर हालांकि कई बार खुद सांसद राजकुमार सैनी भी जींद का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद के लिए रैली में बड़ा टारगेट तय किया है। वहीं प्रशासन द्वारा लगाई कई शर्तों के अनुसार सांसद राजकुमार सैनी या रैली के मंच से कोई ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द खराब हो सकता है। वहीं रैली के मंच से किसी भी जाति के बारे कोई अपशब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा रैली के दौरान तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं, साफ सफाई जैसी सामान्य शर्तें हैं, जो प्रशासन हर आयोजन पर लगाता है। एक ओर जहां सांसद राजकुमार सैनी जाट समाज और चौधरी सर छोटूराम के खिलाफ बोलकर चर्चा में हैं, वहीं जाट समाज के लोग भी उनसे काफी खफा हैं। ऐसे में उनके समर्थक भी सांसद राजकुमार सैनी से यह सब सुनना चाहते हैं। अब देखना होगा कि सांसद राजकुमार सैनी अपने कार्यकर्ताओं का मन रखते हैं, या फिर प्रशासनिक शर्तों में बंधकर रैली करते हैं।
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जींद। पूरे विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने रविवार को होने वाली रैली के लिए प्रशासन ने आठ शर्तों के साथ सांसद राजकुमार सैनी को कार्यक्रम की मंजूरी दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो यह पहली राजनीतिक रैली है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा शर्तें रखी गई हैं सांसद के लोकतंत्र सुरक्षा मंच की रैली की तैयारी पिछले करीब छह महीने से चल रही हैं। इसको लेकर हालांकि कई बार खुद सांसद राजकुमार सैनी भी जींद का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद के लिए रैली में बड़ा टारगेट तय किया है। वहीं प्रशासन द्वारा लगाई कई शर्तों के अनुसार सांसद राजकुमार सैनी या रैली के मंच से कोई ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द खराब हो सकता है। वहीं रैली के मंच से किसी भी जाति के बारे कोई अपशब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा रैली के दौरान तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं, साफ सफाई जैसी सामान्य शर्तें हैं, जो प्रशासन हर आयोजन पर लगाता है। एक ओर जहां सांसद राजकुमार सैनी जाट समाज और चौधरी सर छोटूराम के खिलाफ बोलकर चर्चा में हैं, वहीं जाट समाज के लोग भी उनसे काफी खफा हैं। ऐसे में उनके समर्थक भी सांसद राजकुमार सैनी से यह सब सुनना चाहते हैं। अब देखना होगा कि सांसद राजकुमार सैनी अपने कार्यकर्ताओं का मन रखते हैं, या फिर प्रशासनिक शर्तों में बंधकर रैली करते हैं।