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नागरिक अस्पताल से रानी तालाब तक प्रदर्शन कर एमपीएचडब्ल्यू ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जताया रोष
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:28 AM IST
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नागरिक अस्पताल से रानी तालाब तक एमपीएचडब्ल्यू कर्मियों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने वीरवार को दोपहर तक सरकार के खिलाफ नागरिक अस्पताल में धरना देकर शहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने जिला प्रधान संदीप कुंडू ने कहा कि वे 11 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार की हठधर्मिता के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वास के बाद की इन स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों को नहीं माना है। सुरेश मांगलपुर ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून का तुगलकी फरमान लागू किया है। इसको कर्मचारी किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ से फूल सिंह श्योकंद ,रामफल दलाल, इंद्र सिंह बधाना, राजबीर बेरवाल ने एमपीएचडब्लू की मागों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर संज्ञान नहीं लिया तो सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर तमाम विभागों के कर्मचारी आंदोलन में खड़े होकर सरकार की नींव को हिलाने का काम करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने वीरवार को दोपहर तक सरकार के खिलाफ नागरिक अस्पताल में धरना देकर शहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने जिला प्रधान संदीप कुंडू ने कहा कि वे 11 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार की हठधर्मिता के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वास के बाद की इन स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों को नहीं माना है। सुरेश मांगलपुर ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून का तुगलकी फरमान लागू किया है। इसको कर्मचारी किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ से फूल सिंह श्योकंद ,रामफल दलाल, इंद्र सिंह बधाना, राजबीर बेरवाल ने एमपीएचडब्लू की मागों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर संज्ञान नहीं लिया तो सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर तमाम विभागों के कर्मचारी आंदोलन में खड़े होकर सरकार की नींव को हिलाने का काम करेंगे।