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प्रस्तावित एंकर
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:02 PM IST
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नोटबंदी का एक साल पूरा, सराफा बाजार में रहा मिलाजुला असर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नोटबंदी के साल पूरा होने पर सराफा बाजार में व्यापार में मिला जुला असर देखने को मिला है। नोटबंदी के बाद एकदम से देशभर में कैशलैश सिस्टम हावी हो गया था, लेकिन करेंसी की कमी के चलते देशभर में प्राइवेट साइट के सहारे लोगों अपनी सामान की खरीददारी शुरू की थी, लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया वैसे-वैसे करेंसी का मामला भी ठीक होता गया।
वहीं सराफा बाजार के व्यापारियों की भी अलग-अलग राय है, कुछ व्यापारी का कहना है, नोटबंदी के बाद से कामकाज काफी धीमा हो गया है, बताया कि लोगों के पास मे करेंसी की काफी कमी है, जिससे लोग खरीददारी नहीं कर पा रहे और एटीएम से खरीददारी करने पर बैंक अलग से चार्ज वसूल करते हैं, इसीलिए लोग कैशलैश सिस्टम को भी नहीं अपना रहे। जिससे स्वर्ण बाजार में काफी धीमा है, और कुछ व्यापारियों ने बताया कि नोटबंदी से कोई खास फर्क नहीं पड़ा ग्राहक पहले कैश लेकर खरीददारी करता था, लेकिन अब स्वाइप मशीन के द्वारा भी खरीददारी कर रहा है। बताया कि लोगों को पहले ऑनलाइन, चेक, स्वाइप मशीन व मोबाइल ऐप जानकारी कम थी, लेकिन अब यह समस्या नहीं है, लोग अपने तरीके से खरीददारी कर रहे हैं।
नोटबंदी से कोई खास फर्क नहीं
नोटबंदी के एक साल पुरा होने पर व्यापार में कोई खास फर्क नहीं पड़ा हैं। नोटबंदी के बाद कुछ माह करेंसी की परेशानी हुई, लेकिन मोबाइल ऐप, चेक, स्वाइप मशीन व ऑनलाइन बैंकिंग द्वारा खरीददारी शुरू कर दी। मगर अब हालात सामान्य हो चुके है, करेंसी की कोई पेरशानी नहीं है। लोग अपने तरीके से खरीददारी कर रहे हैं।
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सुमित भारद्वाज, सराफा व्यापारी।
सराफा बाजार को हुआ नुकसान
नोटबंदी के एक साल के दौरान सराफा व्यापार को काफी नुकसान हुआ है। नोटबंदी के बाद से लोगों के पास करेंसी की कमी है, इससे वह खरीददारी नहीं कर पा रहा। एटीएम से खरीददारी करने पर बैंक चार्ज वसूली करता है, जिससे लोग स्वाइप से भी खरीददारी करने कतरा रहे है, इससे सराफा बाजार काफी धीमा हो गया है।
प्रदीप भोला, सराफा व्यापारी।
ठीक ठाक रहा नोटबंदी का एक साल
नोटबंदी के एक साल पूरा होने के बाद व्यापार वर्ग ठीक ठाक रहा है। नोटबंदी के शुरूआती दिनों में कुछ परेशानी आई थी, लेकिन अब यह परेशानी भी दूर हो चुकी है। ग्राहक अब ऑनलाइन बैंकिंग से खरीददारी कर रहे है, नोटबंदी से पहले लोग ऑनलाइन सिस्टम के बारे जानकारी कम थी, लेकिन अब अपने तरीके से खरीददारी कर रहे है।
भारत भूषण, सराफा व्यापारी।
नोटंबदी के बाद से एक साल बाद अब हालात सामान्य हो चुके है। लोग पहले कैश लेकर चलते थे, जिससे लूटपाट होने का खतरा बना रहता था, लेकिन अब यह परेशानी भी दूर हो चुकी है। लोग चेक और स्वाइप मशीन से अधिक खरीददारी कर रहे है। इससे काम ओर भी सुरिक्षत हो गया।
पृथ्वीचंद, सराफा व्यापारी।
सराफा बाजार में जबरदस्त गिरावट
नोटबंदी के एक साल के दौरान सराफा व्यापार में जबरदस्त गिरावट आई है। नोटबंदी के बाद से प्रापर्ट्री के दामों काफी गिरावट आई है, इससे सराफा बाजार को नुकसान हुआ। अब भी करेंसी का काफी परेशानी रहती है। लोग ऑनलाइन बैंकिंग से खरीददारी करने को कतरा रहे है, क्योकि बैंक भी अलग से चार्ज वसूली करता है।
दौलतराम, सराफा व्यापारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नोटबंदी के साल पूरा होने पर सराफा बाजार में व्यापार में मिला जुला असर देखने को मिला है। नोटबंदी के बाद एकदम से देशभर में कैशलैश सिस्टम हावी हो गया था, लेकिन करेंसी की कमी के चलते देशभर में प्राइवेट साइट के सहारे लोगों अपनी सामान की खरीददारी शुरू की थी, लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया वैसे-वैसे करेंसी का मामला भी ठीक होता गया।
वहीं सराफा बाजार के व्यापारियों की भी अलग-अलग राय है, कुछ व्यापारी का कहना है, नोटबंदी के बाद से कामकाज काफी धीमा हो गया है, बताया कि लोगों के पास मे करेंसी की काफी कमी है, जिससे लोग खरीददारी नहीं कर पा रहे और एटीएम से खरीददारी करने पर बैंक अलग से चार्ज वसूल करते हैं, इसीलिए लोग कैशलैश सिस्टम को भी नहीं अपना रहे। जिससे स्वर्ण बाजार में काफी धीमा है, और कुछ व्यापारियों ने बताया कि नोटबंदी से कोई खास फर्क नहीं पड़ा ग्राहक पहले कैश लेकर खरीददारी करता था, लेकिन अब स्वाइप मशीन के द्वारा भी खरीददारी कर रहा है। बताया कि लोगों को पहले ऑनलाइन, चेक, स्वाइप मशीन व मोबाइल ऐप जानकारी कम थी, लेकिन अब यह समस्या नहीं है, लोग अपने तरीके से खरीददारी कर रहे हैं।
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नोटबंदी से कोई खास फर्क नहीं
नोटबंदी के एक साल पुरा होने पर व्यापार में कोई खास फर्क नहीं पड़ा हैं। नोटबंदी के बाद कुछ माह करेंसी की परेशानी हुई, लेकिन मोबाइल ऐप, चेक, स्वाइप मशीन व ऑनलाइन बैंकिंग द्वारा खरीददारी शुरू कर दी। मगर अब हालात सामान्य हो चुके है, करेंसी की कोई पेरशानी नहीं है। लोग अपने तरीके से खरीददारी कर रहे हैं।
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सुमित भारद्वाज, सराफा व्यापारी।
सराफा बाजार को हुआ नुकसान
नोटबंदी के एक साल के दौरान सराफा व्यापार को काफी नुकसान हुआ है। नोटबंदी के बाद से लोगों के पास करेंसी की कमी है, इससे वह खरीददारी नहीं कर पा रहा। एटीएम से खरीददारी करने पर बैंक चार्ज वसूली करता है, जिससे लोग स्वाइप से भी खरीददारी करने कतरा रहे है, इससे सराफा बाजार काफी धीमा हो गया है।
प्रदीप भोला, सराफा व्यापारी।
ठीक ठाक रहा नोटबंदी का एक साल
नोटबंदी के एक साल पूरा होने के बाद व्यापार वर्ग ठीक ठाक रहा है। नोटबंदी के शुरूआती दिनों में कुछ परेशानी आई थी, लेकिन अब यह परेशानी भी दूर हो चुकी है। ग्राहक अब ऑनलाइन बैंकिंग से खरीददारी कर रहे है, नोटबंदी से पहले लोग ऑनलाइन सिस्टम के बारे जानकारी कम थी, लेकिन अब अपने तरीके से खरीददारी कर रहे है।
भारत भूषण, सराफा व्यापारी।
नोटंबदी के बाद से एक साल बाद अब हालात सामान्य हो चुके है। लोग पहले कैश लेकर चलते थे, जिससे लूटपाट होने का खतरा बना रहता था, लेकिन अब यह परेशानी भी दूर हो चुकी है। लोग चेक और स्वाइप मशीन से अधिक खरीददारी कर रहे है। इससे काम ओर भी सुरिक्षत हो गया।
पृथ्वीचंद, सराफा व्यापारी।
सराफा बाजार में जबरदस्त गिरावट
नोटबंदी के एक साल के दौरान सराफा व्यापार में जबरदस्त गिरावट आई है। नोटबंदी के बाद से प्रापर्ट्री के दामों काफी गिरावट आई है, इससे सराफा बाजार को नुकसान हुआ। अब भी करेंसी का काफी परेशानी रहती है। लोग ऑनलाइन बैंकिंग से खरीददारी करने को कतरा रहे है, क्योकि बैंक भी अलग से चार्ज वसूली करता है।
दौलतराम, सराफा व्यापारी।